,लंदन
दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी आखिर फैली कहां से, इसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है। रविवार को संपन्न हुई जी-7 देशों की बैठक में एक बार फिर से कोरोना वायरस की उत्पत्ति की निष्पक्ष जांच को लेकर मांग उठी। इसके अलावा इंग्लैंड के कॉर्नवाल में जी-7 शिखर सम्मेलन दौरान चीन में जारी मानवाधिकारों का मुद्दा भी उठा। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी इस बैठक में चीन के प्रति सख्त दिखे और उन्होंने इस मंच पर फिर से दोहराया कि कोरोना के चीन की प्रयोगशाला से फैलने की आशंका है।
क्या कहा जो बाइडेन ने?
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को एक बार फिर दोहराया कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति का स्रोत चीनी प्रयोगशाला हो सकती है। उन्होंने कहा कि चीन ने वैज्ञानिकों को अपनी प्रयोगशालाओं तक जाने की इजाजत नहीं दी ताकि कोरोना के स्रोत के बारे में अध्ययन किया जा सके। बाइडन ने कहा- मैं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा हूं, हमारी खुफिया एजेंसियां अभी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि वायरस चमगादड़ से फैला या प्रयोगशाला में बनाया गया, लेकिन इस सवाल का जवाब ढूंढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि बाइडन पहले ही अपनी खुफिया एजेंसियों को 90 दिन में कोरोना की उत्पत्ति के बारे में पूरी जानकारी जुटाने का आदेश दे चुके हैं।

