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ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ -II नहीं रहीं

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ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ II का निधन हो गया है। उन्होंने 6 फरवरी 1952 को पिता किंग जॉर्ज की मौत के बाद ब्रिटेन का शासन संभाला। तब उनकी उम्र सिर्फ 25 साल थी। तब से 70 साल तक उन्होंने शासन किया। उन्होंने 2 दिन पहले ‌‌ब्रिटेन की 15वीं PM लिज ट्रस को शपथ दिलाई थी।एलिजाबेथ II ब्रिटेन के इतिहास में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली पहली महिला सम्राट हैं। 

ब्रिटिश प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने भी इस खबर पर चिंता जताई है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा- बकिंघम पैलेस की खबर से पूरा देश चिंतित होगा। मेरे विचार और हमारे यूनाइटेड किंगडम के लोगों के विचार इस समय महारानी और उनके परिवार के साथ हैं।

यह तस्वीर रायटर्स ने अभी जारी की है। स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कासल इमारत पर सिक्योरिटी गॉर्ड तैनात हो गए हैं।

बकिंघम पैलेस की गार्ड चेंजिंग सेरेमनी रद्द
लंदन के बकिंघम पैलेस में होने वाली गार्ड चेंजिंग को रद्द कर दिया गया है। सेरेमनी के दौरान जहां पर यात्री जुटते हैं ठीक उसी जगह पर एक बोर्ड लगा दिया गया है।

बकिंघम पैलेस पर लगा साइन बोर्ड। यहां कल पारंपरिक गॉर्ड चेंजिंग सेरेमनी होनी थी।

इससे पहले महारानी की प्रीवी कॉउंसिल यानी गुप्त जानकारी के संबंधित मंत्रीपरिषद की वर्चुअल मीटिंग भी रद्द कर दी गई थी।

यह तस्वीर 6 सितंबर यानी 2 दिन पहले की है। जब ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री लिज ट्रस महारानी से शपथ लेने गई थीं। तब यह फोटो जारी की थी।

70 साल तक राजशाही को संभाले रखीं एलिजाबेथ

क्वीन एलिजाबेथ 2 जून 1953 को ब्रिटेन की महारानी के पद पर आसीन हुईं थीं। जब एलिजाबेथ क्वीन बनीं तब दुनिया ही नहीं ब्रिटेन में भी राजशाही पर सवाल उठ रहे थे। लेकिन महारानी एलिजाबेथ ने तमाम विरोध के बावजूद शाही परिवार के रुतबे और असर को बरकरार रखा।

दरअसल, ​​​​​क्वीन एलिजाबेथ के करीब सत्तर साल के कार्यकाल के दौरान ब्रिटेन ही नहीं बल्कि समूची दुनिया में भारी बदलाव हुए। इस दौरान ब्रिटेन ने सिर्फ आर्थिक चुनौतियों का ही नहीं बल्कि राजनीतिक संकटों का भी सामना किया।

उतार-चढ़ाव के दौर में ब्रिटेन की महारानी अपने देश की जनता के लिए भरोसे का प्रतीक बनीं रहीं।

25 साल की एलिजाबेथ क्वीन बनी, अंग्रेजी हुकूमत का रुतबा और रकबा दोनों घट रहे थे
एक दौर में दुनिया के बड़े हिस्से में ब्रितानी साम्राज्य की एकछत्र हुकूमत थी। लेकिन एलिजाबेथ ने जब ताज पहना तो ब्रितानी साम्राज्य का रुतबा और रकबा दोनों घट रहे थे। ब्रितानी समाज में क्रांतिकारी बदलावों के दौर से गुजर रहा था।

एलिजाबेथ का जन्म 21 अप्रैल 1926 को लंदन में हुआ था। उनके पिता अल्बर्ट ड्यूक ऑफ यॉर्क और उनकी मां एलिजाबेथ बोवेस-लियोन थीं।

