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ब्रेकिंग न्यूज़:खड़गे ही तय करेंगे कर्नाटक का CM:तुर्किये में राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग

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कर्नाटक में नई सरकार के गठन के लिए बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग हुई। जिसमें दिल्ली से 3 ऑब्जर्वर पहुंचे। मीटिंग में प्रस्ताव पास हुआ कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ही विधायक दल के नेता यानी राज्य के अगले CM का नाम तय करेंगे। CM की रेस में कांग्रेस कर्नाटक चीफ डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का नाम सबसे आगे है।

खड़गे ने ऑब्जर्वर्स से सभी विधायकों की राय लेकर रिपोर्ट भेजने को कहा, इस पर पार्टी हाईकमान फैसला लेगा। कांग्रेस कमेटी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘सिद्धारमैया ने मीटिंग में ये प्रस्ताव रखा, जिसका डी.के. शिवकुमार सहित सभी सीनियर लीडर्स ने समर्थन किया।’ हालांकि दोनों नेताओं के समर्थकों ने CM बनाने की मांग को लेकर बेंगलुरु में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए हैं।

केंद्र सरकार ने कर्नाटक विधानसभा नतीजों के अगले ही दिन राज्य के DGP प्रवीण सूद को CBI का नया डायरेक्टर नियुक्त कर दिया। CBI के मौजूदा डायरेक्टर सुबोध कुमार जायसवाल का कार्यकाल 25 मई को समाप्त हो रहा है, इसी दिन सूद जॉइन कर सकते हैं। विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले 14 मार्च को डी के शिवकुमार ने DGP को नालायक कहा था।

 मीटिंग के दौरान समर्थकों की नारेबाजी; मुख्यमंत्री को लेकर रोटेशन फार्मूला पर भी चर्चा

दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचे 3 ऑब्जर्वर सुशील कुमार शिंदे, दीपक बावरिया और भंवर जितेंद्र सिंह ने सभी विधायकों ने वन-टु-वन बात की। विधायकों की राय लेने की प्रक्रिया रविवार देर रात तक चली। बेंगलुरु के शांगरी-ला होटल में चल रही विधायक दल की बैठक के दौरान शिवकुमार-सिद्धारमैया के समर्थकों ने बाहर जमकर नारेबाजी की। आज डीके शिवकुमार का 62वां जन्मदिन भी है।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान रोटेशन फार्मूले पर भी चर्चा कर रही है। इसमें आधे कार्यकाल में एक और उसके बाद दूसरे नेता को CM बनाना शामिल है। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग समुदायों से आने वाले नेताओं को डिप्टी CM बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच इस फार्मूले को लेकर सहमति बनने की उम्मीद है।

कर्नाटक में स्पष्ट बहुमत के बाद अब कांग्रेस को फैसला करना है कि मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए? इसके लिए पार्टी के विधायक दल की बैठक बेंगलुरु के शांगरी-ला होटल में हुई। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के साथ 3 ऑब्जर्वर सुशील कुमार शिंदे, दीपक बावरिया और भंवर जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में तय किया गया कि विधायक दल का नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे चुनेंगे। सिद्धारमैया ने यह प्रस्ताव रखा था, जिसका शिवकुमार समेत सभी विधायकों ने समर्थन किया।

इधर, मल्लिकार्जुन खड़गे के कहने पर ऑब्जर्वर्स ने सभी विधायकों से वन-टु-वन बात करना शुरू कर दिया है। बैठक के दौरान शिवकुमार-सिद्धारमैया के समर्थक होटल के बाहर नारेबाजी करते रहे।

बेंगलुरु के शांगरी-ला होटल के बाहर नारेबाजी करते शिवकुमार-सिद्धारमैया के समर्थक।

मुख्यमंत्री पद को लेकर 3 बयान

1. डीके बोले- सिद्धारमैया से मेरा कोई मतभेद नहीं
शिवकुमार ने कहा- कुछ लोग कहते हैं कि सिद्धारमैया के साथ मेरे मतभेद हैं, लेकिन हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। मैंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी और सिद्धारमैयाजी के साथ खड़ा हुआ।

