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ब्रेकिंग न्यूज:पहलवानों ने गंगा में नहीं बहाए मेडल: 26/11 हमले के आतंकी की पाकिस्तानी जेल में मौत

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पहलवानों ने गंगा में नहीं बहाए मेडल:सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया; गहलोत बोले- पायलट का रोल हाईकमान तय करेगाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राजस्थान में रहेंगे। वह अजमेर जिले में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम यहां केंद्र पर भाजपा सरकार के शासन में नौ साल पूरे होने पर एक महीने के अभियान की शुरुआत करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हिंसाग्रस्त मणिपुर के दौरे पर हैं। वह आज म्यांमार की सीमा से लगे मोरेह और कांगपोकपी इलाकों में जाएंगे। उधर, पंजाब की आप सरकार आज मंत्रिमंडल विस्तार करेगी। गुरमीत खुडियां व बलकार सिंह मंत्री बनेंगे। बात मौसम की करें तो दिल्‍ली-एनसीआर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने तेज हवाएं चलने के आसार जताए हैं। 

आज के प्रमुख इवेंट्स

  1. PM मोदी राजस्थान के अजमेर में रैली को संबोधित करेंगे। केंद्र में एक साल पूरे होने पर BJP एक महीने तक देशभर कैंपेन चला रही है। ये रैली उसी कैंपेन का हिस्सा है।
  2. नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड 4 दिन के दौरे पर भारत आ रहे हैं। दोबारा सत्ता हासिल करने के बाद ये उनका पहला विदेश दौरा है। सीमा विवाद का मुद्दा उठा सकते हैं।

 टिकैत के कहने पर माने पहलवान; यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने WFI को सस्पेंड करने की बात कही

तस्वीरें हरिद्वार के हर की पौड़ी घाट की है। पहलवान यहां मेडल बहाने पहुंचे थे।

पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है। इससे पहले पहलवान अपने मेडल गंगा में बहाने हरिद्वार पहुंचे थे। लेकिन भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के कहने पर रुक गए।

उधर, दुनियाभर में कुश्ती का कामकाज देखने वाली संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोपों की निष्पक्ष जांच करने की अपील की है। UWW ने ये भी कहा है अगर 45 दिनों के भीतर चुनाव नहीं हुए तो WFI को निलंबित कर दिया जाएगा।

इससे पहले साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट करीब एक घंटे तक हर की पौड़ी में बैठकर मेडल पकड़े रोते रहे।

उधर, मेडल बहाने के फैसले पर गंगा समिति पहलवानों के खिलाफ खड़ी हो गई थी। उनका कहना था कि ये (हर की पौड़ी) पूजा-पाठ की जगह है, राजनीति की नहीं।

बता दें, ये पहलवान WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी के लिए जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार को पुलिस से हुई झड़प के बाद ये जंतर-मंतर से लौट आए थे।

किसान नेता नरेश टिकैत ने खिलाड़ियों से मेडल ना बहाने की अपील की। एक्शन के लिए 5 दिन का समय मांगा।

नरेश टिकैत ने रेसलर्स के मेडल और मोमेंटो वाली पोटली उनसे ले ली। उन्होंने कहा कि इन्हें गंगा में नहीं बहाना, ये राष्ट्रपति को देंगे।

पहलवान गंगा में मेडल बहाने हरिद्वार में हर की पौड़ी पहुंचे थे।

हर की पौड़ी पर पहलवान मेडल हाथ में लेकर फूट-फूटकर रोए।

साक्षी बोलीं- इंडिया गेट पर आमरण अनशन करेंगे
रेसलर साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मेडल्स गंगा में प्रवाहित करने के बाद इंडिया गेट पर आमरण अनशन करेंगे। हमने पवित्रता से इन मेडल को हासिल किया था। इन मेडल को पहनाकर तेज सफेदी वाला तंत्र सिर्फ अपना प्रचार करता है। फिर हमारा शोषण करता है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को नहीं लौटाएंगे, क्योंकि उन्होंने हमारी कोई सुध नहीं ली।

इस बीच, बृजभूषण शरण सिंह ने 5 जून को अयोध्या में महारैली बुलाई है। इसमें संत भाग लेंगे। बृजभूषण और संतों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट का फायदा उठाकर इसका दुरुपयोग किया जा रहा है।

