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लोकसभा में ‘श्वेत पत्र’ लाई मोदी सरकार, जवाब में कांग्रेस ला सकती है ‘ब्लैक पत्र’

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नई दिल्ली।लोकसभा में एनडीए सरकार की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्वेत पत्र जारी कर दिया है। जिसमें UPA सरकार के कई घोटालों का जिक्र है। इसके अलावा मोदी सरकार के 10 साल और यूपीए सरकार के 10 के कार्यकाल की समीक्षा की गई है। इस श्वेत पत्र में मोदी सरकार की ओर से यूपीए कार्यकाल में किए गए कई कथित घोटालों को उजागर किया गया है। वहीं, व्हाइट पेपर के विरोध में कांग्रेस ‘ब्लेक पेपर’ लाने की बात कर रही है। इस पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे चर्चा होगी।कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के 10 साल के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से लाए जाने वाले ‘श्वेत पत्र’ का जवाब देने के लिए विपक्षी पार्टी ने खास रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस इसके जवाब में मोदी सरकार के 10 साल पर ‘ब्लैक पेपर’ लाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इसे सदन में पेश कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

यूपीए ने अर्थव्यवस्था को कर दिया था ध्वस्त

वहीं, राज्यसभा में भी श्वेत पत्र पर शनिवार को चर्चा होनी है। इस ‘श्वेत पत्र’ में मोदी सरकार की ओर कहा गया है कि 10 साल के कार्यकाल में यूपीए ने देश की इकोनॉमी को कैसे नॉन-परफॉर्मिंग बना दिया। इसमें बताया गया है कि कैसे अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में एक मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव रखी गई और उसे यूपीए ने अपने 10 साल के कार्यकाल में लगभग ध्वस्त कर दिया था।

2009-2014 के बढ़ी महंगाई का जिक्र

श्वेत पत्र में आगे कहा गया है कि एनडीए की रखी मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव को कैसे यूपीए के कार्यकाल में लगभग ध्वस्त हो गयी थी। इसमें रेखांकित किया गया है कि साल 2009 से लेकर 2014 के बीच महंगाई कैसे आसमान छुई और आम आदमी को इसका खामियाजा कैसे भुगतना पड़ा।

श्वेत पत्र में क्या-क्या लिखा है?

– श्वेत पत्र में कहा गया है कि UPA सरकार ने देश की आर्थिक नींव कमजोर की।
– UPA के 10 साल के कार्यकाल में रुपये में भारी कमी दर्ज हुई।
– बैंकिंग सेक्टर संकट में था।
– विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई थी।
– भारी कर्ज लिया गया था।
– राजस्व का मनमाना प्रयोग किया गया था।

इससे पहले संसद के वर्तमान बजट सत्र को एक दिन बढ़ाकर 10 फरवरी तक कर दिया गया। राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ और लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला ने बीते दिन इसकी घोषणा की। उच्च सदन में सुबह कार्यवाही शुरू होते ही धनखड़ ने बताया कि कार्य मंत्रणा समिति की मंगलवार को हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई थी। इस दौरान सभी दलों के नेताओं ने राज्यसभा की बैठक 10 फरवरी तक बढ़ाए जाने पर सहमति जताई।

न तो शून्यकाल होगा और न ही प्रश्नकाल
धनखड़ ने कहा कि 10 फरवरी को बैठक के दिन न तो शून्यकाल होगा और न ही प्रश्नकाल। लोकसभा में प्रश्नकाल समाप्त होते ही ओम बिरला ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने प्रस्ताव किया है कि आवश्यक सरकारी कामकाज को निपटाने के लिए 17वीं लोकसभा के 15वें सत्र को 10 फरवरी तक बढ़ा दिया जाए। सांसदों ने ध्वनिमत से स्वीकार भी कर लिया।

‘श्वेत पत्र’ पेश करने की योजना
सूत्रों की मानें तो सरकार 2014 से पहले और उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति की तुलना करते हुए एक ‘श्वेत पत्र’ पेश करने की योजना बना रही है। बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई थी। पहले इसे नौ फरवरी को समाप्त होना था। इस बार आम चुनाव होने के कारण सरकार ने एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था। यह सत्रहवीं लोकसभा का संभवत: अंतिम सत्र है।

अधीर रंजन चौधरी ने कसा तंज
इस बीच कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार व्हाइट पेपर लेकर आए, हमें कोई हर्ज नहीं है, लेकिन मेहुल चोकसी के पेपर भी सदन में लाने चाहिए। क्यों तुम्हारी सरकार में बैंकों को लूटा जाता है? जो लोग बैंक को लूटकर विदेश में भाग जाते हैं, उनके साथ आपका क्या संबंध है?

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