2. CM पद के लिए 2 नहीं, 4 दावेदार
कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामलिंगा रेड्डी ने कहा- विधायक दल की बैठक में AICC के अध्यक्ष और महासचिव राय लेंगे और मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे। हर पार्टी में किसी न किसी की महत्वाकांक्षाएं होती हैं, लेकिन सिर्फ एक ही CM होगा। चुनाव विधायक और हाई कमान करेगा। शिवकुमार और सिद्धारमैया ही नहीं, एमबी पाटिल और जी परमेश्वर भी CM बनना चाहते हैं।

3. मुख्यमंत्री का ऐलान 2-3 दिन में
कांग्रेस नेता सैयद नसीर बोले- सीएम की घोषणा 2-3 दिनों के भीतर की जाएगी। जल्द कैबिनेट के गठन की तैयारी है।

अब देखिए कर्नाटक से आ रहीं तस्वीरें…

अपने गुरु से मिलने के बाद डीके शिवकुमार शाम को अपने घर वापस लौटे।

शिवकुमार के घर के बाहर बड़ी तादाद में समर्थक जमा हो गए, इन लोगों ने वी वॉन्ट डीके के नारे लगाए।

डीके शिवकुमार रविवार को परिवार समेत वृषभ देशिकेंद्र प्रमुख संत का आशीर्वाद लेने के लिए नोनाविनकेरे कदासिद्देश्वर मठ तुमकुरु पहुंचे।

तुमकुरु जिले में कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सिद्धगंगा मठ के पुजारी सिद्धलिंग महास्वामी से मुलाकात की।

कर्नाटक अपडेट्स…

शिवकुमार-सिद्धारमैया समर्थकों में पोस्टरबाजी
बैठक से पहले ही कांग्रेस कर्नाटक चीफ डीके शिवकुमार और वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया के समर्थकों ने पोस्टरबाजी शुरू हो गई। समर्थकों ने बेंगलुरु में जगह-जगह सिद्धारमैया और डीके को सीएम बनाने के लिए पोस्टर चस्पा किए हैं। उधर, जीत के बाद वोक्कालिगा संतों ने शिवकुमार से उनके घर पर मुलाकात की है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 135, भाजपा को 66 और जेडीएस को 19 सीटें मिली हैं। अन्य के खाते में 4 सीटें गई हैं।

नोनाविनकेरे मठ से मिला था जीत का आशीर्वाद
नोनाविनकेरे कदासिद्देश्वर मठ प्रमुख से मिलने के बाद शिवकुमार बोले- यह मठ मेरे लिए एक पवित्र स्थान है। स्वामीजी ने हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया है। जब इनकम टैक्स का छापा पड़ा, तब भी स्वामीजी ने मुझे पूरा मार्गदर्शन दिया। मैंने 134 सीटों की मांग की और मुझे उससे ज्यादा मिलीं।

बेंगलुरु में कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के घर के बाहर लगे भगवान राम और बजरंगबली के पोस्टर को हटा दिया गया है।

कांग्रेस की जीत का जश्न मनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु में भगवान श्री मारुति मंदिर में ‘उरुलु सेवा’ की।

हरपनहल्ली सीट से निर्दलीय कैंडिडेट लता मल्लिकार्जुन ने जीत के बाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की। लता ने कांग्रेस पार्टी को बिना शर्त समर्थन दिया है।

कांग्रेस नेता भाई जगताप, संजय निरुपम और अन्य कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक में जीत के बाद रविवार को मुंबई के एक मंदिर में हनुमान चालीसा पढ़ी।

हार के बाद शेट्‌टार का आरोप- पैसा कुछ भी बदल सकता है
चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुए जगदीश शेट्टार, महेश तेंगिनाकाई से 34 हजार वोटों से हार गए। हुबली-धारवाड़ सीट से चुनाव में उतरे शेट्टार ने अपनी बड़ी जीत की घोषणा की थी, लेकिन हारने के बाद उन्होंने कहा कि पैसा कुछ भी बदल सकता है। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले वोटर्स को 500 और 1000 रुपए बांटे गए थे।

