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कर्नाटक के कॉलेज मजहबी अखाड़ा बन गए…. छात्रों ने मुस्लिम लड़की को घेरकर लगाए जय श्रीराम के नारे, जवाब मिला- अल्लाह-हू-अकबर

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कर्नाटक के कॉलेज मजहबी अखाड़ा बन गए हैं। मामला कोर्ट में हैं, फैसला भी जल्द ही आ सकता है, लेकिन हिजाब v/s भगवा का यह प्रदर्शन नारेबाजी और पत्थरबाजी तक पहुंच गया है। बानगी देखने मिली मांड्या के PES कॉलेज में, जहां हिजाब पहन कर आई एक मुस्लिम छात्रा को जय श्रीराम के नारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया।

हालांकि नारे सुनकर तिलमिलाई लड़की खामोश नहीं रही, उसने भी भीड़ के नारों का जवाब अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाकर दिया। उसने एक बार नहीं, कई बार नारे लगाए।

फैसला आने से पहले हुए ये विवाद

जनवरी में शुरू हुआ था हिजाब को लेकर विवाद
कर्नाटक में हिजाब विवाद जनवरी को शुरू हुआ था। उडुपी के सरकारी पीयू कॉलेज में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर क्लास में बैठने से रोक दिया गया था। कॉलेज मैनेजमेंट ने नई यूनिफॉर्म पॉलिसी को इसकी वजह बताया था। इसके बाद कुछ लड़कियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। लड़कियों का तर्क है कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है।

बैंदूर में हिंदू लड़कों को भगवा शॉल पहनाने का चला कैंपेन
शुक्रवार को कुंडापुर के भंडारकर कॉलेज के गेट पर 40 लड़कियां हिजाब पहनकर पहुंची थीं, लेकिन उन्हें एंट्री नहीं मिली। वहीं, दूसरी तरफ जिले के बैंदूर कस्बे में हिंदू लड़कों को स्कूल में एंट्री से पहले जबरन भगवा शॉल पहनाई गई। मामला शासकीय प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज का था, जहां हिंदू संगठनों ने भगवा शॉल कैंपेन शुरू किया।

गेट पर रोकी गईं हिजाब वाली लड़कियां
कुंडापुरा कॉलेज की 28 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर क्लास अटैंड करने से रोका गया था। मामले को लेकर छात्राओं ने हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए कहा था कि इस्लाम में हिजाब अनिवार्य है, इसलिए उन्हें इसकी अनुमति दी जाए। इन छात्राओं ने कॉलेज गेट के सामने बैठकर धरना देना भी शुरू कर दिया था।

विवाद रोकने उठाए ये कदम

3 साल पहले भी हुआ था हिजाब को लेकर विवाद
करीब 3 साल पहले भी हिजाब को लेकर स्कूल में विवाद हुआ था। तब फैसला लिया गया था कि कोई हिजाब पहनकर नहीं आएगा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से स्टूडेंट्स हिजाब पहनकर स्कूल आने लगीं। इसका विरोध करते हुए कुछ स्टूडेंट्स ने भगवा पहनने का फैसला किया था।

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