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व्‍यापक बदलाव की तैयारी में कांग्रेस, गांधी परिवार से बाहर का अध्‍यक्ष बना सकती है पार्टी

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नई दिल्ली
कांग्रेस में अगले कुछ दिनों में शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। संगठन से लेकर राज्यों तक इसका असर देखा जा सकता है। पार्टी के अंदर ही उठ रहे तमाम विरोधाभासी आवाजों और दूसरे सहयोगी दलों के दबाव के बीच पार्टी अब खुद को सक्रिय मोड में दिखाना चाहती है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में बड़े बदलाव के लिए तीन फॉर्म्युले तय किए गए हैं।

इसके तहत पार्टी को गैर गांधी परिवार से अध्यक्ष का पद मिल सकता है। इसका विकल्प इसलिए बनाया जा रहा है कि राहुल गांधी अभी भी परिवार से अलग किसी को अध्यक्ष बनाने की अपनी बात पर कायम हैं। ऐसे में अगर यह दबाव बना रहा तो इसके लिए भी पार्टी अब खुद को तैयार कर रही है।

लोकसभा में नेता व‍िपक्ष बन सकते हैं राहुल
ऐसी सूरत में राहुल गांधी खुद लोकसभा में विपक्ष के नेता बनने को तैयार हो सकते हैं। दूसरे फॉर्म्युले के तहत सोनिया गांधी को ही 2024 तक पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने पर पार्टी आग्रह कर सकती है। तीसरे फॉर्म्युले के तहत राहुल गांधी ही दोबारा पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए दबाव बनाया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल के पास पार्टी नेतृत्व दोबारा हासिल करने का लगातार विकल्प था, लेकिन वह खुद इस पद के लिए तैयार नहीं हैं।

अब हरियाणा कांग्रेस में ‘गुटबाजी की चिंगारी’
हरियाणा में विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर छिड़ा घमासान अब सड़कों पर आ गया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के 22 विधायकों ने सोमवार को कुमारी सैलजा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इन सभी ने दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की। इनकी मांग थी कि शैलजा को हटाकर हुड्डा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। हुड्डा समर्थक विधायकों का तर्क है कि इनैलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला के बाहर आने से जाट वोट बैंक खिसक सकता है। चौटाला को रोकने के लिए हुड्डा को ‘फ्री-हैंड’ दिया जाना जरूरी है।

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