जयनगर में डीके शिवकुमार ने देर रात धरना दिया, यहां BJP 16 वोट से जीती

जयनगर सीट पर देर रात काउंटिंग के दौरान धरना देते डीके शिवकुमार और कांग्रेस नेता।

जयनगर सीट में देर रात तक काउंटिंग चलती रही। यहां कांग्रेस ने सौम्या रेड्डी और भाजपा ने राममूर्ति को कैंडिडेट बनाया था। काउंटिंग के दौरान हंगामा हुआ तो री-काउंटिंग हुई। इसके बाद राममूर्ति महज 16 वोटों के अंतर से जीत गए। इसके बाद पोलिंग दफ्तर के सामने डीके शिवकुमार ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि काउंटिंग के दौरान सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया गया है।

राहुल गांधी बोले- मोहब्बत की दुकानें खुलीं, नफरत का बाजार बंद

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर शनिवार को राहुल ने मीडिया से बात की। शोर ज्यादा हुआ तो उन्होंने शांत रहने का इशारा किया।

नतीजे सामने आने के बाद शनिवार को राहुल गांधी मीडिया के सामने आए। 6 बार नमस्कार किया। उन्होंने कहा- कांग्रेस कर्नाटक में गरीबों के साथ खड़ी हुई। हम उनके मुद्दों पर लड़े। हमने नफरत और गलत शब्दों से ये लड़ाई नहीं लड़ी। हमने मोहब्बत से ये लड़ाई लड़ी। कर्नाटक ने दिखाया कि इस देश को मोहब्बत अच्छी लगती है। कर्नाटक में नफरत का बाजार बंद हुआ है, मोहब्बत की दुकानें खुली हैं। हमने 5 वादे किए थे। हम इन वादों को पहली कैबिनेट मीटिंग में पूरा करेंगे।


डी के शिवकुमार ने कहा था- DGP इस पद के लायक नहीं, सरकार बनी तो कार्रवाई करेंगे
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कहा था कि हमारे DGP इस पद के लायक नहीं हैं। वह भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं, उनके खिलाफ FIR होनी चाहिए। शिवकुमार ने आरोप लगाया था कि सूद ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर 25 केस दर्ज किए, लेकिन भाजपा नेताओं पर एक भी केस दर्ज नहीं किया। चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनी तो सूद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार की शाम PM मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवीई चंद्रचूड़ और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी के बीच एक मीटिंग हुई थी। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में CBI डायरेक्टर के पद के लिए तीन IPS अधिकारियों का चयन किया गया था। PM मोदी और CJI डीवीई चंद्रचूड़ ने प्रवीण सूद के नाम पर मुहर लगाई। सूद के नाम पर अधीर रंजन चौधरी को ऐतराज था।
बांग्लादेश-म्यांमार पहुंचा मोका तूफान, 209 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं; 3 की मौत

साइक्लोन मोका ने रविवार को म्यांमार-बांग्लादेश के तट पर लैंडफॉल किया। इसकी वजह से म्यांमार और दक्षिण पूर्वी बांग्लादेश में घरों और पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा है। म्यांमार के रखाइन प्रांत में निचले इलाकों के निवासी अपने घरों को छोड़कर राजधानी सितवे में आ गए हैं। रखाइन में तेज हवाओं से कई घरों की छतें उड़ गईं और 3 लोगों की मौत हो गई। यहां टेलीकॉम सर्विसेस प्रभावित हुई हैं।

साइक्लोन ने बांग्लादेश के रोहिंग्या रिफ्यूजी कैंप को भी तहस-नहस कर दिया। हालांकि कैंप के बड़े इलाके पर तूफान का असर नहीं हुआ। बांग्लादेश के मौसम विभाग ने कहा कि मोका पिछले 2 दशकों में देश में आया सबसे ताकतवर तूफान हो सकता है। मोका तूफान की वजह से कोरल आइलैंड सेंट मार्टिन के डूबने का खतरा था। इस द्वीप पर तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई।

मोका तूफान रविवार को म्यांमार के रखाइन प्रांत से टकराया। इस दौरान 209 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। तेज हवाओं से कई घरों की छतें उड़ गईं और 3 लोगों की मौत हो गई। तूफान की वजह से हजारों लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाना पड़ा।

इससे पहले सैंट मार्टिन द्वीप पर तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई। वहीं, बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से टकराने से पहले ही तूफान पूर्व की ओर मुड़ गया। इससे बांग्लादेश पर मंडरा रहा खतरा काफी हद तक कम हो गया।