जब एलिजाबेथ क्वीन बनीं तब दुनिया ही नहीं ब्रिटेन में भी राजशाही पर सवाल उठ रहे थे। लेकिन महारानी एलिजाबेथ ने तमाम विरोध के बावजूद शाही परिवार के रुतबे और असर को बरकरार रखा।

एलिजाबेथ कभी स्कूल नहीं गईं थीं। उनकी पढ़ाई घर पर ही हुई। उन्होंने कई भाषाएं सीखीं। एलिजाबेथ 21 अप्रैल 1926 को बर्कले में पैदा हुईं थीं। एलिजाबेथ के पिता ड्यूक ऑफ आर्क अल्बर्ट उस दौर के ब्रितानी राजा जार्च पंचम के दूसरे नंबर के बेटे थे। एलिजाबेथ अपने पिता की बड़ी बेटी थीं। उस दौर में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एलिजाबेथ महारानी बनेंगी।

ये तस्वीर एलिजाबेथ की है, जब वो 2 साल की थीं। वो अल्बर्ट और बोवेस-लियोन की पहली संतान थीं।

कैसे बनीं महारानी
ब्रिटेन के किंग जार्ज पंचम की 1936 में मौत हुई थी। उनकी मौत के बाद शाही गद्दी पर उनके बड़े बेटे डेविड बैठे थे। उन्होंने अपना शाही नाम एडवर्ड अष्टम रखा था।

लेकिन अपने प्रेम प्रसंग के कारण एडवर्ड अष्टम को गद्दी छोड़नी पड़ी। एडवर्ड ने एक तलाकशुदा अमेरिकी महिला से शादी की थी जिसकी वजह से उनका भारी विरोध हुआ।

एडवर्ड के पात हिचकते हुए एलिजाबेथ के पिता अल्बर्ट राजगद्दी पर बैठे और इस तरह एलिजाबेथ के महारानी बनने का रास्ता भी तैयार हुआ।

4 साल की एलिजाबेथ ओलंपिया में एक रोयल टूर्नामेंट में गई थीं। ये तस्वीर उसी समय ली गई थी। वो कई बार ओलंपिया इंटरनेशनल हॉर्स शो देखने जाती थीं।

जीवनसाथी से मुलाकात
ये वो दौर था जब हिटलर की ताकत बढ़ रही थी और अल्बर्ट देश का दौरा करके लोगों का राजशाही में भरोसा मजबूत कर रहे थे। एलिजाबेथ भी परिवार के साथ दौरे कर रहीं थीं। वो सिर्फ तेरह साल की थीं जब उनकी मुलाकात अपने भविष्य के पति फिलिप से हुई। फिलिप ग्रीस के राजकुमार थे।

फिलिप और एलिजाबेथ की कई मुलाकातें हुईं और 1944 में दोनों प्यार में पड़ गए थे। एलिजाबेथ की फिलिप से नजदीकी किसी से छुपी नहीं थी।

दूसरा विश्व युद्ध में टेरिटोरियल सर्विस में हिस्सा लेने वाली एलिजाबेथ विश्व युद्ध समाप्त होने के बाद फिलिप से शादी करना चाहती थीं। कई अड़चनों के बाद 20 नवंबर 1947 को एलिजाबेथ की शादी फिलिप से हुई। 1948 में एलिजाबेथ को पहली औलाद प्रिंस चार्ल्स के रूप में मिली। दो साल बाद उनकी बेटी एना का जन्म हुआ।

ये तस्वीर एलिजाबेथ और उसकी बहन मार्गरेट रोज की है। मार्गरेट जन्म 1930 में हुआ था। दोनों की शिक्षा घर पर ही हुई थी।

पिता की मौत
एलिजाबेथ अपने पति फिलिप के साथ अफ्रीका के दौरे पर थीं जब उन्हें अपने पिता किंग अल्बर्ट की मौत की खबर मिली। ब्रिटेन लौटने के तुरंत बाद ही एलिजाबेथ को महारानी घोषित कर दिया था।

