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*बालाघाट में मालिक को मौत के मुंह से खींच लाई भैंस*

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 मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक चौंकाने वाली घटना हुआ है। जब एक बाघ ने चरवाहे पर हमला किया तो एक भैंस ने देवदूत बनकर उसकी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि जंगलों में अब जानवर अपने मालिकों की जान बचाने के लिए आगे आ रहे हैं।असल, यह पूरी घटना गुरुवार की है। कटंगी रेंज के अम्बेझरी बीट में 43 वर्षीय विट्ठल भारतराव आस्तकर अपने मवेशियों को चराने ले गए थे। उसी दौरान एक बाघ जंगल से निकला और एक गाय पर हमला कर दिया। गाय पर हमला करने के बाद बाघ विट्ठल की ओर मुड़ गया। उसने विट्ठल पर हमला किया और उसके दाहिने हाथ पर पंजा मारा। इससे पहले कि बाघ उसे अपने जबड़े में खींच पाता, उसकी एक भैंस ने बाघ पर हमला कर दिया। जिसके बाद बाघ डर गया और वहां से भाग गया। इस घटना के बाद विट्ठल को अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसका इलाज जारी है।

बाघ से भिड़ गया था कुत्ता

बता दें कि कुछ महीने पहले भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास भरहुत गांव में एक जर्मन शेफर्ड कुत्ते ने अपने मालिक को बाघ के हमले से बचाने के लिए अपनी जान दे दी थी। उस समय स्थानीय निवासी शिवम बरगैया अपने घर के बाहर टहल रहे थे। तभी एक बाघ जंगल से निकला और शिवम पर हमला करने की फिराक में था। जिसे देखकर कुत्ते ने जोर से भौंकना शुरू कर दिया।

कुत्ते ने डटकर किया बाघ का सामना

कुत्ते के भौंकने से बाघ रुक गया और शिवम को भागने का मौका मिल गया। फिर बाघ ने जर्मन शेफर्ड पर ही हमला कर दिया। उसे अपने जबड़े में पकड़ लिया और उसे जंगल में खींचने की कोशिश की। थोड़ी देर संघर्ष करने के बाद बाघ ने उसे छोड़ दिया और भाग गया। लेकिन कुत्ते को गंभीर चोटें आईं और कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने कुत्ते के साहस और वफादारी की प्रशंसा की।

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