गंगा में बहाने के लिए मेडल्स बैग में रखतीं साक्षी मलिक।

बड़े अपडेट्स

साक्षी मलिक की सोशल मीडिया पोस्ट…

साक्षी मलिक की पोस्ट की 5 बातें

  1. हमें अपराधी बना दिया, शोषण करने वाला ठहाके लगा रहा। क्या हमने मेडल इसलिए जीते थे कि तंत्र हमारे साथ घटिया व्यवहार करे। हमें घसीटे और फिर हमें ही अपराधी बना दे।
  2. मेडल लौटाने पर सवाल आया कि किसे लौटाएं?, राष्ट्रपति और PM को लौटाने पर मन नहीं माना। राष्ट्रपति कुछ नहीं बोलीं। प्रधानमंत्री ने हमें अपने घर की बेटियां बताया लेकिन एक बार भी सुध नहीं ली।
  3. यह मेडल अब हमें नहीं चाहिए क्योंकि इन्हें पहनाकर हमें मुखौटा बनाकर तंत्र सिर्फ अपना प्रचार और फिर हमारा शोषण करता है। हम उस शोषण के खिलाफ बोलें तो हमें जेल में डालने की तैयारी कर लेता है।
  4. ये मेडल सारे देश के लिए ही पवित्र हैं और पवित्र मेडल को रखने की सही जगह पवित्र मां गंगा ही हो सकती है, न कि हमें मुखौटा बना फ़ायदा लेने के बाद हमारे उत्पीड़क के साथ खड़ा हो जाने वाला हमारा अपवित्र तंत्र।
  5. अपवित्र तंत्र अपना काम कर रहा है और हम अपना काम कर रहे हैं. अब लोगों को सोचना होगा कि वह अपनी इन बेटियों के साथ खड़े हैं या इन बेटियों का उत्पीड़न करने वाले उस तेज सफ़ेदी वाले तंत्र के साथ।

रविवार को दिल्ली में साक्षी मलिक को हिरासत में लेती पुलिस।

पहलवानों के मेडल बहाने के ऐलान के बाद बड़े बयान
1. सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा- मेडल न बहाएं, ये बृजभूषण की कृपा से नहीं मिले

हरियाणा से राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा ने पहलवानों के फैसले पर कहा- देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों से मेरी अपील है कि अपने मेडल गंगा में न बहाएं। आपको ये मेडल भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की कृपा से नहीं मिले हैं।

2. टिकैत ने कहा-मेडल देश की शान, ऐसा कदम न उठाएं
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- यह मेडल देश और तिरंगे की शान है हमारा सभी पहलवानों से अनुरोध है कि ऐसा कदम मत उठाओ। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध है कि पहलवानों से जल्द बातचीत करें।

3. गीता फोगाट बोलीं- आंखों में आंसू आ गए
दंगल गर्ल गीता फोगाट ने कहा- हर खिलाड़ी का देश के लिए मेडल जीतकर तिरंगा विदेशों में फहराने का सपना होता है। आंखों में आंसू आ गए ये देख कर कि हमारे पहलवान वही मेडल आज गंगा में बहा देंगे।

4. सांसद सैनी बोलें- ये खिलाड़ियों का व्यक्तिगत निर्णय
हरियाणा के कुरूक्षेत्र लोकसभा सांसद नायब सैनी ने कैथल में कहा कि ये खिलाड़ियों का व्यक्तिगत निर्णय है। किसी को रोका नहीं जा सकता। कोई मुझे भी रोकना चाहे तो नहीं रोक सकता। सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास रखना चाहिए।

5. हम पहलवानों के साथ हैं- ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे पहलवानों को पीटा गया और प्रताड़ित किया गया। मैंने पहलवानों से बात की और उन्हें अपना समर्थन दिया। हम उनके साथ हैं। एक व्यक्ति पर मारपीट का आरोप है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा? पूजा-पाठ तभी होता है, जब इंसानियत की पूजा होती है।

6. पहलवानों से हाथापाई के बारे में सुनकर निराशा हुई: कुंबले
पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले ने कहा- 28 मई को हमारे पहलवानों के साथ हाथापाई के बारे में सुनकर निराशा हुई। उचित बातचीत के जरिए कुछ भी हल किया जा सकता है। जल्द से जल्द समाधान की उम्मीद है।

