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*कफ सिरप कांड:…. तो जहरीली कफ सिरप मरने वाले बच्चों की संख्या शायद कम होती!*

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मध्य प्रदेश के कफ सिरप कांड में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब एक नया मामला नागपुर से सामने आ रहा है. भोपाल से न्यूज 18 टीम ने वीडियो कॉल के जरिए नागपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल और परासिया के बीजेपी पार्षद अनुज पाटकर से बात की, जिसमें खुलासा हुआ कि 17 सितंबर को ही छिंदवाड़ा प्रशासन को चेतावनी दी गई थी. यदि उस समय इस अलर्ट पर गंभीरता से अमल किया जाता, तो कई बच्चों की जानें शायद बच सकती थीं.

 छिंदवाड़ा में संदिग्ध कफ सिरप पीने से कई मासूमों की मौत के बाद माहौल गमगीन है. पीड़ित परिवारों के आंसू थम नहीं रहे हैं. न्यूज 18 की टीम ने जब परिजनों से बात की तो दर्दनाक हालात सामने आए. वहीं, बीजेपी पार्षद अनुज पाटकर ने खुलासा किया कि नागपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल ने बच्चों की किडनी खराब होने की बढ़ती शिकायतों पर पहले ही अलर्ट किया था. पाटकर ने इस बारे में छिंदवाड़ा कलेक्टर और एसडीएम को भी जानकारी दी थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई.

अचानक आने लगे थे एक जैसे केस…
घटना की शुरुआत अगस्त के अंत से हुई, जब परासिया क्षेत्र के बच्चों में किडनी इंफेक्शन के असामान्य मामले सामने आने लगे. ये बच्चे कोल्ड्रिफ कफ सिरप का सेवन कर रहे थे, जो सर्दी-खांसी की सामान्य दवा के रूप में दी जा रही थी. नागपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल के पास लगातार परासिया से ऐसे केस पहुंचने लगे.

पार्षद ने प्रशासन को बताया…
डॉ. अग्रवाल ने तुरंत गड़बड़ी की आशंका जताई. उन्होंने अपने पारिवारिक मित्र और परासिया के बीजेपी पार्षद अनुज पाटकर को इस संबंध में जानकारी दी. कहा, “बच्चों के लक्षण एक जैसे हैं. यह दवा ही जहरीली हो सकती है. लोगों को जागरूक करें और प्रशासन को सूचित करें.” अनुज पाटकर ने बिना देर किए स्थानीय एसडीएम को यह जानकारी दी.

प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया!
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने पार्षद अनुज पाटकर को चेतावनी दी थी. उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा था कि “क्या दवा में कोई समस्या तो नहीं?” लेकिन प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई नहीं हुई. 17 सितंबर को अनुज पाटकर ने एसडीएम को याद दिलाया, लेकिन मामला गंभीरता से नहीं लिया गया. इसके परिणामस्वरूप, सितंबर के मध्य तक 11 बच्चे परासिया में, दो छिंदवाड़ा शहर में और एक चौरई तहसील में किडनी फेलियर से शिकार हो गए.

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