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भगीरथ प्रयास कर चीन नया राष्ट्र बनाने में सफल हुआ…..भारत की राजनीति में टकराव की नही आम सहमति की जरूरत है

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अगले 7-8 वर्षों में चीन दुनिया में नंबर 1 होगा*

\ *प्रतिबंध के बावजूद चीन से भारत में आयात 62 प्रतिशत बढ़ा* 

 *भारत से 5 गुना अधिक है चीन की अर्थव्यवस्था l*

अभ्यास मंडल के मासिक व्याख्यान वेबिनार में सुधींद्र कुलकर्णी

 *इंदौर*। पिछले 5 दशकों में कम्युनिस्ट देश चीन ने  केवल आर्थिक क्षेत्र में ही नहीं ,बल्कि सामरिक (अंतरिक्ष), शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में जबरदस्त  प्रगति कर सारी दुनिया को चौंकाया l  अगले 7-8 वर्षों में चीन दुनिया में पहले पायदान पर  होगा l चीन ने प्रगति और विकास की नई इबारत जनशक्ति, संगठनशक्ति और नेतृत्व शक्ति के बल पर लिखीं l ये विचार लेखक एवं चिंतक श्री सुधींद्र कुलकर्णी  के हैं ,जो उन्होंने अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित वेबीनार मासिक व्याख्यान  में मुख्य वक्ता बतौर व्यक्त किए l विषय था शतायुषी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के यश -अपयश कांग्रेस ,भाजपा एवम  अन्य भारतीय दलों के लिए सबक l  अध्यक्षता  देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पूर्व  कुलपति डा. भरत छपरवाल ने की। 

      श्री कुलकर्णी ने चीन और चीनी  कम्युनिस्ट पार्टी के 100 वर्ष के इतिहास और वहां के कुशल नेतृत्व को बड़े प्रभावी तरीके से रेखांकित करते हुए कहा कि आज से 50 बरस पहले चीन की आर्थिक विकास दर बांग्लादेश के जैसी थी, लेकिन आज तो चीन अमेरिका को टक्कर दे रहा है। आज भारत से 5 गुना अधिक है चीन की अर्थव्यवस्था । भारत से केवल एक मात्र  केवल राकेश शर्मा  ही  अंतरिक्ष में गए, जबकि चीन  से 14 व्यक्ति अंतरिक्ष में गए ।अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए  अंतरिक्ष प्रतिबंध के बावजूद चीन ने अंतरिक्ष में अपने  स्वयं के स्टेशन स्थापित  किए।पिछले वर्ष गलवान घाटी में  भारत ने चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के साथ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की ।इसके बावजूद आज चीन से भारत में आयात 62 फ़ीसदी बढ़ा। दुनिया की दो- तिहाई  बुलेट ट्रेन  अकेले चीन  में  चलती है। चीन में बुलेट ट्रेन की रफ्तार 600 किलोमीटर प्रति घंटा है । 

  श्री कुलकर्णी ने आगे  कहा कि चीन के शिक्षा संस्थान, बगीचे ,शहरीकरण का मॉडल वहां के सांस्कृतिक  केंद्र बिंदु है। चीनी सरकार वहां के नए बगीचों और ऑडिटोरियम पर 1 लाख करोड रुपए खर्च करने जा रहे हैं। वहां दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी है ।अकेले भारत से 20 हजार  विद्यार्थी   चीन में खेल में मेडिकल  शिक्षा के लिए जाते हैं ।चीन अब पर्यावरण को भी बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है ।दरअसल चीन ने इतनी ऊंचाई स्वयं आत्मनिर्भर बनकर और भागीरथ प्रयास से  पाई है। हालांकि चीन में साम्यवाद को झटका लगा  है, लेकिन चीनी सरकार के कदम आगे ही बढ़े। श्री कुलकर्णी ने चीन की तुलना भारत से करते हुए कहा कि यद्यपि भारत में लोकतंत्र उसकी शक्ति है, लेकिन हम उतना बेहतर राष्ट्र बनाने में सफल नहीं हुए इसके कुछ ठोस कारण है ।भारतीय लोकतंत्र में सामूहिकता  का अभाव है। सत्ताधारी दल और विपक्ष की आम सहमति बनाने के बजाय टकराव अधिक होना ।हमारे यहां के लोग कर्म के आधार पर आगे बढ़ने की बजाय धर्म और जाति के नाम पर आगे बढ़ते हैं ।भारत में ऐसे नेता है जो अलग -अलग राज्य एवं क्षेत्रों में काम करें  बहुत ही कम राष्ट्रीय स्तर पर आगे पहुंचे। भारत में जो पुरानी पीढ़ी के अनुभवी नेता है उन्हें मार्गदर्शन मंडल में तो रख लिया जाता है ,लेकिन उन्हें  अवसर विशेष पर मंच पर बिठाया नही जाता है और  ना ही उनसे परामर्श  लिया जाता है ।माननीय प्रधानमंत्री ने संसद भवन के शिलान्यास कार्यक्रम  में किसी को नहीं बुलाया।मोदीजी ना खाऊंगा ना खाने दूंगा की बात तो करते है लेकिन अपनी ही  पार्टी के नेताओं के खिलाफ कोई कारवाई नही करते है जबकि  चीनी सरकार ने 10 हजार  लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजा। 

      डॉ . छापरवाल  ने कहा कि भारत में कोई एक बड़ी राजनीतिक पार्टी नहीं होकर कई तरह की राजनीतिक  पार्टीया हैं । इंदौर में कम्युनिस्ट  पार्टी में एक बड़े नेता होमी दाजी हुए जिनका पूरे देश के सम्मान था। कार्यक्रम का संचालन सुरेश उपाध्याय ने किया। आभार माना  अशोक कोठारी ने। कार्यक्रम में मुकुंद कुलकर्णी, अरविंद पोरवाल, हरेराम वाजपेई, श्यामसुंदर यादव, राजेंद्र जैन, पी. सी शर्मा, सुरेश मिश्रा प्रवीण जोशी ,ईश्वर बाहेती ,प्रकाश पाठक, गुंजन जोशी, हबीब बेग, चंद्र प्रकाश तिवारी, बुरहानुद्दीन शकरुवाला , राजेंद्र बिल्लोरी सहित कई प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

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