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ब्रेकिंग समाचार –  गर्मी से पहले मंडराने लगा ‘जल संकट’,भ्रष्टाचार पर आर-पार या राजनीतिक बदला, रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर,BJP-BJD में नहीं बनी बात,अलग अलग लड़ेंगे

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केजरीवाल ने गिरफ्तारी के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका वापस ली,उच्च न्यायालय ने मदरसा शिक्षा अधिनियम 2004 को ‘असंवैधानिक’ घोषित किया,प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भूटान पहुंचे, भव्य स्वागत हुआ,बिहार में निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिरा, एक मजदूर की मौत, नौ घायल,सिंधू , सेन हारे, श्रीकांत और राजावत स्विस ओपन के क्वार्टर फाइनल में

गर्मी से पहले मंडराने लगा ‘जल संकट’, देशभर के जलाशयों में महज 38 प्रतिशत ही जमा हो पाया पानी

गर्मी के मौसम से पहले भारत के 150 प्रमुख जलाशयों में भंडारण क्षमता उनकी कुल क्षमता का केवल 38 प्रतिशत है, जो पिछले दशक की इसी अवधि के औसत से कम है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। बेंगलुरु जैसे शहर पहले से ही 2,600 मिलियन (दस लाख) लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) की मांग के मुकाबले लगभग 500 एमएलडी पानी की कमी से जूझ रहे हैं।

कर्नाटक में जल भंडारण के स्तर में आई कमी

केंद्रीय जल आयोग के साप्ताहिक बुलेटिन के अनुसार, अन्य राज्यों में से कर्नाटक में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में जल भंडारण के स्तर में कमी दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं) और तमिलनाडु सहित कई अन्य राज्यों ने भी पिछले वर्ष की तुलना में कम भंडारण स्तर की सूचना दी है

क्या कहते हैं आंकड़े

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन 150 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 178.784 अरब घन मीटर (बीसीएम) है, जो देश की कुल अनुमानित भंडारण क्षमता 257.812 बीसीएम का लगभग 69.35 प्रतिशत है।बृहस्पतिवार को जारी जलाशय भंडारण बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में उपलब्ध भंडारण 67.591 बीसीएम है, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का 38 प्रतिशत है।

करप्शन पर आर-पार या राजनीतिक बदला? भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद हैं विपक्ष के कई सूरमा

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गुरुवार देर रात को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं को चुनाव प्रचार करने से रोकना चाहती है, इसलिए चुन-चुन कर विपक्षी नेताओं को जेल में डाला जा रहा है। यहां सवाल खड़ा होता है कि बीजेपी क्या राजनीतिक द्वेष से विपक्षी दलों को निशाना बना रही है या फिर ये भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई है। दूसरी तरफ पीएम मोदी ने 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी थी। पीएम मोदी अक्सर चुनावी मंचों पर कहते हैं कि भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। उधर जो विपक्षी नेता जेल में है उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से दिग्गज नेता अभी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन सलाखों के पीछे

ED ने दिल्ली के पूर्व मंत्री और AAP नेता सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को लेकर 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। ED ने आरोप लगाया था कि उन्होंने उनसे जुड़ी 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की। ये भी आरोप था कि फर्जी कंपनियों के जरिए आए पैसे का इस्तेमाल जमीन खरीदने या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद के लिए लिए गए लोन की अदायगी के लिए किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार 18 मार्च को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। जैन 26 मई 2023 से मेडिकल बेल पर थे।

दिल्ली शराब घोटाले में के.कविता पर भी गिरी गाज​


तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता को ईडी ने बीते 15 मार्च को गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने दिल्ली शराब घोटाला केस में भारत राष्ट्र समिति (BRS) की एमएलसी कविता के आवास पर छापेमारी की थी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रेड के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। कुछ घंटों तक चली तलाशी के बाद ईडी अधिकारी उन्हें लेकर दिल्ली रवाना हो गई थी। वहीं जैसे ही के कविता को गिरफ्तार करने की जानकारी फैली उनके आवास के बाहर अफरातफरी का माहौल हो गया था। भारत राष्ट्र समिति के नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने इस गिरफ्तारी को अवैध बताया था।

