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प्रेक्टिस के बीच कोच ने पानी नहीं पीने दिया था,115 करोड़ रु का हर्जाना

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अगस्त 2020 में लू लगने से एक स्टूडेंट रेसलर की मौत का मामला निपटाने के लिए अमेरिका में केंटुकी की कंबरलैंड यूनिवर्सिटी ने 115 करोड़ रुपए का मुआवजा चुकाने पर सहमति जताई है। स्टूडेंट के परिवार ने यूनिवर्सिटी पर हर्जाने का मुकदमा दायर किया था। मुकदमे में कहा गया 20 वर्षीय ग्रांट ब्रेस को कोच ने पानी ने नहीं पीने दिया था। प्रेक्टिस के कुछ घंटों बाद ब्रेस की मौत हो गई।

ब्रेस के पैरेंट्स के वकील ने कहा, हम संतुष्ट हैं कि सिविल कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को जवाबदेह ठहराया है। यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा कि उसने लंबी, कठिन और खर्चीली कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए समझौता किया है। ब्रेस के परिवार की याचिका के अनुसार ब्रेस मानसिक बीमारियों से पीड़ित था। डॉक्टरों ने उसके लिए दवा के साथ शरीर में हमेशा पानी का लेवल बनाए रखने की जरूरत बताई थी। यूनिवर्सिटी ने कहा था कि स्टूडेंट की हाइड्रेशन जरूरत पूरी के लिए सभी इंतजाम किए जाएंगे। 31 अगस्त 2020 को स्कूल की कुश्ती टीम ने दौड़ के साथ प्रेक्टिस की शुरुआत की थी। छात्रों को सात बार ऊंचाई तक चढ़ने और वहां से लौटने के लिए कहा गया। उस दिन यूनिवर्सिटी के आसपास 38 डिग्री तापमान था। याचिका में कहा गया, दौड़ के बीच ब्रेस रूक गया। उसने कोच जोर्डन कंट्रीमैन से कहा कि वह थक गया है। कोच ने कहा कि उसे रेसलिंग टीम से निकाल दिया गया है। वह वापस रेसलिंग रूम लौट जाए। इस पर ब्रेस ने फिर दौड़ना शुरू कर दिया लेकिन कहा कि उसके लिए दौड़ पूरी करना संभव नहीं है। कंट्रीमैन अब यूनिवर्सिटी में कोच नहीं हैं।

प्रेक्टिस के बाद रेसलिंग रूम में ब्रेस मेट पर लेट गया और लगातार पानी मांग रहा था। रूम के बाहर निकलने के बाद ब्रेस गिर गया। वह कैम्पस में 45 मिनट बाद मृत पाया गया।

कोच ने दूसरे छात्रों को रोका
जमीन में मेट पर पड़े ब्रेस को कई बार कहने के बाद पानी नहीं दिया गया। कोच ने उन छात्रों को चिल्लाकर रोका जो उसकी मदद करना चाहते थे। कोच ने ब्रेस को रेसलिंग रूम से बाहर जाने के लिए कह दिया। भीषण गर्मी के कारण उसकी मानसिक हालत और अधिक बिगड़ गई थी।

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