मोका तूफान की वजह से म्यांमार के रखाइन राज्य में तेज बारिश जारी है।

कोरल आइलैंड सेंट मार्टिन के डूबने का था खतरा
मोका तूफान की वजह से कोरल आइलैंड सेंट मार्टिन के डूबने का खतरा था। बांग्लादेश के मौसम विभाग को आशंका थी कि मोका पिछले 2 दशकों में देश में आया सबसे ताकतवर तूफान हो सकता है। इसलिए एयरपोर्ट बंद कर दिए गए और मछुआरों से समुद्र में न जाने के लिए कहा गया।

मोका शनिवार रात मध्य और इससे सटे दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसका असर दुनिया के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैंप पर भी पड़ सकता था इसलिए वहां रहने वाले लोगों को बड़ी संख्या में सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। लगभग 5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

मोका तूफान से जूड़ी ये 4 तस्वीरें भी देखें…

बांग्लादेश के तट पर मोका तूफान की वजह से 195 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

तेज हवाओं और बारिश के बीच कई जगहों पर पेड़ गिर गए।

यह तस्वीर बांग्लादेश के कॉक्स बाजार मेन ड्राइव की है। मछुआरों ने अपनी नावों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचा दिया।

तस्वीर बांग्लादेश-म्यांमार बॉर्डर के पास बसे रोहिंग्या के रिफ्यूजी कैंप की है।

बंगाल में NDRF की 8 टीमें, 200 बचावकर्मी तैनात
IMD का कहना है कि तूफान अब उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ गया है। अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। खतरे को देखते हुए बंगाल के दीघा में NDRF की 8 टीमों और 200 बचावकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, 100 बचावकर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। इसके अलावा बंगाल के परगना में बक्खाली समुद्र तट पर सिविल डिफेंस टीम को तैनात किया गया है।

मछुआरों को रविवार तक बंगाल की खाड़ी में ना जाने की सलाह
मौसम विभाग ने मछुआरों और शिप्स को रविवार तक मध्य और उत्तरपूर्व बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर में ना जाने की सलाह दी। वहां पहले से मौजूद जहाजों को तट पर लौटने के लिए कहा गया।


100 करोड़ क्लब में शामिल हुई द केरला स्टोरी, 9 दिनों में सलमान की फिल्म को पछाड़ा
द केरला स्टोरी ने कमाई के मामले में 100 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म ने रिलीज के नौवें दिन यानी शनिवार को 19.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। करीब 35 करोड़ में बनी फिल्म ने अब तक 112.99 करोड़ रुपए कमाए है। केरल स्टोरी ने सलमान खान की फिल्म किसी का भाई किसी की जान के कलेक्शन को सिर्फ 9 दिन में पीछे कर दिया है।

किसी का भाई किसी की जान ने अब तक 109.29 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है। सलमान खान की फिल्म जहां 5 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी। वहीं द केरला स्टोरी सिर्फ 1300 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई। उधर, ब्रिटेन में फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी गई। यहां 31 स्क्रीन्स पर फिल्म रिलीज होनी थी, लेकिन ब्रिटिश सेंसर बोर्ड ने इसे सर्टिफिकेट नहीं दिया। इसके बाद सभी शो कैंसिल कर दिए गए।

तुर्किये में राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग,आज साफ हो सकती है तस्वीर

तुर्किये में राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव के वोटिंग के बाद काउंटिंग शुरू हो चुकी है। हालांकि ऑफिशियल रिजल्ट आने में 2 दिन लग सकते हैं। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन 20 साल से यहां की सत्ता पर काबिज हैं। उनके खिलाफ दो प्रमुख कैंडिडेट कमाल केलिकदारोग्लू और सिनान ओगन मैदान में हैं। विपक्षी नेता कमाल को तुर्किये के 6 विपक्षी दलों ने गठबंधन का उम्मीदवार चुना है।

