खरगोन जिले के एबी रोड पर स्थित सेंंचुरी श्रमिकों का विवाद कसरावद कोर्ट और इंदौर हाई कोर्ट में जारी है, इसके बावजूद भी सेंचुरी वर्कर कॉलोनी मे जो रूम पहले से खाली थी, उसमें मनजीत कंपनी के द्वारा अपने श्रमिकों को नहीं रखा गया तथा जिन कमरों में सेंचुरी के श्रमिक रहते थे, उन कमरों में से कई कमरों का ताला मनजीत मैनेजमेंट के सिक्योरिटी ऑफिसर विकास पांडे द्वारा तोड़वा कर सामान चोरी कर लिया गया था। जिसकी सूचना लिखित खलटाका चौकी पर 4 महीने पहले बिल्कुल बयान सहित रिपोर्ट दर्ज करा दी गई । एसपी को भी और कलेक्टर को भी संज्ञान में दिया गया । जब मनजीत मैनेजमेंट कानून और संविधान और प्रशासन की भी बात नहीं मानी तो हम यह बातें आसपास गांव के जनप्रतिनिधि सरपंच को बता कर संज्ञान में दी । जनप्रतिनिधियों ने बोला कि हम मजदूरों के साथ मनजीत की गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे और मीटिंग में चल दोनों पक्ष की बात सुनकर अपनी बात रखेंगे । तब खालटाका सब इंस्पेक्टर रितेश तायडे जी, सत्राटी के सरपंच प्रतीक मकवाना जी , मगरखेड़ी के उपसरपंच श्री पवन जायसवाल जी तथा मुकुंदपुरा के सरपंच श्री ललित यादव जी सेंचुरी कॉलोनी में आए। इन लोगों के सामने मनजीत मैनेजमेंट का सिक्योरिटी ऑफीसर विकास पांडे यह स्वीकार किए कि उनके द्वारा आज के बाद किसी भी रूम का ताला नहीं तोड़ा जाएगा और जो लोग सेंचुरी कॉलोनी के निवासी हैं उनको भी गेट पर नहीं रोका जाएगा तथा न्यायालय के फैसले का इंतजार करूंगा ।
सवाल – *मनजीत कंपनी जो कई श्रमिकों का ताला बिना कानूनी नोटिस बिना पुलिस की उपस्थिति में तोड़ी तो क्या मनजीत कंपनी संविधान और कानून से बड़े हैं या क्या प्रशासन 4 महीने पहले लिखित में दिए रिपोर्ट पर मनजीत कंपनी के मैनेजरो को बचा रही है । और अगर बचा रही है तो समाज और पब्लिक सब समझ रही है की कोई किसी को मेहरबान क्यों रहता है ??*
अतः शासन प्रशासन से अनुरोध है कि सच का साथ देते हुए कम से कम अपनी कानूनी कर्तव्य का पालन करें ।