महारानी घोषित किए जाने के सोलह महीने बाद जून 1953 में एलिजाबेथ का कोरोनेशन हुआ था जिसका प्रसारण दुनियाभर में टीवी पर किया गया था। ये पहली बार था जब दुनिया में बहुत से लोगों ने पहली बार टीवी पर लाइव प्रसारण देखा था।

ये वो दौर था जब ब्रिटेन दूसरे विश्व युद्ध के बाद खड़ा होने की कोशिश कर रहा था। खर्चों में कटौती हो रही थी और देश के सामने कई चुनौतियां थीं।

14 साल की राजकुमारी एलिजाबेथ ने रेडियो कार्यक्रम चिल्ड्रन ऑवर में उन बच्चों के लिए संदेश भेजा था जिन्हें सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान ब्रिटेन छोड़ना पड़ा था।

ब्रिटेन की राजशाही का घटता रुतबा
दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनियाभर में देश ब्रितानी शासन से आजाद हो रहे थे। भारतीय महाद्वीप सहित दुनिया के कई बड़े इलाके ब्रिटेन के हाथ से निकल गए। इससे ब्रिटेन की आर्थिक और राजनीतिक हैसियत भी घट रही थी। तीन सदियों से एक सुपरपॉवर रहा ब्रिटेन कमजोर हो रहा था।

इस दौर में महारानी एलिजाबेथ ने कॉमनवेल्थ के जरिए ब्रिटेन के रुतबे को बरकरार रखने की कोशिश की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया। हालांकी एलिजाबेथ की कोशिशों के बावजूद ब्रिटेन का पतन नहीं रुका।

1956 में मिस्र ने स्वेज नहर का राष्ट्रीयकरण करके ब्रितानी साम्राज्य के सम्मान को चकनाचूर कर दिया। ब्रिटेन ने स्वेज पर नियंत्रण बरकरार रखने के लिए सैन्य टुकड़ियां भी भेजीं लेकिन वो भी कुछ ना कर सकीं। निराश ब्रितानी प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।

एलिजाबेथ 1937 में गर्ल गाइड बनीं थीं। इस तस्वीर में उन्होंने गर्ल गाइड की यूनिफॉर्म पहन रखी है। गर्ल गाइड एक चैरिटेबल आर्गनाइजेशन है।

सीमित अधिकार
ब्रिटेन की महारानी की भूमिका अब सांकेतिक ही अधिक है। ब्रिटेन में शाही परिवार को सम्मान तो बहुत प्राप्त है लेकिन संवैधानिक अधिकार सीमित हैं। ब्रिटेन में सरकार प्रधानमंत्री चलाते हैं, वो महारानी को रिपोर्ट करते हैं लेकिन महारानी सत्ता संचालन में बहुत दखल नहीं देती हैं।

20 नवंबर 1947 को उन्होंने ग्रीस के प्रिंस फिलिप से शादी की। वह प्रिंस एंड्रयू ऑफ ग्रीस एंड डेनमार्क और प्रिंसेस एलिस ऑफ बटनबर्ग की एकलौती संतान थे।

पहली प्रधानमंत्री से थैचर से तनावपूर्ण संबंध
1979 में मार्गेरेट थैचर ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। थैचर और एलिजाबेथ के रिश्ते बहुत अच्छे नहीं थे।

एलिजाबेथ ब्रितानी कॉमनवेल्थ और अफ्रीका में निवेश को बढ़ाना चाहती थीं। थैचर इसके समर्थन में नहीं थीं।

यह तस्वीर महारानी एलिजाबेथ II और पति फिलिप की है। ये 2 जून, 1953 को बकिंघम पैलेस में महारानी के राज्याभिषेक या ताजपोशी के दौरान ली गई थी।