​​​तुर्किये की 600 सीटों वाली संसद में प्रवेश के लिए एक पार्टी के पास 7% वोट होना जरूरी है। या फिर पार्टी किसी ऐसे गठबंधन का हिस्सा हो जिसके पास वोटों की जरूरी संख्या मौजूद हो। तुर्किये में एक व्यक्ति सिर्फ 2 टर्म तक ही राष्ट्रपति रह सकता है। एर्दोगन ने वोटिंग के बाद समर्थकों के नाम मैसेज जारी किया। कहा- मतदान पेटियों की हिफाजत करें और उन पर नजर रखें। हमें नतीजों का इंतजार है।

इलेक्शन्स की अहमियत

तुर्किये के ये इलेक्शन्स अहम हैं। दरअसल, 6 फरवरी को आए भूकंप में तुर्किये के 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। राष्ट्रपति एर्दोगन और उनकी पार्टी की इस बात के लिए काफी आलोचना हुई थी कि उन्होंने भूकंप के बाद मदद पहुंचाने में सुस्ती दिखाई। इसके साथ ही उनकी सरकार सालों तक कंस्ट्रक्शन की सही व्यवस्था को लागू करने में भी विफल रही।

एर्दोगन हमेशा से कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देते रहे हैं। इसके बावजूद भूकंप के बाद भारत ने तुर्किये को काफी मदद पहुंचाई थी। एर्दोगन ने कई बार कहा है कि कश्मीर समस्या का समाधान UN के प्रस्तावों के तहत होना चाहिए। हालांकि पिछले साल एर्दोगन ने UN में निष्पक्ष रवैया अपनाया था। उन्होंने कहा था- 75 साल पहले भारत और पाकिस्तान आजाद हुए, लेकिन दोनों मुल्कों के बीच शांति और एकता स्थापित नहीं हो पाई। हम उम्मीद करते हैं कि जल्दी ही कश्मीर में उचित और स्थायी शांति स्थापित होगी।

तुर्किये में सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है।

तुर्किये में 6 फरवरी को आए भूकंप में कई शहर और इमारतें तबाह हो गई थीं। विश्व बैंक के मुताबिक भूकंप के चलते तुर्किए को 34 अरब डॉलर यानी करीब 2 लाख 81 हजार करोड़ का नुकसान हुआ था। इसके अलावा यहां 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे।

अब देखिए तुर्किये में आए भूकंप की ये तस्वीर…

6 फरवरी को आए भूकंप में 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

तुर्किये में तीसरी बार राष्ट्रपति सीधे वोटिंग के जरिए चुने जाएंगे। ऐसे में जानिए तुर्किये चुनाव और इसमें लड़ रहे 2 प्रमुख उम्मीदवारों से जुड़ी अहम बातें…

कौन हैं राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन
रेसेप तैयप एर्दोगन जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (AKP) के नेता हैं। उनकी उम्र 69 साल है। वो दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थक हैं। उनकी पार्टी की राजनीति इस्लाम की तरफ झुकी है, लेकिन उन्होंने राष्ट्रवादी विचारधारा वाली नेशनलिस्ट मूवमेंट पार्टी (MHP) के साथ गठबंधन किया है।

तुर्किये की सत्ता 2003 से एर्दोगन के पास है। वो 2014 तक प्रधानमंत्री रहे। फिर वो तुर्किये के पहले ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्हें वोटिंग के जरिए चुना गया। इसके बाद उन्होंने एक रेफरेंडम में भी जीत हासिल की जिसके तहत देश की पूरी पावर राष्ट्रपति के हाथों में आ गई। एर्दोगन तुर्किये के पहले ऐसे नेता हैं जो 20 साल से सत्ता पर काबिज हैं।

ये तस्वीर तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन की है। इसमें वो एक चुनावी रैली में नजर आ रहे हैं।

एर्दोगन ने 1976 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री नेमेटिन एरबाकन को उनका गुरु कहा जाता है। 1994 में एर्दोगन इस्तांबुल के मेयर के तौर पर चुने गए। 1998 में उन्होंने ईरान और अजरबैजान से जुड़ी एक विवादित कविता कही, जिसके बाद उन्हें चार महीने के लिए जेल जाना पड़ा।

1999 में वो जेल से बाहर आए और 2001 में उन्होंने जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी का गठन किया। इस दौरान उन पर पॉलिटिकल बैन भी लगा रहा। पार्टी बनाने के 15 महीनों बाद ही 2002 में एर्दोगन तुर्किये में आम चुनाव जीत गए। हालांकि अगले साल मार्च में बैन हटने के बाद ही वो प्रधानमंत्री बन पाए।

