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‘पहलगाम हमले की जांच करें चीन-रूस’, पाकिस्तान ने की मांग

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जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले की द रेजिस्टेंस फ्रंट ने जिम्मेदारी ली, वो पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई सख्त कदम उठाए है। इसी बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहलगाम हमले की जांच में चीन और रूस को शामिल करने की मांग की है। 

क्या बोले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि रूस या चीन या फिर पश्चिमी देश भी इस संकट में बहुत बड़ी सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं। जांच दल को यह काम सौंपा जाना चाहिए की भारत या पीएम मोदी झूठ बोल रहे हैं या सच बोल रहे हैं। इसका अंतर्राष्ट्रीय दल को पता लगाने दीजिए। 

‘हमले का अपराधी कौन है पता लगाएं’

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत में कश्मीर में हुए आतंकी हमले का अपराधी कौन है, इस बात का पता लगाना चाहिए। बातों या खोखले बयानों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान इस घटना में शामिल है या इन लोगों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था, इसके लिए कुछ सबूत तो होना चाहिए। ये सिर्फ खोखले बयान है और कुछ नहीं।

NIA ने दर्ज किया केस

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में एनआईए ने जम्मू में केस दर्ज किया है। इसमें सर्चिंग में मिले सबूतों और चश्मदीदों के बयानों को आधार बनाया गया है। एनआईए के अनुसार पहलगाम में हमले के दौरान आतंकियों की संख्या 5-7 हो सकती है। 

पाकिस्तान जांच में भारत का साथ देने के लिए तैयार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा है कि वह कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की हत्या की किसी भी ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद की आलोचना की है और देश खुद इसका शिकार रहा है। आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

द डॉन (पाकिस्तानी न्यूज एजेंसी) के मुताबिक काकुल में पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी में पासिंग-आउट परेड को संबोधित करते हुए, शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत बिना किसी विश्वसनीय जांच या सत्यापन योग्य सबूत के आधारहीन और झूठे आरोप पाकिस्तान पर लगा रहा है। पाकिस्तानी पीएम ने कहा, “एक जिम्मेदार देश के रूप में अपनी भूमिका को जारी रखते हुए, पाकिस्तान किसी भी निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच में भाग लेने के लिए तैयार है।”

इस दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कहा, “मुझे कश्मीर के महत्व को रेखांकित करना होगा, जैसा कि राष्ट्र के संस्थापक कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने सही कहा था, कश्मीर पाकिस्तान की गर्दन की नस है। पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है।” उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ दुनिया का अग्रणी देश बताते हुए कहा, “हमने भारी नुकसान उठाया, जिसमें 90,000 लोग हताहत हुए और 600 बिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक हानि हुई।”

भारत ने उठाए हैं शख्त कदम

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, जैसे कई कदम उठाए हैं। भारत के इन फैसलों के बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौते को स्थगित करने और भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने जैसे कुछ कदम उठाए हैं।

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