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*सागर में कलेक्टर के गिरफ्तारी वारंट जारी, मच गया हड़कंप…*

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सागर. मध्य प्रदेश के सागर में अधिकारियों की लापरवाही से कलेक्टर संदीप जीआर के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है. जिला उपभोक्ता आयोग की डबल बेंच आरके कोष्ठा और अनुभा वर्मा ने फसल बीमा से जुड़े मामले में यह आदेश जारी किया है, जिसमें सीधे और स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि विपक्षी को जारी वारंट से तलब किया जाए. इससे पहले बार-बार जमानती वारंट जारी किए जा रहे थे. उनके अधिकारी उपस्थित होकर वसूली की राशि अगली पेशी पर जमा करने की बात कहकर तारीख ले लेते थे लेकिन फिर उस तारीख में वह उपस्थित नहीं होते थे. इसी के चलते यह वारंट जारी किया गया है. अब अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी.

सागर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और परिवादी के वकील जितेंद्र सिंह राजपूत ने लोकल 18 को बताया कि यह मामला ग्राम पीपरा तहसील राहतगढ़ जिला सागर का है. साल 2009 में पीपरा गांव के किसान नरेंद्र सिंह, रविंद्र और संग्राम सिंह ने फसल बीमा से संबंधित मामले जिला उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत किए थे. उसके बाद उनकी अपील हुई. राज्य आयोग में निराकरण हुआ. 2014 में जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा उस मामले में मध्य प्रदेश शासन द्वारा कलेक्टर महोदय को राशि देने का आदेश पारित किया गया. उस राशि की वसूली के संबंध में यह मामला 2017 से विचाराधीन है.

कलेक्टर को कई बार जारी हुए नोटिस
उन्होंने आगे कहा कि कलेक्टर को कई बार नोटिस गए हैं. कई बार उनकी तरफ से अधिकारी कर्मचारी उपस्थित भी हुए क्योंकि उस मामले में उन्होंने पैसा जमा नहीं किया. कलेक्टर महोदय के नाम से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए और चार लाख रुपये की राशि न्यायालय के समक्ष जमा की. शेष राशि जो बचती है, वह 70 हजार रुपये बचती है. 70 हजार रुपये के संबंध में अधिकारी राशि जमा नहीं करना चाहते हैं. हर बार कलेक्टर महोदय को गिरफ्तारी वारंट जारी हो रहा है. अधिकारी पेशी पर आते हैं और कहते हैं कि अगली पेशी पर यह राशि जमा करवा देंगे लेकिन अगली पेशी पर वह अधिकारी नदारद रहते हैं. ऐसी स्थिति में न्यायालय द्वारा पुनः गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है.

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