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पूर्वोत्तर भारतमें नई राजनीतिक पहल… देबबर्मा बनाएंगे बीजेपी विरोधी गठबंधन

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गुवाहाटी. पूर्वोत्तर भारतमें भाजपा की ताकत का मुकाबला करने के उद्देश्य से एक नई राजनीतिक पहल शुरू की गई है. असम जातीय परिषद और त्रिपुरा स्थित तिप्राहा स्वदेशी प्रगतिशील क्षेत्रीय गठबंधन ने सोमवार को घोषणा की कि वे पूर्वोत्तर राज्यों के सभी क्षेत्रीय दलों के लिए एक मंच बनाने की पहल शुरू करेंगे. एजेपी के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई और टीआईपीआरए के अध्यक्ष प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने कहा कि प्रस्तावित मंच स्वदेशी लोगों की ‘पहचान’ की रक्षा के लिए क्षेत्रीय राजनीतिक आंदोलनों को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा.

गोगोई ने कहा, ‘हमने पूर्वोत्तर के भविष्य के लिए हाथ मिलाने का फैसला किया है. हम साथ मिलकर पूरे क्षेत्र की पहचान, भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे. इससे सभी राज्यों को फायदा होगा.’ उन्होंने कहा कि मंच स्वदेशी लोगों के हितों की रक्षा के लिए सभी समान विचारधारा वाले क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने का प्रयास करेगा. दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए, जिसमें विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को तत्काल निरस्त करने और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के अपडेशन को पूरा करने की मांग की गई.विज्ञापन

 राजनीति में कोई भी अछूत नहीं- देबबर्मा 
उधर, देबबर्मा ने कहा कि राजनीति में कोई भी अछूत नहीं है. देबबर्मा ने कई NEDA भागीदारों के साथ बातचीत करने का दावा किया. उन्होंने दावा किया कि त्रिपुरा में IPFR और असम, मेघालय और मिजोरम में अन्य संगठनों के साथ बातचीत हुई क्योंकि ‘उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं किया गया है.’ उन्होंने NEDA को ‘केवल चुनाव जीतने वाली मशीन’ करार दिया. एजेपी नेताओं और समर्थकों के एक समूह को संबोधित करते हुए देबबर्मा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना का जिक्र किया.

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