जमीन घोटाले में हेमंत सोरेन पहुंचे जेल​


कुछ महीने पहले झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन पर ईडी ने कथित जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। उन्हें भी ईडी ने केजरीवाल की तरह 10 समन जारी किए गए थे। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी से पहले, जांच एजेंसी ने सोरेन से तकरीबन 8 घंटे पूछताछ की थी और फिर उन्हें अरेस्टर किया गया था। ईडी नेे हेमंत सोरेन के आवास से 36 लाख रुपये से अधिक की नकदी के साथ-साथ भूमि के कथित अधिग्रहण की चल रही जांच से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए थे।

शराब घोटाले में सिसोदिया को जेल

दिल्ली शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने जांच के दौरान आप नेता मनीष सिसोदिया के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी और फिर 26 फरवरी, 2023 को लंबी पूछताछ के बाद मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच शुरू की और सिसोदिया को ईडी ने भी गिरफ्तार कर लिया था। वह अभी जेल में हैं।

शराब घोटाले में संजय सिंह को हुई जेल​

4 अक्टूबर 2023 को संजय सिंह को शराब घोटाले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किया था। संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर तीखा हमला किया था। AAP ने कहा था संजय सिंह संसद में बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ मुखर रहते हैं, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

शराब घोटाले में फंसे केजरीवाल

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में गुरुवार रात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा केजरीवाल को एजेंसी की किसी दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने से इनकार करने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पद पर रहने के दौरान किसी मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी का यह पहला मामला है। अधिकारियों ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के शीघ्र बाद, ईडी की एक टीम उनके आवास पर पहुंची और तलाशी ली। इसके बाद, केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया।

राशन घोटाले में ममता के मंत्री पहुंचे जेल

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक को राशन घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए ईडी ने गिरफ्तार किया था। वह 2011 और 2021 के बीच राज्य के खाद्य मंत्री थे। वह अभी जेल में हैं। इसके अलावा मणिक भट्टाचार्य, जीबन कृष्ण साहा और अनुब्रत मंडल जैसे पार्टी के अन्य वरिष्ठ टीएमसी नेता, विधायक और मंत्री स्कूल भर्ती घोटाला और मवेशी तस्कीर घोटाले में संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किए गए थे। मामला कोर्ट में है।

शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी पहुंचे जेल​

पश्चिम बंगाल में हुए शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में पार्थ चटर्जी को 2022 में जुलाई के महीने में ईडी ने गिरफ्तार किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बंगाल के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये का कैश बरामद किया था। वह अभी जेल में हैं। मामला कोर्ट में हैं।

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से लगातार केंद्र की मोदी सरकार निशाने पर है. आप सहित विपक्ष के कई दलों ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को सियासी साजिश करार दिया है. जानबूझकर विपक्ष के नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का मोदी सरकार द्वारा दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है. लेकिन आबकारी नीति में गिरफ्तार हुए अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के कोई पहले नहीं हैं जो जेल गए हैं

आप के अब तक 11 बड़े नेताओं को जेल की हवा खानी पड़ी है. यहां तक कि कई नेताओं को महीनों जमानत नहीं मिली है. अब दिल्ली आबकारी नीति में अरविंद की गिरफ्तारी ने नया सियासी भूचाल मचा दिया है. इसके पहले भी अरविंद केजरीवाल के कई बड़े नेताओं को जेल जाना पड़ा है. इसमें उनके खास नेताओं में शामिल रहे मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे नाम भी शामिल हैं. 

संजय सिंह : दिल्ली के शराब नीति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लेते हुए आप सांसद संजय सिंह को अक्टूबर, 2023 में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वो जेल में बंद हैं।

मनीष सिसोदिया : दिल्ली में आबकारी नीति घोटाले में सीबीआई ने आप नेता और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वो जेल में हैं।

सत्येंद्र जैन : ED ने दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर रहे सत्येंद्र जैन को भी गिरफ्तार किया है। सत्येन्द्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। वो भी जेल में हैं।

सोमनाथ भारती : आप नेता सोमनाथ भारती भी विवादों में रहे हैं। 2013 में पत्नी लिपिका ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई थी। यूपी में विवादित बयान के बाद वो गिरफ्तार हुए थे।

अमानतुल्लाह खान : आप विधायक अमानतुल्लाह खान को वक्फ बोर्ड के कामकाज में गड़बड़ियों के चलते एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। बाद में अमानतुल्लाह को गिरफ्तार भी किया गया था।

