इंदौर के भागीरथपुरा में कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। कांग्रेस नेता दूषित पानी पीने से मृत हुए लोगों के परिजनों से बस्ती में आए थे। वहां भाजपा कार्यकर्ता बस्ती वालों के साथ मिलकर काले झंडे दिखाने लगे और वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगाने लगे।
इसके बाद कांग्रेस नेता भी नारेबाजी करने लगे। विवाद की स्थिति बनने के बाद पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा और गुत्थमगुत्था हो रहे कार्यकर्ताओं को अलग-अलग किया। एक घंटे तक हंगामे के हालत बने। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी, कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा विरोध के बीच कुछ परिजनों से मिले।
भागीरथपुरा इलाके में शनिवार दोपहर उस वक्त जबरदस्त हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने कांग्रेस नेताओं का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए।
जांच रिपोर्ट पेश करने पहुंचे थे कांग्रेसी नेता
हाल ही में भागीरथपुरा में हुए एक हादसे के बाद कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक 5 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। सज्जन सिंह वर्मा इसी कमेटी की जांच रिपोर्ट पेश करने और प्रभावितों से मिलने पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही कांग्रेस का दल इलाके में दाखिल हुआ, वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया।
‘कैलाश जी शेर हैं’ के नारों से गूंजा इलाका
विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी हुई। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:
एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी बात रखने के लिए नारेबाजी कर रहे थे।
दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ता “कैलाश जी शेर हैं” और “बाहरी व्यक्ति वापस जाओ” के नारे लगा रहे थे।
स्थानीय रहवासियों ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का विरोध किया।

पुलिस ने बमुश्किल संभाला मोर्चा
हंगामे के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने और समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता टस से मस नहीं हुए। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई।
हादसे पर शुरू हुई सियासत
भागीरथपुरा की इस घटना ने अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस जहां इसे प्रशासन की विफलता बताकर जांच की मांग कर रही है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस का राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। भाजपा समर्थकों का कहना है कि बाहरी नेताओं को क्षेत्र की शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भागीरथपुरा में भारीपुलिस बल तैनात
भागीरथपुरा क्षेत्र में काले झंडे बताने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आमने-सामने नारेबाजी जारी है। इस बीच नगर निगम में विपक्ष के नेता चिंटू चौकसे, पार्षद राजू भदोरिया अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और उन्होंने तालियां बजाते हुए बीजेपी हाय हाय के नारे लगाए। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारे लगाए। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल लगा दिया गया है। स्वयं डीआईजी अमित कुमार मोर्चा। संभाले हुए हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष चंदन सिंह बैंस के समर्थकों का जोरदार हंगामा, जूते चप्पल फेके
भागीरथपुरा में 16 लोगों की मौत के बाद जहां एक और लोग सामान्य स्थिति बनने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई तिखी झड़पों ने क्षेत्र को शर्मसार कर दिया है। पुलिस अधिकारी लगातार एलाउंसमेंट कर लोगों को जाने का आग्रह कर रहे हैं। लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। हंगामा के दौरान दोनों ओर से चप्पल जूते फेके गए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
बाद में पुलिस जवानों ने सख्ती दिखाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बस्ती से रवाना किया। हंगामे की स्थिति को देखते हुए तीन थानों का पुलिस बल मौके पर आ गया था।