इंदौर में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और पूर्व नगर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के बीच हुए काॅल विवाद का मामला अब तूल पकड़ चुका है। चौकसे को इस मामले में सफाई देना पड़ी। वे पचमढ़ी में हो रहे नए जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में भी नहीं पहुंचे। उन्होंने बीमारी का हवाला देकर शिविर से गैरमौजूद रहे। इस मामले में अभी प्रदेश कांग्रेस से नोटिस जारी नहीं हुआ है। उधर चौकसे की शिकायत करने वाले देवेंद्र सिंह यादव को धमकियां मिली। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस अफसरों को दी है।
कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह यादव ने प्रदेश व केंद्रीय पदाधिकारियों से ऑडियो मामले मे शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे की शिकायत की है। यादव भी शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष है। उन्हें मुंह पर कालिख पोतने और जान से मारने की धमकी मिली है। यादव ने पढ़रीनाथ थाने में इस मामले में शिकायत की है। चौकसे समर्थक लोकेश हार्डिया ने बयान दिया है कि देवेंद्र यादव ने गांधी भवन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को गुलाब जामुन खिलाए थे। वे अब शहर अध्यक्ष चौकसे को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे है।
इस मामले में कांग्रेस नेता केके मिश्रा का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है। इससे पार्टी की छवि खराब हो रही है। मामले की जांच होना चाहिए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने डियो में उनकी आवाज होने से इनकार किया है।
भाजपा अध्यक्ष मिश्रा बोले-दिग्विजय सिंह को जनसुनवाई में शिकायत करना चाहिए
भाज्पा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को शहर कांग्रेस अध्यक्ष अपशब्द बोल रहे है, लेकिन वे खामोश है। उन्हें इंदौर आकर जनसुनवाई में इस मामले में शिकायत करना चाहिए।
यह ऑडियो सितंबर के लास्ट भी किया अक्टूबर के फर्स्ट वीक का बताया जा रहा है। तब इंदौर में शीतला माता बाजार का मामला चल रहा था। इंदौर में लव जिहाद के मामले पकड़े जा रहे थे। भाजपा विधायक के बेटे ने शीतला माता बाजार कि दुकानदारों से अपील की थी कि, वह अपनी दुकानों पर मुस्लिम समाज के लोगों को JOB नहीं दें, क्योंकि इनमें से कुछ लोग महिला ग्राहकों के नंबर प्राप्त कर लेते हैं और फिर लव जिहाद वाली गैंग को दे देते हैं। कांग्रेस पार्टी के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, भाजपा नेताओं का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान अचानक, संगठन को सूचना दिया बिना, दिग्विजय सिंह इंदौर पहुंच गए, शीतला माता बाजार में घुसकर दुकानदारों से बात करने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें कठोर शब्द कहकर रोका।
कांग्रेस पार्टी की बैठक में, पार्टी के प्रोटोकॉल के अनुसार शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दिग्विजय सिंह के इस प्रकार अचानक आने पर आपत्ति उठाई और कहा कि बड़े नेताओं को स्थानीय कांग्रेस कमेटी को सूचना देकर आना चाहिए। इस घटना के बाद दिग्विजय सिंह के समर्थन एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा ने सुरजीतसिंह चड्डा ने वर्तमान शहर अध्यक्ष चिंटू चौक से को फोन लगाया था। दोनों के शुरू बीच में शुरू से अंत तक क्या बात हुई है तो नहीं पता लेकिन इस बातचीत का एक अंश लगभग एक महीने बाद वायरल किया गया है।
सुरजीत चड्ढा ने एक महीने बाद ऑडियो वायरल क्यों किया
इस ऑडियो को संलग्न करते हुए सोशल मीडिया पर नॉरेटिव सेट किया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को गाली दी है। लेकिन यहां पहला सवाल यह है कि दिग्विजय सिंह के अपमान को एक महीने तक छुपा कर क्यों रखा गया। अब पांच नवंबर को अचानक वायरस क्यों किया गया। दो व्यक्तियों के बीच की बातचीत (क्योंकि वह सार्वजनिक नहीं है) किसी की मानहानि नहीं होती। असल बात तो यह है कि चिंटू चौक से ने नहीं बल्कि सुरजीत चड्ढा ने पोल खोल कर बता दिया कि दिग्विजय सिंह का पार्टी के अंदर कोई सम्मान नहीं है और पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह के लिए किस प्रकार के शब्दों का उपयोग करते हैं।

