एस पी मित्तल,अजमेर
राजस्थान के राजा महाराजा की पहचान वाली पैलेस ऑन व्हील्स शाही ट्रेन के इतिहास में पहला अवसर है, जब ट्रेन का ठहराव अजमेर के रेलवे स्टेशन पर भी होगा। इस टे्रन का संचालन राजस्थान पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाता है। कोरोना काल में यह ट्रेन पिछले ढाई वर्ष से बंद थी। धर्मेन्द्र राठौड़ के निगम का अध्यक्ष बनने के बाद शाही ट्रेन को दोबारा से चलाने का प्रयास किया गया। हालांकि दोबारा से ट्रेन को चलाने में भारी भरकम खर्च आया है। शाही ट्रेन के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब यह ट्रेन अजमेर रेलवे स्टेशन पर भी देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ रुकेगी। अजमेर में ठहराव के पीछे अध्यक्ष राठौड़ की ही पहल है। पिछले एक वर्ष से राठौड़ अजमेर में राजनीतिक गतिविधियां कर रहे हैं, इसी का लाभ अजमेर को मिला है। राठौड़ ने उम्मीद जताई कि ट्रेन के ठहराव से अजमेर में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन 12 अक्टूबर से सवाई माधोपुर से शुरू होगी। ट्रेन को हरी झंडी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिखाएंगे। यह ट्रेन देशी-विदेशी पर्यटको को लेकर सवाई माधोपुर से जयपुर तक सफर करेगी। ट्रेन के यात्रियों को राजस्थानी संस्कृति का तो अहसास होगा ही, साथ ही राजस्थान की पहचान राजा महाराजा की शैली भी देखने को मिलेगी। ट्रेन के डिब्बों को महल का रूप दिया गया है। राठौड़ ने बताया कि ट्रेन का प्रचार प्रसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गया इसलिए ट्रेन में विदेशी मेहमान भी सफर करेंगे। यह ट्रेन राजस्थान के सम्मान को और बढ़ाएंगे।