7. अहंकार छोड़ें प्रधानमंत्री : केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा देश स्तब्ध है। पूरे देश की आंखों में आँसू हैं। अब तो प्रधानमंत्री को अपना अहंकार छोड़ देना चाहिए।


गहलोत बोले- पायलट पार्टी में हैं तो मिलकर काम करेंगे, मेरे लिए पद मायने नहीं रखता

राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने दिल्ली में पायलट को लेकर बयान दिया। मीडिया ने पूछा कि क्या उन्हें भरोसा है कि पायलट उनके साथ मिलकर काम करेंगे। इस पर गहलोत ने कहा, ‘वे पार्टी में हैं तो साथ मिलकर काम क्यों नहीं करेंगे।’

फिर उनसे सवाल पूछा गया कि पायलट की क्या भूमिका होगी। इस पर गहलोत ने कहा, ‘भूमिका हाईकमान की होती है। मेरे लिए पद मायने नहीं रखता है। मैं 3 बार मुख्यमंत्री रहा, केंद्रीय मंत्री बना, आज मेरी ड्यूटी बनती है कि जो हाईकमान चाहे वह मैं करूं।’

मणिपुर हिंसा: चानू समेत 11 खिलाड़ियों ने कहा- शांति बहाल नहीं हुई तो मेडल लौटा देंगे

गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी इंफाल में पुलिस और आर्मी अफसरों के साथ मीटिंग की। कुकी समुदाय के लोगों ने राज्य में शांति बहाल करने को लेकर रैली निकाली।

मणिपुर में 3 मई से हिंसा जारी है। अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच ओलिंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू सहित मणिपुर की 11 खेल हस्तियों ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।

इन लोगों ने अमित शाह से राज्य में जल्द शांति बहाल करने की मांग की है। इन्होंने कहा है कि अगर स्थिति सामान्य नहीं हुई तो वे अपने अवॉर्ड और मेडल लौटा देंगे।

लेटर पर दस्तखत करने वालों में मीराबाई चानू, पद्म पुरस्कार विजेता वेटलिफ्टर कुंजारानी देवी, पूर्व भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कप्तान बेम बेम देवी और मुक्केबाज एल सरिता देवी शामिल हैं।

इधर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को पुणे में कहा कि मणिपुर में हालात सामान्य होने में थोड़ा वक्त लगेगा।

जनरल चौहान ने कहा- राज्य में हिंसा दो जातियों के बीच संघर्ष का परिणाम है। इसका उग्रवाद से कोई लेना-देना नहीं है। यह कानून-व्यवस्था का मामला है। हम राज्य सरकार की मदद कर रहे हैं।

28 मई को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बताया था कि राज्य में हिंसा शुरू होने के बाद पुलिस एनकाउंटर में 40 लोग मारे गए हैं। CM ने इन्हें मिलिटेंट बताया था।

CDS जनरल अनिल चौहान मंगलवार को पुणे में NDA के 144वें कोर्स की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए।

अमित शाह इंफाल में, 1 जून तक यहीं रहेंगे
गृह मंत्री अमित शाह 29 मई को मणिपुर की राजधानी इंफाल पहुंचे। वे यहां 1 जून तक रहेंगे। देर रात उन्होंने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मीटिंग की।

इस बैठक में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और इंटेलिजेंस ब्यूरो के चीफ तपन डेका मौजूद थे।

शाह ने हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। उन्होंने राज्य में राशन और तेल जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई को बेहतर करने के निर्देश दिए हैं।

29 मई को अमित शाह मणिपुर पहुंचे और राजधानी इंफाल में CM के साथ बैठक की। इसमें गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, गृह सचिव अजय भल्ला और इंटेलिजेंस ब्यूरो के चीफ तपन डेका मौजूद थे।

मंगलवार सुबह अमित शाह ने सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों के साथ अलग-अलग बैठकें की। गृह मंत्री 1 जून तक कई राउंड की सुरक्षा बैठकें करेंगे।

इससे पहले मणिपुर सरकार ने राज्य में हिंसा को लेकर फेक न्यूज फैलाने वालों पर राजद्रोह का केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

मणिपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस डेलिगेशन राष्ट्रपति से मिला

मणिपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस पार्टी का डेलिगेशन मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के डेलिगेशन ने राष्ट्रपति से मुलाकात की है। नेताओं ने राष्ट्रपति से मणिपुर हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक हाई लेवल इन्क्वायरी कमेटी बनाने की मांग की है।

