ग्वालियर से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है. यह फैसला पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता रामनिवास रावत की ओर से दायर याचिका पर आया है.
बता दें कि याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की पूरी जानकारी छिपाई थी. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनका चुनाव रद्द कर दिया और चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे बीजेपी उम्मीदवार रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा से विधायक घोषित कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट में लगाएंगे गुहार
वहीं, विजयपुर विधानसभा मामले में हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का कार्यकाल शून्य घोषित किए जाने के बाद उन्होंने फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे. न्यूज18 से फोन पर रिपोर्टर से बातचीत में मल्होत्रा ने यह बात कही है. उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने के आरोप में पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने याचिका रदायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने रावत को विधायक घोषित कर दिया.
कब का है मामला?
ये मामला 2024 में हुए विजयपुर सीट के उपचुनाव से जुड़ा है. अधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब राम निवास रावत MLA माने जाएंगे। उधर मुकेश मल्होत्रा के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट की सिंगल बैंच के इस फैसले को अपर कोर्ट में चुनौती देंगे. आपको बता दें, साल 2023 में रामनिवास रावत विजयपुर से कांग्रेस के MLA बने थे, लेकिन 2024 में रामनिवास रावत ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था. उसके बाद विजयपुर सीट पर 2024 में उपचुनाव हुए थे, जिसमें रामनिवास रावत बीजेपी के प्रत्याशी थे. वही मुकेश मल्होत्रा कांग्रेस के उम्मीदवार थे. इस चुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था.