एर्दोगन को चुनौती दे रहे हैं तुर्किये के ‘गांधी’
तुर्किये के 6 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों के लिए एकजुट होकर विपक्षी नेता कमाल केलिकदारोग्लू को अपने गठबंधन का उम्मीदवार चुना है। इस गठबंधन को टेबल ऑफ सिक्स नाम दिया गया है। कमाल मुख्य विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) के नेता हैं। उनकी पहचान ‘तुर्किये के गांधी’ के तौर पर बन चुकी है। स्थानीय मीडिया उन्हें ‘गांधी कमाल’ कहता है। वह महात्मा गांधी की तरह ही चश्मा पहनते हैं और उन्हीं की तरह राजनीतिक शैली भी विनम्र है।

ये तस्वीर विपक्षी पार्टी के नेता कमाल केलिकदारोग्लू की है। इन्हें तुर्किये का गांधी कहा जाता है।

कमाल 2002 में CHP से जुड़े थे। यह देश का सबसे पुराना राजनीतिक दल है। इसकी स्थापना आधुनिक तुर्किये के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क ने की थी। 2010 में एक वीडियो लीक मामले के बाद CHP प्रमुख बायकल ने इस्तीफा दे दिया। तब कमाल को पार्टी की कमान सौंपी गई। नागरिक अधिकार, सामाजिक न्याय और लोकतंत्र के लिए तो वे लड़ ही रहे थे, 2011 में एर्दोगन के PM बनने के बाद कमाल ने अभियान और तेज कर दिया।

कमाल पर कई बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। 2016 में उनके काफिले पर मिसाइल से और 2017 में IS ने बम से हमला किया था। 2019 में भी उन्हें मारने की कोशिश की गई थी।

दांडी मार्च से प्रेरित होकर निकाला मार्च फॉर जस्टिस
गांधी जी की दांडी यात्रा से प्रेरित होकर कमाल ने 2017 में एर्दोगन के खिलाफ अंकारा से इस्तांबुल तक (450 किमी) ‘मार्च फॉर जस्टिस’ निकाला था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। विरोध को दबाने के लिए एर्दोगन ने 2 लाख लोगों को जेल भिजवा दिया था। देश की सभी 372 जेलें क्षमता से ज्यादा भर गई थीं।

कमाल को कट्‌टरपंथी एर्दोगन के ठीक उलट माना जाता है। लोकतांत्रिक संस्थान खत्म करने और मीडिया पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर वो एर्दोगन को घेरते रहे हैं। फरवरी में आए भूकंप और लोगों के बेघर होने पर भी उन्होंने एर्दोगन को दोषी ठहराया था। कमाल ने वादा किया है कि वो देश में आजादी और लोकतंत्र लाकर रहेंगे। उन्होंने एर्दोगन की गलत आर्थिक नीतियों को पलटने का भी संकल्प लिया है।

2017 में कमाल ने एर्दोगन के विरोध में मार्च फॉर जस्टिस निकाला था।

तुर्किये में चुनाव की क्या प्रक्रिया है?
तुर्किये की 600 सीटों वाली संसद में प्रवेश के लिए एक पार्टी के पास 7% वोट होना जरूरी है। या फिर पार्टी किसी ऐसे गठबंधन का हिस्सा हो जिसके पास वोटों की जरूरी संख्या मौजूद हो। तुर्किये में एक व्यक्ति सिर्फ 2 टर्म तक ही राष्ट्रपति रह सकता है।

एर्दोगन के 2 टर्म पूरे हो चुके हैं, लेकिन 2017 में राष्ट्रपति के अधिकारों से जुड़ा एक रेफरेंडम लाया गया था, जिसकी वजह से उनका पहला कार्यकाल जल्दी खत्म हो गया था। इसी वजह से एर्दोगन को तीसरी बार चुनाव लड़ने की इजाजत मिल गई है।

चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 50% वोट हासिल करना जरूरी है। अगर किसी भी कैंडिडेट को बहुमत नहीं मिला तो 28 मई को दोबारा चुनाव करवाए जाएंगे। तुर्किये में करीब 6 करोड़ जनता वोट डालेगी। इनमें 1 लाख से ज्यादा सीरियाई लोग हैं जिन्हें तुर्किये की नागरिकता मिल गई है।

