एस पी मित्तल, अजमेऱ
अजमेर के निकटवर्ती ऊंटड़ा गांव में सामाजिक संस्था दावतुल हक द्वारा शुरू किया गया अस्पताल अब ग्रामीणों खासकर महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रहा है। जाने माने चिकित्सक डॉ. केके पंडवानी, डॉ. इमरान खान, डॉ. शबाना आदि अपनी सेवाएं दे रही हैं। संस्था के प्रमुख मौलाना अयूब कासमी ने बताया कि ऊंटड़ा क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं को प्रसव के लिए किशनगढ़ के सरकारी अस्पताल या फिर अजमेर के राजकीय जनाना अस्पताल में जाना पड़ता था। लेकिन अब ग्रामीण महिलाओं की डिलीवरी इस अस्पताल में सुविधाजनक तरीके से हो रही है। इसके अलावा स्त्री रोग के निदान के लिए भी यह अस्पताल अब महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मौलाना अयूब ने बताया कि सरकारी अस्पताल कई किलोमीटर दूर होने के कारण ग्रामीण महिलाएं अपना उपचार करवाने में असमर्थ थी, लेकिन अब इस अस्पताल के जरिए महिलाओं का उपचार हो रहा है। ग्रामीण महिलाओं के साथ साथ बुजुर्ग भी अपनी बीमारियों का इलाज इस अस्पताल के माध्यम से करवा रहे हैं। संस्था ने अस्पताल परिसर में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। मात्र 50 रुपए के शुल्क पर लोगों का इलाज हो रहा है। अस्पताल परिसर में समय समय पर नि:शुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए जा रहे हैं। 10 फरवरी को लगाए गए आंखों की जांच और ऑपरेशन के शिविर में करीब 200 ग्रामीणों की आंखों के ऑपरेशन किए गए। इस शिविर में अजमेर नगर निगम की उपायुक्त सीता वर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रही। श्रीमती वर्मा ने भी माना कि दावातुल हक अस्पताल ग्रामीणों खास कर महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है। श्रीमती वर्मा ने दावतुल हक संस्था के पदाधिकारियों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि संस्था ने अपने प्रयासों से अस्पताल की बिल्डिंग तैयार की है और अब मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है। हालांकि सरकार अपने स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र में सामाजिक संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मौलाना अयूब ने बताया कि रक्तदान के प्रति ग्रामीण युवाओं ने उत्साह देखा गया है। अस्पताल परिसर में जब भी रक्तदान शिविर लगाया जाता है, तब बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा रक्त देने के लिए उपस्थित रहते हैं।

