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नाम बदलने की राजनीति में अब कांग्रेस भी शामिल, ग्वालियर का नाम बदलकर लक्ष्मीबाई नगर करने का सुझाव

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में नाम बदलने की राजनीति में आज एक डिमांड और जुड़ गयी. लेकिन दिलचस्प ये है कि इस बार ये डिमांड बीजेपी ने नहीं बल्कि कांग्रेस की तरफ से आयी है. मौका है वीरांगना लक्ष्मीबाई की शहादत दिवस का और कांग्रेस कह रही है कि ग्वालियर का नाम बदलकर लक्ष्मीबाई नगर कर देना चाहिए.

अंग्रेजों से लोहा लेने वाली वीरांगना लक्ष्मीबाई की आज पुण्यतिथि है. इस मौके पर नाम बदलने की सियासत फिर चल पड़ी. पीपीपी दफ्तर में रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के बाद कांग्रेसियों ने एक सुर में ग्वालियर शहर का नाम बदलकर रानी लक्ष्मीबाई नगर रखने की मांग की.

ग्वालियर-इंदौर के ये हों नाम

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा पाठ्यक्रम में रानी लक्ष्मीबाई से जुड़े इतिहास के कुछ और तथ्यों को शामिल किया जाना चाहिए. पाठ्यक्रम में नई पीढ़ी को यह भी बताना चाहिए कि रानी लक्ष्मीबाई के साथ षड्यंत्र करने वाले कौन थे. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा ग्वालियर शहर का नाम बदलने के साथ ही इंदौर शहर का नाम भी देवी अहिल्या बाई नगर रखा जाना चाहिए. कांग्रेस इसका प्रस्ताव राज्य शासन को भेजेगी.
यहां से शुरू हुआ सिलसिला

प्रदेश में शहरों के नाम बदलने की मांग जारी है. शिवराज सरकार भोपाल से लगे होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम करने की घोषणा कर चुकी है. इसका प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है. इसके अलावा बीजेपी के कई नेता इलाकों के नाम बदलने की मांग रख चुके हैं. रामेश्वर शर्मा ने भोपाल के लिए ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी रखने की मांग की थी. पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हलाली डेम का नाम बदले जाने की मांग की है. भोपाल सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भोपाल के इस्लाम नगर, लालघाटी, हलाली डैम और हलालपुरा बस स्टैंड के नाम बदलने की मांग की है. बीजेपी का कहना है यह नाम मुस्लिम शासकों के समय रखे गए थे और ये अत्याचार के प्रतीक हैं. अब इनको बदला जाना चाहिए. इसी नाम बदलने की सियासत में अब कांग्रेस ने भी खुद को शामिल कर लिया है. कांग्रेस ने कहा ग्वालियर और इंदौर शहर का नाम बदला जाना चाहिए.

नाम की राजनीति
ग्वालियर और इंदौर शहर का नाम बदलने की कांग्रेस की मांग पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त की है. इस पर मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता बहरहाल नाम बदलने की सियासत में शामिल हो चुकी कांग्रेस पार्टी अब रानी लक्ष्मीबाई के बहाने सिंधिया की घेराबंदी कर करने की कोशिश में जुट गई है.

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