ताहिर हुसैन : आम आदमी पार्टी का पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन मार्च 2020 में हुए दिल्ली दंगों का मुख्य आरोपी है। आप ने बाद में ताहिर हुसैन को पार्टी से हटा दिया था। ताहिर हुसैन फिलहाल जेल में है।

गीता रावत : दिल्ली में आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को फरवरी 2022 में CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

विजय नायर : आम आदमी पार्टी के नेता विजय नायर को CBI ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में गिरफ्तार किया था। आबकारी नीति पर हुई हरेक गतिविधि में विजय नायर शामिल था।

प्रकाश जारवाल : देवली से आप विधायक प्रकाश जारवाल साल 2017 में एक 53 साल की महिला से बदसलूकी के आरोप में फंस गए थे। बाद में पुलिस ने विधायक प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार कर लिया था।

विजय सिंगला : पंजाब सरकार में स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उन पर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े टेंडर में एक प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप थे।

जितेंद्र तोमर : 2015 में दिल्ली सरकार में कानून मंत्री रहे जितेन्द्र सिंह तोमर पर वकालत की फर्जी डिग्री रखने के आरोप लगे थे। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

केसीआर की बेटी के. कविता को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार बीआरएस नेता के. कविता को शुक्रवार को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने शीर्ष अदालत में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली एक विशेष पीठ ने कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति के लिए वैधानिक प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जो सीधे शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर सकता है। शीर्ष अदालत ने कविता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा कि वह जमानत के लिए निचली अदालत से संपर्क करें। पीठ में न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और बेला एम. त्रिवेदी भी शामिल थे।

विशेष पीठ ने कविता की एक याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया और उनकी याचिका को अन्य लंबित याचिकाओं के साथ टैग करने का निर्देश दिया। याचिका में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों को चुनौती दी गई है।शीर्ष अदालत ने मंगलवार को ईडी के समन के खिलाफ बीआरएस नेता द्वारा दायर याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी क्योंकि 15 मार्च को केंद्रीय एजेंसी द्वारा उनकी गिरफ्तारी के बाद यह याचिका निरर्थक हो गई थी।

कविता को अंतरिम राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में ईडी से कहा था कि वह आप के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की अब रद्द हो चुकी शराब नीति के खिलाफ चल रही जांच में सुनवाई की अगली तारीख तक उनकी उपस्थिति पर जोर न दे। बाद में यह अंतरिम संरक्षण 13 मार्च तक बढ़ा दिया गया था।
बीआरएस सुप्रीमो और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी कविता को 15 मार्च को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया और दिल्ली लाया गया। दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें ईडी की हिरासत में भेज दिया था।

सीएम के माथे पर दिखीं चिंता की लकीरें, तीन घंटे चली सुनवाई; छावनी में तब्दील रहा अदालत परिसर

मुख्ममंत्री केजरीवाल की पेशी के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। दीन दयाल उपाध्याय मार्ग दो स्तर की सुरक्षा का घिरा दिखा। दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) व अर्धसैनिक बल की टुकड़ी तैनात रही। वहीं, कोर्ट के आसपास बैरिकेडिंग की गई। पुलिस आयुक्त व सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी भी मुख्यमंत्री आवास के पास मौके पर तैनात रहे। सुरक्षा बल बिना आईडी कार्ड किसी को प्रवेश नहीं दे रहे थे। सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा।जैसे ही केजरीवाल अदालत में पेश हुए, वैसे ही उनके माथे पर चिंता की लकीरों को साफ देखा जा सकता था। वह कई बार मायूस नजर आए।

जैसे ही केजरीवाल अदालत में पेश हुए, वैसे ही उनके माथे पर चिंता की लकीरों को साफ देखा जा सकता था। वह कई बार मायूस नजर आए। कोर्ट की कार्यवाही के बीच वह करीब तीन बार बीच में कुछ देर के लिए छोड़कर गए। इस बीच कोर्ट रूम में एक अलग सी शांति महसूस की गई।