महल में आग, खर्च पर सवाल
1992 में शाही निवास विंडसर कासल में आग लग गई। इस घटना ने शाही परिवार के खर्चों पर सवाल खड़े कर दिए। देश दो धड़ों में बंट गया- एक का तर्क था कि शाही परिवार खुद मरम्मत का खर्च उठाए तो दूसरे का कहना था कि टैक्स के पैसों से ये काम हो।

मरम्मत का खर्च निकालने और शाही परिवार के खर्च पूरे करने के लिए बकिंघम पैलेस को आम जनता के लिए खोल दिया गया। एलिजाबेथ ने अपने और अपने बेटे प्रिंस चार्ल्स के अपनी आमदनी पर टैक्स देने की घोषणा भी कर दी।

महारानी एलिजाबेथ की पहली संतान यानी प्रिंस चार्ल्स का जन्म 1948 में हुआ। उनकी दूसरी संतान यानी उनकी बेटी एनी का जन्म 1950 में हुआ।

महारानी के साथ एक दौर निकला है
महारानी एलिजाबेथ की मौत के साथ ही ब्रितानी साम्राज्य के एक और दौर बीता है। अब शाही परिवार का रुतबा या प्रभाव ऐसा नहीं है जैसा कि 1952 में उनकी महारानी घोषित के वक्त था। अब ब्रिटेन में बहुत से लोग शाही परिवार पर सवाल करते हैं। लेकिन ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो शाही परिवार को देश को जोड़े रखने की एक अहम कड़ी मानते हैं।

महारानी के बाद उनके बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स उनके उत्तराधिकारी हैं। अब विश्व पटल पर भी ब्रिटेन की हैसियत कम हो रही है। अभी हाल ही में अर्थव्यस्था के मामले में भारत, ब्रिटेन से आगे निकल गया है।

अब रानी की जिंदगी से जुड़ी सबसे बेहतरीन तस्वीरें

मुस्कुराती हुई क्वीन एलिजाबेथ II की ये तस्वीर 1957 में उनकी पहली टेलीविजन क्रिसमस स्पीच के पहले खींची गई थी। क्वीन एलिजाबेथ II ने कभी कोई इंटरव्यू नहीं दिया, लेकिन वो किसी न किसी तरीके से जनता तक अपनी मन की बातें पहुंचाती रहती थीं।

महारानी एलिजाबेथ को जानवारों से बेहद प्यार था। उनके पास कॉर्गी ब्रीड के 30 डॉग्स थे।

अपनी पहली शाही यात्रा के दौरान क्वीन एलिजाबेथ II ने सदियों से चले आ रहे ट्रेडिशन को तोड़ा था। उन्होंने लोगों को दूर से वेव करने के बजाय पास से ग्रीट किया था। पहली शाही यात्रा 1970 में ऑस्ट्रेलिया में की थी। इस दौरान वे सिडनी में लोगों के बीच से गुजरी थीं।

यह तस्वीर 27 मार्च 1981 की है। इसमें क्वीन एलिजाबेथ II अपने बेटे प्रिंस चार्ल्स और डायना स्पेंसर के साथ खड़ी हैं। इसी साल प्रिंस चार्ल्स और डायना स्पेंसर की शादी हुई थी।

ये तस्वीर 20 अक्टूबर 2003 की है। तब को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला लंदन के बकिंघम पैलेस आए थे। महारानी एलिजाबेथ ने हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया था। मंडेला पहले भी 1996 में ब्रिटेन का दौरा कर चुके थे।

2012 में हुए लंदन ओलंपिक की ओपनिंग सेरेमनी में क्वीन एलिजाबेथ II ने लोगों को सपराइज कर दिया था। वे फेमस स्पाई जेम्स बॉन्ड का किरदार निभाने वाले एक्टर डेनियल क्रेग के साथ सेरेमनी में पहुंची थीं।

प्रिंस फिलिप एलिजाबेथ को प्यार से ‘लिलिबेट’ बुलाते थे। शादी के 73 साल बाद प्रिंस फिलिप का अप्रैल 2021 में निधन हो गया।

