कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वोट चोरी के मुद्दे पर सीपीआईएम के सासंद का साथ मिला है। CPI(M) सांसद अमरा राम ने कहा है कि SIR सिर्फ उसी जगह किया जा सकता है, जहां से शिकायत हो, पूरे देश में नहीं। SIR सिर्फ SC, ST समुदाय के वोट काटने का एक तरीका है।
अमरा राम ने आगे कहा कि चुनाव आयुक्त नियुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) उसको हटाकर कैबिनेट कर दिया गया। अब चुनाव आयोग नहीं रह गया है, बल्कि मोदी आयोग हो गया है। इसी का नतीजा है कि SIR सिर्फ वहां की जा सकती है, जहां कोई शिकायत हो। पूरे देश में नहीं की जा सकती, जिसने 1952 में वोट दे दिया, उससे एक बार फिर फॉर्म भरने के लिए कहा जा रहा है।
लाखों लोग रोजगार के लिए बाहर
लेफ्ट पार्ट के सांसद ने कहा कि राजस्थान में SIR हो रहा है। आदिवासी इलाके में आधे से ज्यादा गांव खाली हो जाता है। एससी-एसटी के लाखों लोग रोजी-रोटी के लिए बाहर जाते हैं, उन्हें कोई फॉर्म नहीं मिलता है। ये लोग न ही शिक्षित हैं और न ही फॉर्म भर सकते हैं। न ऑफलाइन भर सकते हैं और न ही ऑनलाइन भर सकते हैं। इसलिए ये SIR सिर्फ एससी-एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी के वोटों को काटने का प्रयोजन है।
राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री घुसपैठियों की बात कर रहे हैं तो 11 साल से झक मरा रहे थे। अब कह रहे हैं कि 32 लाख ने फॉर्म नहीं भरा है। सरकार बताए कि इनमें से कितने घुसपैठिए हैं। उत्तर प्रदेश में तो सेंटर घोषित कर रहे हैं तो कितनों को बाहर निकाल। इसलिए केवल सांप्रदायिकता के आधार पर ये सब करना ठीक नहीं है। ये लोगों का वोट काटकर राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम किया जा रहा है।

