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प्रधानमंत्री से मिल CM चन्नी ने धान खरीद, कृषि कानून और करतारपुर कॉरिडोर का मुद्दा उठाया

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दिल्ली दौरे पर पहुंचे CM चरनजीत सिंह चन्नी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात खत्म हो गई है। दोनों के बीच करीब 40 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद बाहर आकर CM चन्नी ने कहा कि उनके साथ अच्छे माहौल में लंबी बातचीत हुई है। इसका कोई एजेंडा नहीं था लेकिन फिर भी मैंने 3 बातें उनके सामने रखी हैं। उन्हें बताया कि पंजाब में खरीद सीजन शुरू हो रहा है। पहले एक अक्टूबर से खरीद शुरू होती थी। अब 10 अक्टूबर से शुरू हो रही है। मैंने उनसे जल्द खरीद शुरू करवाने के लिए कहा है। पीएम ने इस बारे में बात कर मुद्दे को हल करने का भरोसा दिया है।

मैंने पीएम से कृषि सुधार कानून के झगड़े को खत्म करने के लिए कहा। पीएम ने कहा कि वो भी इसका हल निकालना चाहते हैं। मैंने पीएम से कहा कि वो किसानों से बातचीत जरूर शुरू करें। मैंने उनसे तीनों कृषि सुधार कानून खत्म करने के लिए कहा है। उन्हें बताया कि पंजाब में किसान और खेत मजदूरों से ही इकॉनमी चलती है। इसलिए इसके बारे में जल्द फैसला किया जाए।

इसके अलावा भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को खोलने की मांग की है। ताकि श्रद्धालु गुरूघर के दर्शन कर सकें। यह कोविड की वजह से बंद हो गया था। इसके अलावा कुछ आर्गेनिक खेती को लेकर भी पीएम से चर्चा की है।

हरीश रावत का अमरिंदर पर हमला- भाजपा का मुखौटा न बनें कैप्टन

कांग्रेस के अपमानित करने के बयान पर राष्ट्रीय कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी और पंजाब इंचार्ज हरीश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला किया है। रावत ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अब तक जो बातें कहीं हैं, उस पर दोबारा विचार करें। पंजाब और किसान विरोधी भाजपा को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से मदद न पहुंचाएं। भाजपा की उन्हें मुखौटा बनाने की कोशिश को नकारें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अब तक अमरिंदर का सम्मान बनाए रखने के लिए सब कुछ किया। अब जो भी फैसला लिए गए हैं, वो अगले चुनावों में कांग्रेस की जीत की संभावना बढ़ाने के लिए हैं।

मंत्री परगट सिंह का दावा – सिद्धू ही रहेंगे प्रधान

इससे पहले कैबिनेट मंत्री परगट सिंह ने जालंधर में दावा किया कि मामला हल हो चुका है। नई सरकार से गलती हो जाती है। उसे दूर करेंगे। इसके अलावा एक कमेटी बन रही है, जो नए-पुराने सारे फैसलों का विश्लेषण करेगी।

यह निकाला गया है फॉर्मूला
पंजाब कांग्रेस के प्रधान पद से नवजोत सिद्धू के इस्तीफे में उलझी कांग्रेस ने सिद्धू की नाराजगी दूर करने का रास्ता निकाल लिया है। इसका फॉर्मूला कुछ ऐसा है कि न सिद्धू को झुकना पड़े और न ही सरकार को। सिद्धू पंजाब कांग्रेस के प्रधान बने रहेंगे और सरकार के बड़े फैसलों में उनका दखल रहेगा।

इन 2 बड़े मुद्दों पर बनी सहमति

नवजोत सिद्धू ने गुरुवार को पंजाब के CM चरणजीत चन्नी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में सिद्धू की नाराजगी दूर करने की कोशिश की गई।

DGP के लिए ये नाम भेजे गए-
पंजाब के अगले DGP के लिए भेजे गए 10 नामों में सिद्धार्थ चट्‌टोपाध्याय, दिनकर गुप्ता, वीके भावरा, एमके तिवारी, प्रबोद कुमार, रोहित चौधरी, इकबालप्रीत सहोता, संजीव कालड़ा, पराग जैन और बीके उप्पल शामिल हैं। दिनकर गुप्ता का नाम वरिष्ठता के हिसाब से लिस्ट में शामिल है, हालांकि वे सेंट्रल डेपुटेशन के लिए आवेदन कर चुके हैं।

DGP इकबालप्रीत सहोता ने पद संभालने के बाद CM चन्नी से मुलाकात की थी।

इसी सिलसिले में गुरुवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में सिद्धू और CM चरणजीत चन्नी की बैठक हुई। इसमें सिद्धू को पद पर बने रहने के लिए सहमत करने की कोशिश की गई। हालांकि सिद्धू के काम के तरीके से अभी तक संशय बरकरार है कि वे इन मुद्दों पर सहमत हुए हैं या नहीं। अभी तक चन्नी या सिद्धू की तरफ से इस बारे में कोई बयान नहीं आया है।

सिद्धू को रखना कांग्रेस की मजबूरी
कांग्रेस हाईकमान ने इस पूरे मामले में नवजोत सिद्धू को झटका जरूर दिया है, लेकिन सिद्धू को बनाए रखना उनकी मजबूरी है, क्योंकि पंजाब में चुनाव की घोषणा होने में सिर्फ 3 महीने बचे हैं। सिद्धू की जिद के चलते पहले सुनील जाखड़ को पंजाब कांग्रेस प्रधान की कुर्सी से हटाया गया। इसके बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। सुखजिंदर रंधावा भी सिद्धू के विरोध के चलते CM नहीं बन सके। तो डिप्टी सीएम पद के लिए ब्रह्म मोहिंदरा का पत्ता सिद्धू ने आखिरी वक्त पर कटवा दिया। ऐसे में कांग्रेस चाहेगी कि सिद्धू की वजह से पार्टी में इतने बदलाव करने पड़े तो आने वाले विधानसभा चुनाव में उनका इस्तेमाल जरूर किया जाए।

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