प्रिंस के निधन के बाद क्वीन एलिजाबेथ II काफी देर तक सेंट जॉर्ज चैपल में अकेले बैठी रही थीं।

जून में महारानी एलिजाबेथ के शासन की प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेट की गई। प्लैटिनम जुबली समारोह शाही इतिहास में अपनी तरह का पहला समारोह रहा।

25 की उम्र में संभाला था शासन, PHOTOS में देखिए प्रिंसेस से क्वीन तक का सफर

एक्सक्लूसिव तस्वीरों के जरिए जानते हैं क्वीन का सफर…
1947
एलिजाबेथ ने अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया

राजकुमारी एलिजाबेथ ने अपने जन्मदिन यानी 21 अप्रैल 1947 को पहला संबोधन अफ्रीका की राजधानी केप टाउन में रेडियो पर दिया था।

राजकुमारी एलिजाबेथ ने देश के नाम अपना पहला संबोधन 21 साल की उम्र में दिया। वे साउथ अफ्रीका के दौरे पर गई थीं। उस समय साउथ अफ्रीका ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा था। अपने संबोधन में उन्होंने कहा था- मैं अपना पूरा जीवन समाज और परिवार की सेवा के लिए समर्पित करती हूं। हम सब एक परिवार का हिस्सा हैं। उस वक्त वे क्वीन नहीं, बल्कि प्रिंसेस थीं।

1953
ताजपोशी

यह तस्वीर महारानी एलिजाबेथ II और उनके पति फिलिप की है। ये 2 जून 1953 को बकिंघम पैलेस में महारानी के राज्याभिषेक या ताजपोशी के दौरान ली गई थी।

फरवरी 1952 में सब कुछ बदल गया। लंबे वक्त से बीमार चल रहे एलिजाबेथ के पिता किंग जॉर्ज का निधन हो गया। अब ब्रिटेन को नई महारानी मिलने वाली थी। महज 25 साल की उम्र में एलिजाबेथ II ने ब्रिटेन का शासन संभाला। जून 1953 में उनका आधिकारिक रूप से राज्याभिषेक किया गया। इस कार्यक्रम को पहली बार टीवी पर दिखाया गया। इस दौरान एलिजाबेथ ने कहा था- मेरे पास इस नई जिम्मेदारी के लिए बहुत कम एक्सपीरिएंस है। पेरेंट्स ने जिस तरह से सब कुछ संभाला, मैं भी वैसे ही काम करूंगी। इस मौके पर मैं आप सबका दिल से धन्यवाद करना चाहती हूं।

1957
अमेरिका का पहला दौरा

यह तस्वीर 17 अक्टूबर 1957 की है। क्वीन एलिजाबेथ II पति प्रिंस फिलिप के साथ प्रेसिडेंट ड्वाइट डी आइजनहावर और फर्स्ट लेडी मैमी आइजनहावर के साथ।

महारानी एलिजाबेथ II ने अपने पूरे जीवनकाल में 90 देशों की यात्रा की। उन्होंने भारत, रूस, साउथ अफ्रीका जैसे देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। 1951 में एलिजाबेथ ने US के राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन से मुलाकात की थी। इस समय वे राजकुमारी थीं। 1957 में क्वीन एलिजाबेथ II ने अमेरिका का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान वो तत्कालीन राष्ट्रपति ड्वाइट डी. आइजनहावर से मिली थीं।

1957
टीवी पर पहला संबोधन

मुस्कुराती हुई क्वीन एलिजाबेथ II की ये तस्वीर उनकी पहली टेलीविजन क्रिसमस स्पीच के पहले खींची गई थी।

