मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने एक नई पहल की है। एमपी में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनेगा। इसके लिए स्पेन की प्रतिष्ठित संस्था से एमओयू हुआ है। इसके फायदे क्या होंगे जानें।
भोपाल: मध्य प्रदेश में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर बनेगा। स्पेन की प्रतिष्ठित संस्था ‘फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल’ और मध्यप्रदेश सरकार के बीच इस संबंध में एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुए इस समझौते का मकसद मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना और यहां बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, निवेश सम्मेलनों और व्यापारिक प्रदर्शनियों के लिए विश्वस्तरीय मंच तैयार करना है। यह कन्वेंशन सेंटर नवाचार (इनोवेशन) और स्मार्ट शहरी समाधानों को बढ़ावा देगा, जिससे राज्य की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
यह ऐतिहासिक समझौता भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इसी साल जुलाई में स्पेन दौरे के दौरान उनकी ‘फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल’ के अधिकारियों से बातचीत हुई थी। तब उन्होंने स्पेनिश निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया था। इस समझौते के बाद, मध्यप्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन, एक्जीबिशन (प्रदर्शनियां) और व्यापारिक संवादों के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) तैयार होगा। इससे दुनिया भर के निवेशक और हितधारक मध्यप्रदेश में सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे।
एमपी और स्पेन के बीच व्यापारिक मजबूती होगी
इस एमओयू से मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक सहयोग और मजबूत होगा। यह राज्य को वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खासकर स्मार्ट शहरी समाधान, नई तकनीक और व्यापार से जुड़ी प्रदर्शनियों के आयोजन में मध्यप्रदेश अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकास करेगा। यह समझौता औद्योगिक और निवेश के नए रास्ते खोलेगा, जिससे मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। राज्य को ऐसे मंचों और सम्मेलनों का आयोजन करने वाले देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाएगा। इस कन्वेंशन सेंटर के बनने से दुनिया के बड़े उद्योगपति, निवेशक और कंपनियां भोपाल आएंगी। मध्यप्रदेश वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा बनेगा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी व अवसरों का केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह न केवल उद्योग, व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगी। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश दिल्ली क्षेत्र के विकल्प के रूप में भी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौर और भोपाल के बाद अब जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
बार्सिलोना शहर का उदाहरण दिया
डॉ. यादव ने स्पेन के बार्सिलोना शहर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विकास के साथ-साथ विरासत (हेरिटेज) के संरक्षण पर भी खास ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकास के साथ विरासत संरक्षण का जो संदेश दिया है, उसे स्पेन के बार्सिलोना जैसे शहर भी अपना रहे हैं। मध्यप्रदेश भी इसी मॉडल को अपना रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पेन के बार्सिलोना शहर की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां विकास की एक खास योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि बार्सिलोना के लोग अपने प्राचीन वैभव को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध दिखते हैं।
इस अवसर पर स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल और ‘फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड जपाटेरो तथा संस्था के भारत प्रतिनिधि मुकेश अरोरा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल से विस्तार से चर्चा की। स्पेन के राजदूत पुजोल ने कहा कि अच्छी लीडरशिप (नेतृत्व) और संगठन तथा प्रबंधन क्षमता से भारत और स्पेन मिलकर बेहतर काम कर सकते हैं। उन्होंने भारत और स्पेन के बीच मजबूत साझेदारी की उम्मीद जताई।