कोर्ट परिसर के अंदर दिल्ली पुलिस की कई टुकड़ियां पांचवें माले तक तैनात दिखीं। वहीं, वेटिंग एरिया सुरक्षा के जवानों से खचाखच भरे रहे। 2 बजे के बाद किसी अधिवक्ता को कोर्ट रूम में अंदर आने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। कोर्ट रूम के बाहर अधिवक्ता कोर्ट परिसर के अंदर दाखिल होने के लिए जद्दोजहद करते रहे। साथ ही, वह नारेबाजी भी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की ओर से उन्हें कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं दिया गया। 

ईडी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता एएसजे जेवी राजू को भी कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। सहायक पुलिस आयुक्त की स्वीकृति के बाद उन्हें प्रवेश मिला। कोर्ट रूम में खचाखच भरा रहा। सारे अधिवक्ता सुनवाई सुनने आए। सुनवाई तकरीबन तीन घंटे तक चली।

शशि थरूर को टक्कर देने भाजपा ने केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर को उतारा, दिलचस्प होगा मुकाबला

देश में सबसे अधिक साक्षरता दर वाले राज्य केरल के सहारे भाजपा दक्षिण में अपनी स्थिति मजबूत करने को लेकर बेहद आशान्वित है। शायद यही वजह है कि उसने राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को पहली बार लोकसभा चुनाव में उतार दिया है। वह भी, तिरुवनंतपुरम सीट पर तीन बार के सांसद कांग्रेसी दिग्गज शशि थरूर के मुकाबले। राज्य में कुल 20 लोकसभा क्षेत्र हैं और भाजपा ने यहां कभी भी संसदीय सीट नहीं जीती है। इस बार वह यहां खाता खोलने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।केरल का तिरुवनंतपुरम देश के सबसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्रों में से है। यहां कांग्रेसी दिग्गज शशि थरूर का मुकाबला केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर से है। राज्यसभा सांसद राजीव को मैदान में उतारकर भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उसके लिए दक्षिण कितना अहम है। वहीं, थरूर लगातार चौथी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। यहां दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोट पड़ेंगे।

2019 के लोकसभा चुनाव में थरूर 41.4 फीसदी वोट पाकर जीते थे। भाजपा के कुम्मनम राजशेखरन 31.4 फीसदी वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा को पूरी उम्मीद है कि इस बार थरूर के सामने कद्दावर चेहरा उतारकर यह सीट जीती जा सकती है। थरूर को यहां वामपंथी दलों से भी चुनौती मिलेगी। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि वह 38-40 फीसदी वोट हासिल कर पहली बार यह सीट अपने नाम कर सकती है।

हालांकि, शशि थरूर का कहना है कि क्षेत्र में उनका 15 वर्षों का काम बोलेगा। उन्होंने कहा कि डेढ़ दशक से वे यहां के लोगों की सेवा कर रहे हैं। उनके ट्रैक रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है, जिसके लिए उन्हें शर्मिंदा होना पड़े। उन्होंने दावा किया कि वे जनता के प्रमुख मुद्दों को उठाते रहे हैं। वहीं, विश्लेषकों का मानना है कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का मसला भाजपा के लिए जनाधार बढ़ाने का काम करेगा।

तीसरा कोण वाम मोर्चा
थरूर व चंद्रशेखर की लड़ाई में एलडीएफ के उम्मीदवार पन्नयन रवींद्रन तीसरा कोण बना रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि मुख्य लड़ाई एलडीएफ व कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच है। भाजपा ने यहां कभी भी संसदीय सीट नहीं जीती है। तिरुवनंतपुरम सीट पर थरूर से पहले लेफ्ट का ही कब्जा जा रहा है। 

मेरा ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा:शशि थरूर
मैंने तिरुवनंतपुरम के लोगों की 15 वर्षों तक सेवा की है। मेरा ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा अच्छा रहा है। मैं सभी के लिए उपस्थित रहा हूं। यहां हमेशा त्रिकोणीय लड़ाई रही है। पूरा विश्वास है कि मैं जीतूंगा।

  1. तिरुवनंतपुरम निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार लोकसभा सांसद।
  2. केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री व विदेश राज्य मंत्री के रूप में काम किया।
  3. संयुक्त राष्ट्र में तीन दशक तक काम किया। अध्यक्ष कोफी अन्नान के नेतृत्व के दौरान अवर महासचिव रहे।