तुर्किये में 36 लाख लोग रिफ्यूजी हैं जो 2011 में सीरिया में सिविल वॉर शुरू होने के बाद यहां आ गए थे। यहां हर नागरिक का वोट डालना जरूरी है। हालांकि वोट नहीं डालने पर जुर्माने का कोई स्ट्रक्चर नहीं बताया गया है। 2018 के चुनाव में यहां 86% वोटिंग हुई थी।

छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, हादसा जिले के खर्रा थाना इलाके में हुआ है। सभी लोग किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर पिकअप से घर लौट रहे थे।

धीरेंद्र शास्त्री को सुनने पहुंचे लोगों की भीषण गर्मी और धूल से बिगड़ी तबीयत

तरेत पाली स्थित आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के हनुमंत कथा के दूसरे दिन भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा । 5 लाख से ऊपर की भीड़ कथा सुनने पहुँची । भारी भीड़ के कारण सभी व्यवस्था कुव्यस्था में बदल गई । भीषण गर्मी के कारण दर्जनों लोगों की तबियत बिगड़ गई । पूरा तरेत पाली इलाके में धूल का गुब्बार भर गया । धूल के कारण लोगों को साँस लेने में भी काफी दिक्कत हो रही थी । भक्तो ने व्यवस्थापकों पर कुव्यवस्था का आरोप लगाया । पंडाल में बैठने तक की जगह नहीं थी । जिसके कारण लाखों लोग पंडाल के बाहर नज़र आए । भीड़ के आगे प्रशासन की सभी तैयारी फेल नज़र आई । अत्यधिक भीड़ के कारण 15 मई को सजने वाले दिव्य दरबार को कैंसिल कर दिया गया जबकि हनुमंत कथा अपने समय से 17 मई तक रोज अपने समय से जारी रहेगी । बाबा ने मंच से लोगों से अपील की कि वो अपने साथ और लोगों को न लाए साथ कथा घर बैठे टीवी और मोबाइल में सुने ।

सीआईएससीई ने 10वीं, 12वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम घोषित किए

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम रविवार को घोषित कर दिए। दोनों में ही लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। सीआईएससीई के सचिव गेरी अराथून ने रविवार को कहा कि 10वीं कक्षा (आईसीएसई) की परीक्षा 63 विषयों में ली गई थी, जिनमें 21 भारतीय, 14 विदेशी और दो शास्त्रीय भाषाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘12वीं कक्षा (आईएससी) परीक्षा 47 विषयों में ली गई, जिनमें 12 भारतीय भाषाएं, तीन विदेशी भाषाएं और एक शास्त्रीय भाषा है। सीआईएससीई के अनुसार, 10वीं कक्षा में नौ, जबकि 12वीं कक्षा में पांच विद्यार्थियों ने शीर्ष स्थान साझा किया है। घोषित परिणाम के अनुसार, 10वीं कक्षा में नौ विद्यार्थियों ने 99.80 प्रतिशत अंकों के साथ शीर्ष स्थान साझा किया है जिनमें रुशील कुमार, अनन्या कार्तिक, श्रेया उपाध्याय, अदवय सरदेसाई, यश मनीष भसीन, तनय सुशील शाह, हिया संघवी, अविशी सिंह और संबित मुखोपाध्याय हैं। वहीं 12वीं कक्षा में, पांच विद्यार्थियों ने 99.75 प्रतिशत अंकों के साथ शीर्ष स्थान साझा किया है। वे रिया अग्रवाल, इस्पिता भट्टाचार्य, मोहम्मद आर्यन तारिक, शुभम कुमार अग्रवाल और मान्या गुप्ता हैं।

खुफिया रिपोर्ट के बाद श्रीलंका की राजधानी में सुरक्षा कड़ी

श्रीलंका में अन्य लोगों के विरोध की खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद कोलंबो और प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धना के घर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। लोगों के विरोध की आशंका को देखते हुए सैन्य, पुलिस, विशेष कार्य बल और दंगा पुलिस को राजधानी में बुलाया है। (IANS)

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