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दमोह का वीडियो वायरल, मचा सियासी बवाल!

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दमोह. जिले से एक जातिगत विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इसमें कुशवाहा समाज के युवक पुरुषोत्तम कुशवाहा ने ब्राह्मण युवक अनुज पांडे के पैर सार्वजनिक रूप से धोए. मामला एक AI फोटो के वायरल होने से शुरू हुआ, जिसके बाद गांव में पंचायतनुमा सुलह में यह ‘सजा’ तय की गई. वीडियो सामने आते ही कांग्रेस ने भाजपा शासन को दलित-पिछड़ों पर अत्याचार करने वाला बताया और इसे ‘तालिबानी सजा’ कहा. दमोह पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है. एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में शिकायत कुशवाहा समाज की ओर से दर्ज की गई है.
पूरा मामला सतरिया गांव का है, जो पटेरा थाना क्षेत्र में आता है. गांव के पुरुषोत्तम कुशवाहा ने अपने परिचित ब्राह्मण युवक अनुज पांडे की एक AI से बनाई गई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी. इसके बाद अनुज ने इस पर आपत्ति जताई. गांव में पंचायत बुलाई गई और विवाद सुलह के तौर पर खत्म करने के लिए तय हुआ कि पुरुषोत्तम सार्वजनिक रूप से पैर धोकर माफी मांगेगा. इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में बाकायदा थाली में पानी रखकर अनुज पांडे के पैर धुलवाए गए. पुरुषोत्तम ने माफी मांगी. यह पूरा दृश्य मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
कांग्रेस का हमला, बोली- देश बाबा साहब के संविधान से चलेगा
वीडियो सामने आते ही मामला तेजी से फैल गया. कांग्रेस ने इसे भाजपा शासन में पिछड़े वर्ग के लोगों के अपमान से जोड़ा. कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “यह तालिबानी सजा है. देश बाबा साहब के संविधान से चलेगा, भाजपा और आरएसएस के मनुवाद से नहीं.” वहीं, वायरल वीडियो के बाद दमोह पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि इस वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है. संबंधित पक्षों के बयान लिए गए हैं और कुशवाहा समाज की ओर से मामला दर्ज कराया गया है.

वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस
वीडियो में पुरुषोत्तम खुद कह रहा है कि उसने गलती की थी और बिना किसी दबाव के पैर धोए. अनुज पांडे ने भी कहा कि यह प्रक्रिया स्वेच्छा से हुई थी, न कि किसी दबाव में. फिलहाल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है. एक ओर इसे सामाजिक अपमान बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ लोग इसे आपसी राजीनामा मान रहे हैं.

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