अग्नि आलोक

देश-दुनिया:भारत आ रहे LPG गैस टैंकरों की सुरक्षा में नौसेना तैनात, देश में पश्चिमी विक्षोभ से मौसम लेगा करवट

Share

एलपीजी संकट के बीच भारत में आने वाले गैस टैंकरों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए फारस की खाड़ी के पास नौसेना के युद्धपोत तैनात किए गए हैं। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान से सीधे संवाद की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि हिंदू राष्ट्र की सोच भारत के लिए खतरा हो सकती है और इससे 43 राज्यों में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक ट्रैजिक हादसे में टैंकर से टकराने के बाद एक स्लीपर बस पलट गई, जिसमें 20 यात्री घायल हुए और दो को लखनऊ रेफर किया गया। मौसम का मिजाज भी बदलने वाला है कुल्लू से केरल तक बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई गई है, पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में मौसम प्रभावित हो सकता है।यात्रियों के लिए एक और खबर यह है कि फास्टैग वार्षिक पास की कीमत 1 अप्रैल से बढ़ा दी जाएगी। एनएचएआई ने नई दरें जारी करते हुए बताया कि इससे यात्रा की लागत में वृद्धि होगी, इसलिए समय रहते प्लान करना आवश्यक है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी के पास अपने कई युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार ये युद्धपोत भारत आने वाले व्यापारिक जहाजों को जरूरत पड़ने पर सहायता देने के लिए तैयार रखे गए हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना के जहाजों को इस क्षेत्र में इसलिए तैनात किया गया है, ताकि भारतीय व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कुल्लू से केरल तक बिजली गिरने और बारिश की संभावना; पश्चिमी विक्षोभ से कई राज्यों में बदलेगा मौसम

देश का विशेषकर उत्तर भारत का मौसम रविवार से फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार पहाड़ी राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है, जबकि उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में भी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में, 15 और 18 मार्च को हिमाचल प्रदेश में, 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में, तथा 16 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार के लिए कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

इसके अलावा सोमवार और बुधवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान ताबो राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ऊना में दिन का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक था। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में फिर से बारिश और बादलों की गतिविधि बढ़ सकती है।

राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से राज्य के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और बादल गरजने की स्थिति बन सकती है। रविवार को अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

झारखंड में चार दिनों तक होगी हल्की बारिश
पूर्वी भारत में झारखंड के कई जिलों में भी अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार को छोड़कर राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।

पुणे में इफ्तार की तैयारी कर रहे युवकों पर भीड़ का हमला, 12 से ज्यादा लोग हिरासत में

पुणे के ससवाड में रमजान के दौरान रोजा खोलने की तैयारी कर रहे मुस्लिम युवकों के एक समूह पर भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम पांच लोग घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे पुणे ग्रामीण पुलिस के ससवाड पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्करवाड़ी इलाके में एक तालाब के पास घटी।

एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता फिरोज जावेद सैयद अपने लगभग दस दोस्तों के साथ तालाब के पास इकट्ठा हुए थे और रोजा खोलने की तैयारी कर रहे थे। तभी लगभग 100 लोगों का एक समूह मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचा और उनसे पूछताछ करने लगा। एफआईआर में कहा गया है कि समूह ने कथित तौर पर युवकों से पूछा कि क्या यह जगह उनकी है, उन्हें अपनी टोपी उतारने को कहा और पूछा कि वे इस तरह के कपड़े पहनकर क्यों आए हैं।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि भीड़ ने कथित तौर पर युवकों को गाली दी और उन पर लाठियों और धारदार हथियारों से हमला किया। इस घटना में चार से पांच युवक घायल हो गए और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और उनमें से कुछ को आगे के इलाज के लिए उनके घर के पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने ससवाड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118 (1), 189 (2), 190 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, शस्त्र अधिनियम की धाराएं भी दर्ज की गई हैं। ससवाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक कुमार कदम ने बताया कि अब तक 10 से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

इटली और स्पेन में युद्ध विरोधी प्रदर्शन, मोजाम्बिक से सैनिक वापस बुला सकता है रवांडा

इटली की राजधानी रोम में शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्धों और इटली की सरकार द्वारा प्रस्तावित न्यायिक सुधारों के खिलाफ आवाज उठाई। 22-23 मार्च को होने वाला जनमत संग्रह इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक परीक्षा बन गया है। अगले वर्ष होने वाले चुनावों से पहले न्यायिक सुधारों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है।

रोम के केंद्रीय इलाके में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेड यूनियनों के लाल झंडे और फिलिस्तीन व क्यूबा के झंडे लहराते हुए मेलोनी सरकार इस्तीफा दो जैसे नारे लगाए। हालांकि रैली शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुई। एक प्रदर्शनकारी सैंड्रा पागानिनी ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा तय सहअस्तित्व की व्यवस्था को कमजोर कर रही हैं और दुनिया को बड़े संघर्ष की ओर धकेल रही हैं।

मोजाम्बिक से सैनिक वापस बुला सकता है रवांडा
रवांडा ने चेतावनी दी है कि अगर आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए स्थायी वित्तीय सहायता सुनिश्चित नहीं की गई तो वह मोजाम्बिक से अपने सैनिक वापस बुला सकता है। रवांडा के विदेश मंत्री ओलिवियर नदुहंगिरेहे ने सोशल मीडिया पर कहा कि मोजाम्बिक में तैनात रवांडा के सैनिकों की लगातार आलोचना की जा रही है, जबकि उन्हीं देशों को इस अभियान से फायदा मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पर्याप्त फंडिंग नहीं मिली तो सैनिकों की वापसी तय है।

रवांडा की सेना मोजाम्बिक के उत्तरी प्रांत काबो डेलगाडो में 2017 से सक्रिय इस्लामिक स्टेट से जुड़े उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में मदद कर रही है। यह क्षेत्र 2021 में तब चर्चा में आया था जब विद्रोहियों ने तटीय शहर पाल्मा पर हमला कर कई लोगों की हत्या कर दी थी। इस हमले के बाद फ्रांसीसी ऊर्जा कंपनी टोटलएनर्जीज को करीब 20 अरब डॉलर की गैस परियोजना रोकनी पड़ी थी, जो मोजाम्बिक की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम मानी जाती है। इसी वजह से वहां की सरकार ने 2021 में रवांडा के शांति सैनिकों की तैनाती का स्वागत किया था।

Exit mobile version