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बिजनेस :बीएचईएल में पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार; टाइटन का मुनाफा 61% बढ़कर 1684 करोड़

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सरकार भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (बीएचईएल) में पांच फीसदी तक हिस्सेदारी बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये बेचेगी। इसके लिए न्यूनतम मूल्य 254 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। निर्गम बुधवार को गैर-खुदरा निवेशकों के लिए खुलेगा। खुदरा निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकेंगे। निर्गम के पूरी तरह सब्सक्राइब होने पर 17.41 करोड़ शेयरों यानी पांच फीसदी हिस्सा बिकने सरकार को 4,422 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

एलआईसी एमएफ ने खोली पहली महिला केंद्रित शाखा
एलआईसी म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट ने देश में अपनी पहली महिला केंद्रित शाखा खोली है। दक्षिण दिल्ली में खोली गई इस शाखा के साथ यह देश की पहली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी बन गई है, जिसने म्यूचुअल फंड निवेश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से यह कदम उठाया है। एलआईसी प्रायोजित कंपनी ने कहा, पहल का मकसद महिलाओं को अधिक वित्तीय जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। 

म्यूचुअल फंड: एनएसई और डाक विभाग में करार
डाक विभाग और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने मंगलवार को एनएसई एमएफ इन्वेस्ट मंच के जरिये म्यूचुअल फंड तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। डाक विभाग और एनएसई ने संयुक्त बयान में कहा, इस सहयोग का मकसद ग्रामीण और छोटे शहरों के लाखों भारतीयों की छोटी बचत को उत्पादक म्यूचुअल फंड निवेश में बदलकर उसे स्थायी संपत्ति बनाना है। 

टाइटन का मुनाफा 61% बढ़कर 1,684 करोड़
टाइटन का वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 60.84 फीसदी बढ़कर 1,684 करोड़ रुपये हो गया। इसमें घरेलू आभूषण व्यवसाय का योगदान रहा। कंपनी ने कहा, दिसंबर तिमाही में बिक्री 42 फीसदी बढ़कर 24,915 करोड़ रुपये हो गई। कर पूर्व मुनाफा 9.7 फीसदी मार्जिन पर 2,375 करोड़ रहा।

सिगरेट पर टैक्स वृद्धि मामले में फिर विचार करे वित्त मंत्रालय- तंबाकू बोर्ड
तंबाकू बोर्ड ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर सिगरेट पर उत्पाद शुल्क में ज्यादा बढ़ोतरी के उद्योग, लाखों किसानों और मजदूरों पर पड़ने वाले बुरे असर से अवगत कराया है। एक फरवरी, 2026 से लागू उत्पाद शुल्क बढ़ोतरी से असल में कीमतें 60 फीसदी तक बढ़ गई हैं। तंबाकू बोर्ड के चेयरमैन यशवंत कुमार चिदिपोथु ने 10 फरवरी को लिखे पत्र में कहा, उद्योग की गंभीर स्थिति और किसान समुदाय पर इसके बड़े असर को देखते हुए तंबाकू उत्पादों पर ज्यादा शुल्क दरों को बदलें। कर में भारी बढ़ोतरी से गैर-कानूनी सिगरेट के व्यापार में तेजी आने का खतरा बढ़ गया है, जो गंभीर आर्थिक और प्रशासनिक चुनौती है।

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