जयराम ने कहा- 22 साल पहले भी मणिपुर जल रहा था। तब प्रधानमंत्री अटल जी थे। आज फिर से मणिपुर जल रहा है, अब PM नरेंद्र मोदी हैं। इसका कारण BJP की विभाजनकारी व ध्रुवीकरण की राजनीति है। मणिपुर जल रहा था, लेकिन PM और गृहमंत्री कर्नाटक चुनाव में व्यस्त थे।

हिंसा के चलते अब तक 80 लोगों की जान गई
अमित शाह के दौरे से एक दिन पहले रविवार को भी मणिपुर के कुछ इलाकों में हिंसा हुई थी। राजधानी इंफाल से लगे सेरौ और सुगनू इलाके में हिंसक झड़प हुई। इसमें 1 पुलिसकर्मी समेत 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हुए हैं। राज्य में हिंसा के चलते अब तक करीब 80 लोगों की जान गई है।

सेना ने 2,000 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला
ताजा हिंसा के बाद सेना और असम राइफल्स ने 28 मई को एक बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया। जिसमें कुकी जनजाति और मेइती समुदाय के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की।

सेना और अर्धसैनिक बलों ने पुलिस, राज्य प्रशासन और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर सेरो से मैतेई समुदाय के लगभग 2,000 ग्रामीणों को निकाला और उन्हें पंगलताबी राहत शिविर ले गए। इसी तरह कुकी जनजाति के लगभग 328 ग्रामीणों को सुरक्षित रूप से सुगनू से साजिक तंपक पहुंचाया गया।

भारतीय सेना के ट्रकों से लोगों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया जा रहा। आसमान से वाहनों की निगरानी हो रही।

31 मई तक इंटरनेट बैन, 40 हजार लोग पलायन कर चुके
मणिपुर में कुकी जनजाति के लोग मैतेई समुदाय को ST का दर्जा देने के खिलाफ 3 मई से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ती गई। केंद्र सरकार को राज्य में सेना और अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा। कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जो अब तक जारी है। 31 मई तक इंटरनेट भी बैन कर दिया गया है। अब तक 40 हजार लोग पलायन कर चुके हैं।

4 पॉइंट्स में जानिए, पूरा विवाद…

1. मणिपुर में आधी आबादी मैतेई समुदाय की
मणिपुर की लगभग 38 लाख की आबादी में से आधे से ज्यादा मैतेई समुदाय के लोग हैं। मणिपुर के लगभग 10% क्षेत्रफल में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल है।

हाल ही में मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने पर विचार करने के आदेश जारी किए हैं।

2. मैतेई समुदाय आरक्षण क्यों मांग रहा है
मैतेई समुदाय के लोगों का तर्क है कि 1949 में भारतीय संघ में विलय से पूर्व उन्हें रियासतकाल में जनजाति का दर्जा प्राप्त था। पिछले 70 साल में मैतेई आबादी 62 फीसदी से घटकर लगभग 50 फीसदी के आसपास रह गई है। अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए मैतेई समुदाय आरक्षण मांग रहा है।

3. नगा-कुकी जनजाति आरक्षण के विरोध में
मणिपुर की नगा और कुकी जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। राज्य के 90% क्षेत्र में रहने वाला नगा और कुकी राज्य की आबादी का 34% हैं।

इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। राजनीतिक रूप से मैतेई समुदाय का पहले से ही मणिपुर में दबदबा है।

नगा और कुकी जनजातियों को आशंका है कि एसटी वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों में बंटवारा होगा। मौजूदा कानून के अनुसार मैतेई समुदाय को राज्य के पहाड़ी इलाकों में बसने की इजाजत नहीं है।

4. हालिया हिंसा का कारण आरक्षण मुद्दा
मणिपुर में हालिया हिंसा का कारण मैतेई आरक्षण को माना जा सकता है। पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की सरकार ने चूराचांदपुर के वनक्षेत्र में बसे नगा और कुकी जनजाति को घुसपैठिए बताते हुए वहां से निकालने के आदेश दिए थे। इससे नगा-कुकी नाराज चल रहे थे। मैतेई हिंदू धर्मावलंबी हैं, जबकि एसटी वर्ग के अधिकांश नगा और कुकी ईसाई धर्म को मानने वाले हैं।

