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अनूठे म्यूजियम…संग्रहालय में 200 से अधिक भूले बिसरे कृषि यंत्र व वर्तनों का संग्रह

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सतना। जिले के पिथौराबाद में स्थापित देश दुनिया के इकलौते कृषि एवं घर में उपयोग होने वाली परंपरागत वस्तुएं व उपकरण जो 21वीं सदी में पूरी तरह चलन से बाहर हो चुके हैं। ऐसे अनूठे उपकरणों के संग्रहालय का उद्घाटन कल 15 जनवरी को मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम द्वारा किया जाएगा।

पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने धान की देशी किस्मों के संरक्षण के साथ विंध्य में दो दशक पूर्व तक उपयोग होने वाले कृषियंत्र एवं घरेलू सामग्री जिसमें परंपरागत कृषियंत्र एवं खेती के उपयोग होने वाली वस्तुएं बांस, मिट्टी व पत्थर के घरेलू उपकरण जिनका उपयोग गांव के हर घर में होता था, का संग्रह कर अपने घर को म्यूजियम का रूप दिया है। इस संग्रहालय का उद्घाटन होने से अब विंध्य के साथ देश दुनिया के लोग भी बिलुप्त हो चुके पुराने परंपरागत कृषि यंत्रों से रूबरू हो सकेगे।

संग्रहालय में 200 से अधिक वस्तुएं
बाबूलाल दहिया के मार्गदर्शन में सर्जना सामाजिक सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मंच पिथौरावाद संस्था के द्वारा कृषि आश्रित समाज के उपकरणों, वर्तनो एवं यंत्रो को संग्रहीत कर संग्रहालय का रूप देने का अभिनव कार्य किया गया है। जिसमें लगभग 200 से अधिक पूराने यंत्र एवं वर्तन शामिल हैं। उद़घाटन कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह जिले के वर्तमान एवं पूर्व विधायक तथा देश प्रदेश के अनेक लोक विधाओ के मर्मज्ञ भी शामिल रहेगे।

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