शिमला. हिमाचल प्रदेश में चार दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी की वजह से अब दिसंबर और जनवरी जैसी ठंड महसूस की जा रही है. 16 मार्च से पहले प्रदेश में गर्मी से लोग झुलसने लगे थे. लेकिन फिर मौसम ने ऐसी करवट ली कि चार दिन से बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है. चार दिन से मनाली, लाहौल स्पीति और शिमला के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार मौसम खराब बना हुआ है.
हालांकि, गुरुवार को मौसम साफ जरूर हुआ है, लेकिन बादल छाए हुए हैं. हालांकि, मनाली में रुक रुक बरसात जारी है. उधर, लेह मनाली हाईवे को बंद कर दिया है, क्योंकि अटल टनल के पास हिमपात हुआ है.
मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने 20 मार्च के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और भारी बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं. बीती रात को मनाली में जोरदार बारिश हुई है. कुल्लू जिले के मणिकर्ण में घटीगढ़ में फिर पहाड़ी से भूस्खलन होने से कुल्लू को जोड़ने वाली सड़क बंद हो गई है. कई सैलानी भी आधे रास्ते में फंसे हुए हैं और लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क बहाली की मांग है.
मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने बताया कि मनाली में 53.0 एमएम, तिसा में 33.0, सराहन में 32.5, सेउबाग में 32.4, जोत में 27.0, भुंतर में 26.5, सलूणी में 23.3, निचार और कल्पा में 19.0, भरमौर में 17.0, धर्मशाला में 15.3, भटियात (चुवाड़ी) में 13.4, बंजार में 12.2, सांगला में 10.8, जोगिंदरनगर में 10.0, रामपुर में 8.2, छतराड़ी में 6.9, पालमपुर में 6.6, कांगड़ा में 6.5 और कुमारसैन में 5.6 एमएम बारिश दर्ज की गई. उधर प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात भी हुआ है. लाहौल घाटी के गोंदला में 13 सेमी बर्फ गिरी है. केलांग में 12 सेमी, कुकुमसेरी में 11.4 सेमी, हंसा में 10 सेमी और कल्पा में 0.4 सेमी बर्फबारी रिकॉर्ड की गई. यहां पर काफी ठंड महसूस की जा रही है. मौसम विभाग का कहना है कि 20 मार्च को भी ऑरेंज अलर्ट रहेगा. 21 और 22 मार्च को भी बारिश होगी. लेकिन कोई अलर्ट नहीं रहेगा.
मनाली के मॉल रोड पर बारिश.
गुरुवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में -0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान पांवटा साहिब में 27.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर और पर्यटन कारोबारी चमन कपूर का कहना है कि पर्यटन कारोबार के लिए बर्फबारी काफी महत्वपूर्ण है और गर्मियों में फायदा मिलेगा. उनका कहना है कि मनाली एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है और ऐसे में यहां पर सैलानी हर साल भारी संख्या में बर्फ के दीदार के लिए पहुंचते हैं. हालांकि, इस बार सर्दियों के दिनों में यहां पर काफी कम बर्फबारी हुई थी. ऐसे में सभी को अपने कारोबार की चिंता भी सताने लगी थी. अब मार्च में बर्फबारी संजीवनी बनकर आई है.

