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चाचा नेहरु एवं एमवाय हास्पीटल की लापरवाही, इलाज में लेट लतीफी के कारण टी. चोइथराम में भर्ती करना पड़ा

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पत्रकार प्रकाश महावर एवं उनकी बहू के साथ एमवाय के स्टाफ ने की हाथापाई*
इन्दौर / शहर के सबसे बड़े हास्पीटल एमवाय एवं चाचा नेहरु हास्पीटल में डाक्टरों की लापरवाही का आलम शुक्रवार को रात 8 बजे देखने को मिला, यहां पत्रकार के पौते को एमवाय एवं चाचा नेहरु हास्पीटल के डाक्टरों की लापरवाही के चलते पत्रकार को अपने पौते को टी. चोइथराम हास्पीटल में एडमिट कराना पड़ा।
गौरतलब है कि पत्रकार प्रकाश महावर कोली के पोते उज्जवल विवेक महावर उम्र 10 साल को तबीयत बिगड़ने पर सुबह 11 बजे के लगभग चाचा नेहरु हास्पीटल में एडमिट कराया गया। जहां लेडी डाक्टर ने स्लाइन लगाई और शाम तक देखने तक नहीं आई, शाम 7.30 बजे देखने आए तब बच्चे की हालत देखते ही उन्होंने कहा कि बच्चे को को इमरजेंसी में एडमिट कराना था, जनरल में क्यों पटक रखा है।प्रकाश महावर ने बताया कि डाक्टर के कहने पर मेरा बेटा विवेक महावर, बहू रेशमा और मैं बच्चे को गोद में उठाकर चाचा नेहरु हास्पीटल से एमवाय की तीसरी मंजिल पर लेकर गए। वहां दस मिनिट तक एक पलंग से दूसरे तथा दूसरे से तीसरे पलंग पर शिफ्ट करते रहे।इस पर हमने बच्चे की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए चोइथराम हास्पीटल ले जाने का निर्णय लिया।हम बच्चे को वहां से ले जाने लगे तो वहां मौजूद डाक्टर और महिला गार्ड ने मेरे और मेरी बहु के साथ हाथापाई की तथा बच्चे की प्रायवेट इलाज की फाइल छीनने लगी। हमने कहा यहां की फाइल नहीं है, बावजूद महिला गार्ड ने मेरी बहू को थप्पड़ जड़ दिया।काफी कहासुनी होने के बाद मैंने एमवाय अधिक्षक बी. एस. ठाकुर को मोबाइल फोन लगाया लेकिन उन्होंने मोबाइल नहीं उठा।इसके बाद मैंने वाट्सएप से अधिक्षक ठाकुर एवं सम्भागायुक्त पवन शर्मा को मेसेज भेजें लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
*सम्भागायुक्त एवं एमवाय अधिक्षक को भेजें मेसेज*
ठाकुर साहब, मेरा पोता उज्जवल विवेक महावर आज सुबह से चाचा नेहरू हॉस्पिटल में एडमिट था उसके वहां पर कोई देखरेख नहीं हुई उसके बाद में शाम को 8:00 बजे के करीब डॉक्टर आए उन्होंने फाइल और बच्चे की हालत देखकर कहा कि मैडम ने अभी तक क्या करा, हम लोगों ने कहा मैडम ने बाटल केवल लगाई है उसके बाद में कुछ भी देख रेख नहीं की।  डॉक्टर के कहने पर हम बच्चे को गोद में उठाकर आईसीयू में लेकर गए वहां पर डॉक्टरों ने मेरे साथ में बदतमीजी की और वहां की गार्ड मैडम वगैरह थी उन्होंने भी बदतमीजी की। बच्चे की पर्सनल फाइल भी मैडम ने छीन करके हाथापाई तक की। मैंने आपको दो-तीन बार फोन लगाया लेकिन आपने फोन नहीं उठाया ऐसी स्थिति में हम m.y. से आदित्य हॉस्पिटल लेकर गए वहां से चोइथराम हॉस्पिटल ले जाने का कहा है हम बच्चे को चोइथराम हॉस्पिटल लेकर के आए हैं, यहां पर एडमिट है डॉक्टर पासी इलाज कर रही है।एम वाय की लापरवाही हम जैसे पत्रकारों के साथ हो रही है तो आम लोगों की स्थिति क्या होगी यह हमें समझ में आ गया है।

प्रकाश महावर कोली 

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