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*कांग्रेस ने मध्यप्रदेश बीजेपी के नेताओं के कुकर्मों की जारी की सूची*

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 देशभर की तरह एमपी में भी दोनों प्रमुख दल- बीजेपी और कांग्रेस, आपातकाल के बहाने एक दूसरे से भिड़ रहे हैं। 50 साल पुरानी इस घटना को बीजेपी संविधान हत्या दिवस के रूप में मना रही है। इसके अंतर्गत 25 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर कांग्रेस और गांधी परिवार को संविधान विरोधी करार दिया जा रहा है। इसके जवाब में कांग्रेस ने अंबेडकर प्रतिमा स्थापित कराने की मांग को लेकर ग्वालियर में संविधान सत्याग्रह एवं उपवास कार्यक्रम आयोजित किया है। यहां कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ नेता एकत्रित हैं। इस बीच एमपी कांग्रेस ने एक ट्वीट किया जिससे राजनैतिक हल्कों में हलचल मच गई।

एमपी कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हेंडल पर एक वीडियो जारी किया है। कांग्रेस ने वीडियो जारी करते हुए ट्वीट
में लिखा- मध्यप्रदेश बीजेपी नेताओं के कुकर्मों की सूची…। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के इस वीडियो में 50 ऐसे केस गिनाए गए हैं जिनमें दलित उत्पीड़न में बीजेपी नेताओं के नाम आए हैं। एमपी कांग्रेस के इस वीडियो ने राजनैतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। कांग्रेस के इस वीडियो के जवाब में बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश बीजेपी नेताओं के कुकर्मों की सूची

एमपी कांग्रेस ने अपने एक्स हेंडल पर ‘मध्यप्रदेश बीजेपी नेताओं के कुकर्मों की सूची’ लिखकर वीडियो जारी किया है। वीडियो में प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी कह रहे हैं-

मेरे पास एक लिस्ट है…50 केस की…2023, 2024 और 2025… ये तीन साल में लगभग लगभग 50 केस ऐसे हुए हैं जहां दलितों को जिंदा गड़ा दिया गया…दलित बहनों के साथ दुुष्कर्म हुआ…गैंगरेप हुआ…अगवा करके ले गए…जो आरक्षित वर्ग है… जो एससी, एसटी वर्ग है…और इसके पीछे कौन है… इसके पीछे बीजेपी नेता… ये लिस्ट मैं मीडिया को दे रहा हूं…

ये लिस्ट बता रही है कि प्रदेश में लगातार दलितों का शोषण हो रहा है…ये लिस्ट जारी कर रहा हूं, सरकार को इसका जवाब देना होगा…।

अपराध और भ्रष्टाचार का बना दिया गया है अड्डा- जीतू पटवारी

जीतू पटवारी ने व्यापम घोटाले, फर्जी नर्सिंग कॉलेज, पेपर लीक और ड्रग फैक्ट्री जैसे मामलों का भी ज़िक्र किया. कहा कि राज्य को अपराध और भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है.

जीतू पटवारी ने गिनाए ये मामले

पटवारी ने मांग की कि सभी मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो. पीड़ितों को इंसाफ मिले.

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