क्वीन एलिजाबेथ II ने कभी कोई इंटरव्यू नहीं दिया, लेकिन वो किसी न किसी तरीके से जनता तक अपने मन की बातें पहुंचाती रहती थीं। वे जनता से रिश्ते निभाना बखूबी जानती थीं। वे हर साल क्रिसमस के दिन संबोधन देती थीं। ये ब्रिटिश हॉलिडे ट्रेडिशन था। 1957 में क्वीन एलिजाबेथ ने पहली बार टीवी के माध्यम से लोगों को संबोधित किया।

1965
बकिंघम पैलेस में ‘बीटलमेनिया’

यह तस्वीर 26 अक्टूबर 1965 की है। पुलिस बल ‘बीटल्स’ फैंस को पैलेस के अंदर जाने से रोक रहे थे।

अक्टूबर 1965 में पॉपुलर म्यूजिक बैंड ‘बीटल्स’ के मेंबर्स क्वीन से मिलने बकिंघम पैलेस पहुंचे थे। बैंड के मेंबर्स जॉन लेनन, पॉल मेकार्टनी, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार की एक झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। पैलेस के गेट पर चढ़कर लोग अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। महारानी के घर के बाहर पुलिस बल तैनात था। क्वीन ने बैंड मेंबर्स को सम्मानित किया। पॉल मैक्कार्टनी ने महारानी से मिलने के बाद कहा था- वो बहुत फ्रेंडली थीं।

1966
एबरफान खदान आपदा

क्वीन एलिजाबेथ II और प्रिंस फिलिप भूस्खलन की घटना के 8 दिन बाद पीड़ितों से मिलने वेल्स पहुंचे थे।

21 अक्टूबर 1966 को साउथ वेल्स के गांव एबरफान में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ। इसमें 144 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे थे। इस आपदा ने देश को झकझोर कर रख दिया था। क्वीन एलिजाबेथ II पीड़ितों से मिलने 8 दिन बाद पहुंची थीं, जिसके बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

1969
अपोलो 11 के एस्ट्रोनॉट्स से मुलाकात

यह तस्वीर माइकल कोलिंस (बांए), नील आर्मस्ट्रांग (बीच में) और बज एल्ड्रिन की है। महारानी एलिजाबेथ II ने उनका स्वागत किया था।

चांद पर पैर रखने वाले पहले इंसान नील आर्मस्ट्रांग, बज एल्ड्रिन और माइकल कोलिंस ने ग्लोबल गुडविल टूर के दौरान 14 अक्टूबर 1969 को बकिंघम पैलेस में क्वीन एलिजाबेथ II से मुलाकात की थी। इस दौरान एक मजाकिया वाकया हुआ। इसके बारे में बताते हुए आर्मस्ट्रांग ने कहा था- उस दिन मैं बहुत बीमार था, मैं इवेंट में नहीं जाने के बारे में सोच रहा था, लेकिन मैं गया और क्वीन से मुलाकात के दौरान मुझे उनके सामने खांसी आ गई। कोलिंस भी सीढ़ियों पर गिर गए थे।

1970
पहली शाही यात्रा

सिडनी में क्वीन एलिजाबेथ II के साथ वहां के मेयर एम्मेट मैक्डरमोट थे। उस समय क्वीन ने लेमन यलो कलर की ड्रेस और व्हाइट कलर का हैट पहना था।

1977 में न्यूजीलैंड की यात्रा के दौरान क्वीन एलिजाबेथ II ने माओरी जनजाति के लोगों से मुलाकात की थी।

अपनी पहली शाही यात्रा के दौरान क्वीन एलिजाबेथ II ने सदियों से चले आ रहे ट्रेडिशन को तोड़ा था। उन्होंने लोगों को दूर से वेव करने के बजाय पास से ग्रीट किया था। पहली शाही यात्रा 1970 में ऑस्ट्रेलिया में की थी। इस दौरान वे सिडनी में लोगों के बीच से गुजरी थीं।

1981
चार्ल्स और डायना की शादी

यह तस्वीर 27 मार्च 1981 की है। इसमें क्वीन एलिजाबेथ II अपने बेटे प्रिंस चार्ल्स और डायना स्पेंसर के साथ दिख रही हैं।