निर्णायक जनादेश मिलेगा: राजीव चंद्रशेखर
मैं बहुत उत्साहित हूं। मुझे लोकसभा में चुनाव लड़ने का पहला अवसर मिला है। यह ऐसा अभियान है, जिसका मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा था। जनता तय करेगी कि वह किसे विजेता के तौर पर देखना चाहती है।

  1. कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री।
  2. उद्यमी और टेक्नोक्रेट हैं। 2006 से 2018 तक कर्नाटक से राज्यसभा के सदस्य थे।
  3. 2018 में कर्नाटक से फिर राज्यसभा के लिए चुने गए।

तिरुवनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के उम्मीदवार पन्नयन रवींद्रन मानते हैं कि यहां मुख्य लड़ाई एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच है। 2005 में चुनाव जीत चुके रवींद्रन का दावा है कि भाजपा यहां अप्रासंगिक है।

थरूर को सता रहा लेफ्ट का डर
वर्ष 2009, 2014 व 2019 में लगातार चुनाव जीतकर हैट्रिक लगाने वाले थरूर को लेफ्ट से खतरा है, क्योंकि यहां हमेशा त्रिकोणीय लड़ाई रही है। थरूर से पहले यह सीट दो बार लेफ्ट ने ही जीती थी। ऐसे में उन्हें भाजपा के साथ ही लेफ्ट के उम्मीदवार को भी गंभीरता से लेना होगा।

चौंका सकते हैं चंद्रशेखर
राजीव चंद्रशेखर पहली बार चुनावी मैदान में हैं। वह एक कुशल प्रौद्योगिकी उद्यमी हैं, जिन्होंने इंटेल जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ काम किया है। भाजपा का मानना है कि त्रिशूर में पारिवारिक जड़ें रखने वाले चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम में चौंका सकते हैं। केंद्रीय मंत्री बनने से पहले वह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे थे। चंद्रशेखर ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर कहा कि उनका इरादा यहां के लोगों को यह दिखाने का है कि भाजपा और मोदी सरकार तिरुवनंतपुरम में विकास की रफ्तार को कितना तेज कर सकती है। चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा तिरुवनंतपुरम को एक ऐसा स्थान बना सकती है, जो प्रौद्योगिकी, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण, अनुसंधान और विज्ञान के लिए जाना जाए।

भाजपा चंद्रशेखर पर क्यों निर्भर
केरल में अभी तक भाजपा ने खाता नहीं खोला है। ऐसे में वह काफी हद तक चंद्रशेखर पर निर्भर रहेगी ताकि उसे शुरुआती बढ़त हासिल हो सके। इस बीच, थरूर के लिए अपने घरेलू मैदान पर इन चुनावों में जीत हासिल करना बेहद जरूरी है।

तिरुवनंतपुरम में छह विधानसभा क्षेत्र हैं:-

  1. नेमोम 
  2. कोवलम
  3. नेय्याट्टिनकारा 
  4. परसाला
  5. वट्टियूरकाव 
  6. कजहक्कुट्टम

 रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद, 48 पैसे लुढ़का

डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 48 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 83.61 के सार्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। प्रमुख विदेशी मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मजबूत होने और एशियाई मुद्राओं के कमजोर होने से रुपये में गिरावट आई। बाजार सूत्रों ने कहा, घरेलू शेयर बाजारों से विदेशी पूंजी की निकासी के कारण भी रुपये की धारणा प्रभावित हुई। इससे पहले 13 दिसंबर, 2023 को रुपये ने 83.40 का निम्नतम स्तर छुआ था।शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को 3,309.76 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोरी के साथ 83.28 पर खुला। दिन के कारोबार में यह 83.65 के निचले स्तर तक आ गया था। पिछले कारोबारी सत्र में घरेलू मुद्रा 83.13 प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.31 फीसदी तेजी के साथ 104.32 पर पहुंच गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को 3,309.76 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

इन वजहों से मजबूत हुआ डॉलर
शेयरखान बाय बीएनपी पारिबा के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, कमजोर यूरो व पाउंड के कारण डॉलर मजबूत हुआ। यूरो में गिरावट इसलिए आई क्योंकि स्विस नेशनल बैंक ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी से लेकर 1.5 फीसदी तक की कटौती कर बाजारों को आश्चर्यचकित कर दिया। इससे जून, 2024 में यूरोपीय सेंट्रल बैंक की ओर से ब्याज दर घटाने की संभावना बढ़ गई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दर 5.25 फीसदी पर स्थिर रखने से पाउंड में भी गिरावट आई। अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने भी डॉलर का समर्थन किया।