दिल्ली मर्डर: साहिल ने 15 दिन पहले चाकू खरीदा, प्लानिंग के बाद मर्डर किया
दिल्ली में 16 साल की नाबालिग की हत्या करने वाले साहिल ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल लिया है। उसने बताया कि हत्या से 15 दिन पहले उसने लोकल मार्केट चाकू खरीदा था। साहिल को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसे कोर्ट ने 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

साहिल ने पुलिस को बताया कि अचानक ब्रेकअप की वजह से उसका गुस्सा भड़का। उसने प्लानिंग के बाद मर्डर किया। साहिल ने हत्या के बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। उसे पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था, लेकिन बुलंदशहर जाने के लिए साहिल ने 2 बसें बदलीं थी।

26/11 हमले के आतंकी की जेल में मौत, टेरर फंडिंग केस में सजा काट रहा था

तस्वीर आतंकी अब्दुल सलाम भुट्टावी की है। उसे 2020 में साढ़े 16 साल की सजा सुनाई गई थी।

2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों की प्लानिंग में शामिल अब्दुल सलाम भुट्टावी की पाकिस्तान की जेल में हार्ट अटैक से मौत हो गई। वो पंजाब प्रांत की जेल में टेरर फंडिंग के मामले में सजा काट रहा था। भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों ने भी भुट्टावी की मौत की पुष्टि की है।

2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों की प्लानिंग में शामिल अब्दुल सलाम भुट्टावी की पाकिस्तान की जेल में हार्ट अटैक से मौत हो गई। वो पंजाब प्रांत के शेखपुरा जेल में टेरर फंडिंग के मामले में सजा काट रहा था। 2020 में उसे लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के बहनोई अब्दुल रहमान मक्की के साथ साढ़े 16 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने भी भुट्टावी की मौत की पुष्टि की है।

2011 में अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने भी भुट्टावी पर आतंकी हमलों के लिए फंड जुटाने और आतंकियों की भर्ती करने के आरोप लगाते हुए उस पर पाबंदियां लगा दी थीं। ट्रेजरी विभाग ने कहा था- भुट्टावी ने अपने भाषणों और फतवे जारी कर आतंकियों को मुंबई पर हमले के लिए तैयार किया था। 2011 में भुट्टावी ने खुद 20 सालों तक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने की बात कबूल की थी।

ये तस्वीर 26/11 आतंकी हमले की है। इसे 10 आतंकवादियों ने अंजाम दिया था।

26/11 हमले में आतंकियों और पुलिस के बीच तीन दिन तक चली थी मुठभेड़
2012 में UN के सिक्योरिटी काउंसिल ने भुट्टावी को आतंकवादी घोषित किया था। 2002-2008 के बीच में जब लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद को पाकिस्तान में हिरासत में लिया गया था तब भुट्टावी ही आतंकी संगठन का हेड बना था। उसी समय 2008 में मुंबई में आतंकी हमला हुआ था। इसे 10 आतंकियों ने मिलकर अंजाम दिया था। हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिक भी शामिल थे।

पानी के रास्ते आए थे आतंकी
26 नवंबर 2008 की रात पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर के 10 आतंकवादी कोलाबा के समुद्री तट से एक नाव के जरिए भारत में घुसे थे। वो पूरी तरह से हथियारों से लैस थे। यहां से ये सभी आतंकवादी दो-दो के ग्रुप में बंटकर अलग-अलग दिशाओं में बढ़ गए थे।

तस्वीर मुंबई हमले में शामिल आतंकी अजमल कसाब की है। इसे दूसरे आतंकियों के साथ मैप समझने, GPS और कंपास के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई थी।

यहां हुए थे हमले
इनमें से दो आतंकियों ने दक्षिणी मुंबई के कोलाबा में स्थित लियोपोल्ड कैफे को निशाना बनाया था, दो आतंकियों ने नरीमन हाउस, तो वहीं बाकी आतंकी दो-दो की टोली में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, होटल ट्राइडेंट ओबेरॉय और ताज होटल की तरफ बढ़े थे।

ओबेरॉय में मौजूद लोगों में भी कई जाने-माने लोग थे। ये तस्वीर नरीमन हाउस पर ऑपरेशन के लिए उतरे कमांडो की है।