29 जुलाई 1981 को प्रिंस चार्ल्स और डायना स्पेंसर की शादी हुई। उनकी एक झलक पाने के लिए सेंट्रल लंदन में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। प्रिंसेस डायना को लोग पसंद करते थे, लेकिन उनके और चार्ल्स के रिश्ते में मिठास नहीं थी। शादी के 11 साल बाद 1992 में दोनों ने तलाक ले लिया।

1986
चीन का दौरा करने वाली पहली महारानी

1986 में यात्रा के दौरान महारानी एलिजाबेथ II और राजकुमार फिलिप ने ग्रेट वॉल ऑफ चाइना का दौरा किया था।

1986 में एलिजाबेथ ने चीन का दौरा किया। ये पहली बार था जब कोई ब्रिटेन की महारानी चीन गई हों। उनके पहले प्रेसिडेंट रिचर्ड एम. निक्सन और प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने चीन का दौरा किया था। इस यात्रा को ब्रिटेन के राजनयिक प्रयास के रूप में देखा गया।

1996
नेल्सन मंडेला का स्वागत

नेल्सन मंडेला और क्वीन एलिजाबेथ II की ये तस्वीर बकिंघम पैलेस की है। अपनी यात्रा के दौरान मंडेला ने वेस्टमिंस्टर हॉल में संसद को संबोधित किया था।

जुलाई 1996 में साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला 4 दिवसीय दौरे पर ब्रिटेन पहुंचे। मंडेला की यात्रा के दौरान उनके और क्वीन के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी। क्वीन ने मंडेला को बकिंघम पैलेस इनवाइट किया था। इसके अलावा दोनों सेंट्रल लंदन में घूमते हुए भी नजर आए थे।

1997
डायना की मौत

यह तस्वीर 1997 में बकिंघम पैलेस में वेल्स की दिवंगत राजकुमारी डायना को दी गई श्रद्धांजलि के दौरान ली गई थी।

डायना 31 अगस्त 1997 को पेरिस में डिनर करने गाड़ी से निकली थीं, तभी उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ और उनकी मौत हो गई। ये खबर सुनते ही डायना को चाहने वाले लाखों लोगों को धक्का लगा था। इस खबर को लेकर क्वीन एलिजाबेथ का रिस्पॉन्स काफी बाद में सामने आया, जिसके बाद राज परिवार को आलोचना का सामना करना पड़ा था।

2007
पहले टीवी संबोधन के 50 साल

2007 में क्वीन एलिजाबेथ II ने क्रिसमस डे मैसेज रिकॉर्ड किया था। जो यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था।

साल 2007 में महारानी एलिजाबेथ II के पहले टीवी संबोधन के 50 साल पूरे हुए थे। इस दौरान उन्होंने एक स्पीच रिकॉर्ड की थी। स्पीच में उन्होंने कहा था- उम्र के बढ़ने की एक खासियत ये है कि आप अपने आस-पास हो रहे बदलाव को देखते हैं और महसूस करते हैं। 50 साल पहले जो हुआ, उसे याद करते हुए अब तक हुए बदलावों को एप्रीशिएट किया जा सकता है। आपको ये भी पता होता है कि क्या नहीं बदला है।

2012
लंदन ओलिंपिक

महारानी एलिजाबेथ के स्टेडियम में आने के बाद ब्रिटेन का झंडा फहराया गया और नेशनल एंथम गाया गया।