चांदी के दाम 760 रुपये घटे
वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में नरमी के बीच शुक्रवार को दिल्ली सराफा बाजार में सोना 875 रुपये सस्ता होकर 67,000 के नीचे आ गया और 66,575 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी भी 760 रुपये सस्ती होकर 76,990 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 67,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। जेएम फाइनेंशियल एंड ब्लिंककेएक्स के शोध उपाध्यक्ष (कमोडिटी-करेंसी) प्रणव मेर ने कहा, मुनाफावसूली व डॉलर सूचकांक में तेज उछाल के कारण सोने की कीमतें सार्वकालिक उच्चतम स्तर से करीब 2 फीसदी नीचे आ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोरी के साथ 2,167 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

स्टील ने दिया धोखा तो लकड़ी के बक्से ने कर दिया कमाल, पढ़ें 1952 का किस्सा

भारत में प्रथम आम चुनाव 25 अक्तूबर ,1951 से 21 फरवरी, 1952 के बीच हुए। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ कराए गए चुनावों में 17.32 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इतने बड़े पैमाने पर चुनाव संपन्न कराने के लिए देशभर में करीब दो लाख पोलिंग बूथ बनाए गए थे। चुनाव आयोग ने इन चुनावों में इस्तेमाल के लिए विभिन्न कंपनियों को ऑर्डर देकर स्टील के बने बैलट बॉक्स तैयार कराए थे।

हालांकि, एक समय ऐसी भी नौबत आई जब चुनाव एकदम सिर पर आ गए और स्टील की मतपेटियां कम पड़ गईं। दरअसल, हुआ यह कि स्टील के बैलट बॉक्स बनाने वाली एक कंपनी महीनों तक दिन-रात की कड़ी मेहनत के बावजूद तय समय पर ऑर्डर पूरे नहीं कर पाई। इससे चुनाव में देरी होने का खतरा पैदा हो गया। वैसे भी संविधान सभा शुरुआत में 1950 में ही जल्द से जल्द चुनाव करा लेना चाहती थी। हालांकि, चुनाव के लिए जरूरी जमीनी तैयारियां अधूरी होने के कारण यह संभव नहीं हुआ।चुनाव आयोग ने इन चुनावों में इस्तेमाल के लिए विभिन्न कंपनियों को ऑर्डर देकर स्टील के बने बैलट बॉक्स तैयार कराए थे। हालांकि, एक समय ऐसी भी नौबत आई जब चुनाव एकदम सिर पर आ गए और स्टील की मतपेटियां कम पड़ गईं।

मद्रास में लकड़ी का बैलट बॉक्स
जब ऐन चुनाव के समय स्टील के बैलट बॉक्स की कमी सामने आई, तो इस परेशानी से निपटने के लिए तत्काल लकड़ी का बैलट बॉक्स इस्तेमाल करने का फैसला किया गया। लकड़ी की इन मतपेटियों का इस्तेमाल मद्रास प्रांत में चुनाव के दौरान किया गया। लोकसभा व विधानसभा के लिए एकसाथ चुनाव हुए थे। मतदाताओं को किसी तरह का भ्रम न हो, इसके लिए मतपेटियों को अलग रंग से रंगा गया था।

नवीन पटनायक के नेतृत्व में तीन चौथाई से अधिक सीटें जीतेंग हम- BJD

BJD के संगठनात्मक सचिव प्रणब प्रकाश दास ने ट्वीट किया कि BJD ओडिशा के लोगों के समर्थन से सभी 147 विधानसभा और सभी 21 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और नवीन पटनायक के नेतृत्व में तीन चौथाई से अधिक सीटें जीतेगी।

अभिनेत्री उर्वशी रौतेला अपनी आगामी फिल्म की सफलता के लिए आशीर्वाद लेने के लिए अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर गईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान पहुंचे। वो दो भूटान की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “भूटान के रास्ते में, जहां मैं भारत-भूटान साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लूंगा। मैं भूटान के महामहिम राजा, महामहिम चतुर्थ ड्रुक ग्यालपो और प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ बातचीत के लिए उत्सुक हूं।”

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