सूर्य उपासना के महापर्व छठ की पूरे देश में धूम है। 25 अक्टूबर के शुरू हुआ यह पर्व आज यानी 28 अक्टूबर को सूर्योदय पर सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ पूरा होगा। देशभर के घाटों पर कुछ ही देर में व्रती महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देंगी और इसके साथ ही 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास पूर्ण होगा।
आज छठ पर्व के अंतिम दिन गंगा, यमुना, कोसी, गंडक से लेकर यमुना तट तक छठ घाटों पर अपार भीड़ उमड़ी हुई है। पटना, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और रांची जैसे महानगरों में भी छठ पूजा की भव्य तैयारियां देखने को मिलीं। छठ महापर्व का यह अंतिम दिन उषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। व्रती महिलाएं सुबह सूरज की पहली किरण को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु और समाज की मंगलकामना करती हैं।

इससे पहले, रविवार की शाम को श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। व्रतियों ने तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर भगवान भास्कर और छठी मईया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शहर से लेकर गांव तक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, वाराणसी और नोएडा में भी छठ महापर्व की आस्था का सैलाब घाटों में दिखाई दे रहा है। गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ घाट पर हजारों व्रती महिलाओं ने ‘उषा अर्घ्य’ अर्पित किया, वहीं घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दूसरी तरफ वाराणसी में गंगा तट पर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक छठ गीतों की मधुर गूंज ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। वहीं नोएडा में श्रद्धालुओं ने यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बने अस्थायी घाटों और सेक्टर-78 स्थित जलाशयों पर पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना की।
दिल्ली के घाटों में भी श्रद्धालुओं की भीड़
राष्ट्रीय राजधानी में यमुना तट स्थित हाथी घाट और वासुदेव घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में फल, ठेकुआ और नारियल से सजे सूप लेकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती नजर आईं।
पटना के घाटों पर आस्था का सैलाब
राजधानी पटना में गंगा तटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दीघा घाट, कंकड़बाग और कुर्जी घाट समेत विभिन्न घाटों पर हजारों श्रद्धालु सुबह से ही एकत्र हुए। बिहार में उत्सव का माहौल था। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी भाजपा नेता संजय मयूख के आवास पर आयोजित छठ अनुष्ठान में भाग लिया।