2012 में हुए लंदन ओलिंपिक की ओपनिंग सेरेमनी में क्वीन एलिजाबेथ II ने लोगों को सरप्राइज कर दिया था। वे फेमस स्पाई जेम्स बॉन्ड का किरदार निभाने वाले एक्टर डेनियल क्रेग के साथ सेरेमनी में पहुंची थीं। एक वीडियो में दिखाया गया कि जेम्स बॉन्ड (डेनियल क्रेग) ब्रिटेन की महारानी को लेने पैलेस गए। दोनों वहां एक साथ हेलिकॉप्टर में बैठे और स्टेडियम के लिए रवाना हुए। हेलिकॉप्टर हवा में था, तभी महारानी और जेम्स बॉन्ड ने हेलिकॉप्टर से पैराशूट लेकर छलांग लगाई। बेशक इसके लिए महारानी के बॉडी डबल का इस्तेमाल किया गया था।

2020
प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल का शाही परिवार से अलग होना

19 मई 2018 को ब्रिटेन के विंडसर स्थित सेंट जॉर्ज चैपल में दोनों की शादी हुई थी। एक साल बाद ही मेगन ने महल को कैदखाना बताते हुए कहा था कि वहां उन्हें घुटन महसूस होती है।

2018 में ब्रिटेन के शाही परिवार के प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल ने शादी की थी। अक्टूबर 2019 में खबरें आने लगीं कि शाही परिवार और इन दोनों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। आखिरकार मीडिया की अटकलें सही साबित हुईं और 9 जनवरी 2020 को दोनों ने शाही परिवार से अलग होने की घोषणा की। इसके बाद ही दंपती ने ‘रॉयल हाइनेस’ की उपाधि और शाही परिवार से मिलने वाली सभी सुविधाएं छोड़ दी थीं।

2021
प्रिंस फिलिप की मौत

प्रिंस फिलिप एलिजाबेथ को प्यार से ‘लिलिबेट’ बुलाते थे। प्रिंस के निधन के बाद क्वीन एलिजाबेथ II काफी देर तक सेंट जॉर्ज चैपल में अकेले बैठी रही थीं।

प्रिंस फिलिप का 9 अप्रैल 2021 को निधन हो गया। वे 99 साल के थे। महारानी एलिजाबेथ II और उनकी शादी को 73 साल पूरे हो गए थे। इंग्लैंड में कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान वह लंदन में विंडसर कैसल में महारानी के साथ रह रहे थे।

दिवंगत महारानी से जुड़ी ये खबरें भी

एलिजाबेथ ने स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कासल में अंतिम सांस ली, चार्ल्स किंग बनाए गए
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को निधन हो गया है। वह पिछले कुछ वक्त से बीमार थीं। 96 साल की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय फिलहाल स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कासल में थीं। यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। वे सबसे लंबे समय तक (70 साल) ब्रिटेन की क्वीन रहीं। 

15 देशों की सिंबॉलिक महारानी थीं एलिजाबेथ-II, रोज मिलता था सरकारी काम का ब्यौरा
लिजाबेथ सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं, 14 अन्य आजाद देशों की भी महारानी थीं। ये सभी देश कभी न कभी ब्रिटिश हुकूमत के अधीन रहे थे। 

3 बार भारत आईं एलिजाबेथ-II:रिपब्लिक डे पर शाही मेहमान बनीं
एलिजाबेथ-II तीन बार भारत आईं। 1961, 1983 और 1997 में वो भारत की शाही मेहमान बनी थीं। 1961 में भारत के गणतंत्र दिवस की परेड में भी शामिल हुई थीं। उनके साथ प्रिंस फिलिप भी थे। परेड के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के साथ बग्घी में सवार होकर वापस लौटते हुए। 

प्रिंस चार्ल्स बने ब्रिटेन के नए किंग, 24 घंटे के भीतर सौंपा जाएगा ताज
एलिजाबेथ-II के निधन के बाद उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स नए किंग बन गए हैं। अब उन्हें किंग चार्ल्स-III के नाम से जाना जाएगा। महारानी के निधन के 24 घंटों के भीतर लंदन स्थित सेंट जेम्स पैलेस में एक सेरेमोनियल बॉडी के बीच चार्ल्स को आधिकारिक तौर पर राजा घोषित किया जाएगा। 

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