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कांग्रेस ने किया बहिष्कार परंतु विधायकों ने ग्रहण किए पुरस्कार

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, भोपाल, 

मध्य प्रदेश कांग्रेस में नेता पार्टी की लाइन से हटकर चलने के आदि होते जा रहे हैं और बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण का विधायक जीतू पटवारी के बहिष्कार के निर्णय के बाद अब संसदीय पुरस्कार में पार्टी लाइन को ताक पर रखा गया। कांग्रेस ने आमंत्रण पत्र में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ का नाम नहीं छापे जाने पर बहिष्कार किया था लेकिन संसदीय पुरस्कारों से सम्मानित विधायकों में कांग्रेस के दो विधायक के नाम आए तो वे कार्यक्रम में पहुंच गए। ये दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समर्थक हैं जिसको लेकर पार्टी के भीतर ही सिंह विरोधी नेताओं ने पुरस्कारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संसदीय पुरस्कारों का करीब डेढ़ दशक के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा ने आयोजन किया था जिसमें कांग्रेस के जयवर्धन सिंह व झूमा सोलंकी के नाम हैं। इन्हें श्रेष्ठ विधायक के रूप में पुरस्कृत किया गया। जयवर्धन सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र हैं और कमलनाथ सरकार में मंत्री थे। संसदीय पुरस्कारों के समारोह के आमंत्रण पत्र में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ का नाम नहीं छापे जाने पर कांग्रेस विधायक दल ने नाराजगी जताई थी और कार्यक्रम का बहिष्कार का फैसला किया था। 

जानकारी देने के बाद भी पहुंचे जयवर्धन सिंह
सूत्र बताते हैं कि जयवर्धन सिंह को पार्टी के समारोह का बहिष्कार करने का फैसला बताया गया था लेकिन वे नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ से बात कर लेने का कहते हुए कार्यक्रम में पहुंच गए। झूमा सोलंकी भी उनके साथ पुरस्कार लेने पहुंची। जबकि कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ या अन्य वरिष्ठ कांग्रेस विधायक नहीं गए थे। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व विधायक नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के साथ अपमानजनक व्यवहार कांग्रेस विधायक दल बर्दाश्त नहीं करेगा। जब उनसे पूछा गया कि जयवर्धन सिंह और झूमा सोलंकी तो पुरस्कार लेने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वे लोग गलती से चले गए होंगे। 

उमंग ने जयवर्धन सिंह के चयन पर कसा तंज
संसदीय पुरस्कारों में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह को सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार चयन पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने तंज कसा है। सिंघार ने न केवल भाजपा सरकार से सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार मिलने पर जयवर्धन सिंह को बधाई दी बल्कि दिग्विजय सिंह को भी ट्वीट पर बधाई दी। गौरतलब है कि सिंघार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के घोर विरोधी हैं और कमलनाथ सरकार के समय उन्होंने सीधे उनके खिलाफ मोर्चा खोल लिया था। 

MP विधानसभा के संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह से कांग्रेस का बहिष्कार

मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रतिष्ठित संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह से कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया। पुरस्कार की चयन समिति से भी कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने इस्तीफा दे दिया। आपको बता दें यह सब इसलिए हुआ क्योंकि कार्यक्रम के कार्ड में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ का नाम नहीं छापा गया था। गौरतलब है कि समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हाथों से चयनित मंत्री, विधायक, पत्रकार और विधानसभा सचिवालय के श्रेष्ठ कर्मचारी सम्मानित हुए। 

मध्य प्रदेश विधानसभा ने 2008 के बाद पहली बार संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कारों की घोषणा की गईृ जिसमें चयनित सर्वश्रेष्ठ मंत्री, सर्वश्रेष्ठ विधायक तथा संसदीय पत्रकारिता से जुड़े प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों सहित विधान सभा सचिवालय के सर्वश्रेष्ठ अधिकारी और कर्मचारी का सम्मानित किया गया। विधानसभा परिसर में हो रहे इस आयोजन के आमंत्रण पत्रों में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ का नाम नहीं था। यह देखकर कांग्रेस विधायक दल की नाराजगी सातवें आसमान पर पहुंच गई। 

विधानसभा के कार्यक्रमों के लिए नियम तय
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि विधानसभा के कार्यक्रमों के लिए नियम तय है। कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्र में विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष का नाम छपता है लेकिन संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह के आमंत्रण पत्र में नेता प्रतिपक्ष का नाम नहीं था। यह नेता प्रतिपक्ष का अपमान है और इसीलिए कांग्रेस विधायक दल ने समारोह का बहिष्कार किया। 

गोविंद सिंह ने भी इस्तीफा दिया
विधानसभा के संसदीय उत्कृष्ट पुरस्कारों की चयन समिति में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ. गोविंद सिंह थे लेकिन जब आमंत्रण पत्र में नेता प्रतिपक्ष का नाम नहीं छापा गया तो उन्होंने समिति से इस्तीफा दे दिया। प्रजापति ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष के साथ अपमानजनक रवैये की वजह से डॉ. सिंह ने समिति से इस्तीफा दिया। 

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