केंद्र से भेजे गए थे एनएसजी कमांडो
आतंकियों ने निहत्थे और बेकसूर लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग और धमाके शुरू कर दिए थे। इसके बाद केंद्र की तरफ से इनसे निपटने के लिए 200 एनएसजी कमांडो भेजे गए थे। सेना के भी 50 कमांडो इस ऑपरेशन में शामिल थे। इसके अलावा सेना की पांच टुकड़ियों को भी वहां भेजा गया था।

हाफिज सईद का बहनोई मक्की ग्लोबल टेररिस्ट घोषित:कश्मीर में हुए हमलों का मास्टरमाइंड, चीन ने इसी के लिए UN में वीटो लगाया था

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद, यानी UNSC ने सोमवार को अब्दुल रहमान मक्की को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया है। अब्दुल रहमान मक्की भारत में हुए 26/11 हमले के मास्टरमांइड हाफिज सईद का बहनोई है।

पंजाब मंत्रिमंडल का आज विस्तार होगा

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार बुधवार को दो विधायकों गुरमीत सिंह खुडियां और बलकार सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाएगी। कैबिनेट मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर ने निजी कारणों का हवाला देते हुए मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। एक अधिकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मान ने स्थानीय निकाय मंत्री निज्जर का इस्तीफा राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के पास भेज दिया है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह के लिए पंजाब के राज्यपाल से समय मांगा है। कैबिनेट में अभी मुख्यमंत्री सहित 15 मंत्री हैं।

हार्ट अटैक से होने वाली मौत पर AIIMS की स्टडी सबको पढ़नी चाहिए

आजकल देश में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। लोगों को चलते-चलते, नाचने के दौरान, एक्सरसाइज के बीच हार्ट अटैक आना वाकई चिंता पैदा कर रहा है। अब ऐसी मौतों पर एम्स दिल्ली ने शोध किया है। इसमें पता चला है कि लोगों की मौत समय पर अस्पताल पहुंचने के चलते हो रही हैं।

भड़के हुए संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं कई बातें

संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘ईडी को 10 बार दिए बयान में अमित अरोड़ा को मेरा नाम याद नहीं आया, पर जब मैंने ईडी के खिलाफ बोला, मेरे खिलाफ बयान दे दिया। अमित अरोड़ा का बयान है कि वो जून 2020 में मनीष सिसोदिया से मिला, तब संजय सिंह भी मौजूद थे। उसने एक एमओयू किया लेकिन वो पॉलिसी नहीं आई। चार्जशीट में ऐसी घटनाओं और एमओयू का जिक्र किया जा रहा है, जिसका आबकारी नीति से कोई लेना देना नहीं है। चार्जशीट में लिखी झूठी बातों के आधार पर मेरे सहयोगियों पर छापेमारी हुई, मैं इस मामले में कोर्ट जाकर मोदी जी और ईडी को एक्सपोज करूंगा।’

शराब घोटाले की चार्जशीट में अरविंद केजरीवाल का भी नाम

दिल्ली आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अदालत में दाखिल चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी दर्ज है, हालांकि आरोपी के तौर पर नहीं। आरोपी से गवाह बने दिनेश अरोड़ा के बयान में केजरीवाल का नाम आया है। अरोड़ा ने पूछताछ में ईडी के सामने आप के राज्यसभा और केजरीवाल के बेहद करीबी सांसद संजय सिंह का भी नाम लिया है। संजय सिंह इस पर आग बबूला हैं।

बिना मेडल बहाए हर की पैड़ी से वापस जा रहे पहलवान, नरेश टिकैत ने मनाया

हरिद्वार मेंहर की पैड़ी पहुंचकर गंगा में बिना मेडल बहाए ही वापस जा रहे हैं। पहलवानों को मनाने पहुंचे किसान नेता नरेश टिकैत ने उनसे मेडल वापस ले लिए हैं। पहलवानों ने भी उनकी बात मानकर अपने मेडल उन्हें वापस दे दिए। नरैश टिकत ने 5 दिन का समय देने की बात कही है। इससे पहले राकेश टिकैत, सीएम केजरीवाल सहित कई लोगों ने पहलवानों से मेडल न बहाने की अपील की थी।

मेडल बहाने से पहले आंखों में आंसू

हरिद्वार में गंगा में मेडल बहाने से पहले पहलवान रो रहे हैं। हर की पौड़ी पर भीड़ जमा है। पहलवानों के समर्थन में नारेबाजी हो रही है।

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