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28 साल बाद JNUSU के अध्यक्ष पद पर फिर दलित

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नई दिल्‍ली। JNU यानी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए छात्रसंघके चुनाव में लेफ्ट ने जीत (Left won)हासिल कर ली है। यूनिवर्सिटी में PhD कर रहे बिहार के छात्र धनंजय को JNUSU का अध्यक्ष चुन लिया गया है। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को सभी 4 केंद्रीय सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। अध्यक्ष पद के लिए कुल 8 दावेदार चुनावी मैदान में थे।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जीत हासिल कर अध्यक्ष बनने वाले धनंजय बिहार के गया से हैं। खास बात है कि 28 साल बाद एक बार फिर जेएनयू छात्र संघ को दलित अध्यक्ष मिला है। इससे पहले साल 1996 में बत्ती लाल बैरवा ने चुनाव जीता था। धनंजय ने एबीवीपी के उमेश चंद्र अजमीरा को 922 मतों से हराया।

चार साल के अंतराल के बाद हुए चुनावों में अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) के धनंजय ने 2,598 वोट हासिल करके जेएनयूएसयू अध्यक्ष पद का चुनाव जीता, जबकि ABVP अजमीरा ने 1,676 वोट हासिल किए। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के अविजीत घोष ने एबीवीपी की दीपिका शर्मा को हराकर उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की।

वाम समर्थित बीएपीएसए उम्मीदवार प्रियांशी आर्य ने एबीवीपी के अर्जुन आनंद को हराकर महासचिव पद जीता। चुनाव समिति द्वारा वामपंथी संगठनों की उम्मीदवार स्वाति सिंह का नामांकन रद्द किए जाने पर वामपंथी संगठनों ने अपना समर्थन प्रियांशी आर्य को दिया था। संयुक्त सचिव पद पर वामपंथी संगठनों के उम्मीदवार मोहम्मद साजिद ने एबीवीपी के गोविंद को हराकर जीत हासिल की।

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