
एस पी मित्तल,अजमेर
23 मार्च को जब अजमेर में रात नौ बजे सिंधी समुदाय के चेटीचंड का जुलूस ख्वाजा साहब की दरगाह पर पहुंचा खादिमों द्वारा बनाई गई संस्था मौलाई कमेटी ने जुलूस का शानदार इस्तकबाल किया। जुलूस में शामिल भगवानों की झांकियों पर पुष्प वर्षा की गई। जुलूस में शामिल सिंधी समुदाय के प्रतिनिधियों को सुरक्षा में लगे अधिकारियों की भी दस्तारबंदी की गई। मौलाई कमेेटी से जुड़े खादिम दस्तारबंदी कर रहे थे, तब दरगाह के बाहर कौमी एकता का मंजर नजर आया। जुलूस में शामिल सिंधी समुदाय के प्रतिनिधि विधायक वासुदेव देवनानी, प्रभु लौंगानी, कंवल प्रकाश किशनानी, हरि चंदनानी, भगवान चंदीराम, गिरधर तेजवानी, तुलसी सोनी, जयकिशन पारवानी, जोधा टेकचंदानी, हेमनदास छबलानी, वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेश टंडन आदि ने शानदार इस्तकबाल के लिए मौलाई कमेटी का आभार जताया। कमेटी के संस्थापक और दरगाह के प्रमुख खादिम सैयद अब्दुल गनी गुर्देजी ने बताया कि जुलूस में शामिल करीब एक हजार लोगों के सिर पर साफे बांधे गए। चूंकि ख्वाजा साहब की दरगाह की पहचान कौमी एकता के तौर पर होती है, इसलिए गत चालीस वर्षों से भी ज्यादा समय से मौलाई कमेटी चेटीचंड के जुलूस का स्वागत कर रही है। उन्होंने बताया कि पैगंबर-ए-इस्लाम मुहम्मद साहब ने हजरत अली को मौला बनाया था। इसलिए हमने मौलाई कमेटी बनाई है। इस कमेटी से दरगाह के खादिम वाहिद हुसैन अंगारा शाह, मोइन हुसैन, तारिक जमाली, तौफीक मियां, शमीम नियाजी, हसन हाशमी, इफ्तिखार अली नियाजी, नाजिमुद्दीन निजामी, नूर आलम, नासिर हाशमी, वकार जमाली, ताजुद्दीन चिश्ती, फजले हसन चिश्ती, यासिर चिश्ती, शरीफ मियां चिश्ती, हाफिज खान, बरकत उस्मानी, सलीम खान, एसएम अकबर, अजहर खान, नजिम मिर्जा, नप्पू चिश्ती, फरहान चिश्ती, सैयद यासिर गुर्देजी, सैयद जकरिया गुर्देजी आदि का सक्रिय सहयोग रहता है।