संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, को 30 दिनों की छूट (waiver) जारी की है, जिससे रूस से कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई है। यह कदम भारतीय आयातों पर रूसी कच्चे तेल के लिए लगाए गए 25% दंडात्मक शुल्क (टैरिफ) के बाद उठाया गया है।
ग्रीन पार्टी ऑफ इंडिया इस तथाकथित “छूट” की कड़ी निंदा करती है और इसे राष्ट्रीय शर्म तथा भारत की संप्रभुता का अपमान मानती है। भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है, जो किसी भी विदेशी शक्ति की अनुमति पर निर्भर नहीं है। हमारी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े निर्णय भारत के लिए, भारत द्वारा ही लिए जाने चाहिए।
वर्तमान में भारत की कुल ऊर्जा खपत का लगभग 85% हिस्सा जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) से आता है, जिसका क्षेत्रवार वितरण इस प्रकार है:
- परिवहन (Transport): 14.3%
- बिजली और हीटिंग: 24.9%
- कृषि: 24%
वैश्विक स्तर पर केवल परिवहन क्षेत्र ही लगभग 25% ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है। कारें, ट्रक और ऑटो उद्योग दुनिया भर की पूंजीवादी अर्थव्यवस्थाओं का एक बड़ा हिस्सा हैं, लेकिन वे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता और जलवायु क्षति के सबसे बड़े स्रोतों में से भी हैं।
हमारा आह्वान
ग्रीन पार्टी ऑफ इंडिया का मानना है कि इस समय का उपयोग ऊर्जा स्वतंत्रता और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में नया मार्ग तय करने के लिए किया जाना चाहिए। हम निम्नलिखित प्रस्ताव रखते हैं:
1. परिवहन और माल ढुलाई का राष्ट्रीयकरण
- निजी कारों के उपयोग को कम कर घने और एकीकृत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क—जैसे ट्रेन, ट्राम और बस—को बढ़ावा दिया जाए, जो नियमित और विश्वसनीय रूप से संचालित हों।
- नए सड़क विस्तार परियोजनाओं (आवश्यक रखरखाव को छोड़कर) को रोककर धन को सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना में लगाया जाए।
- ट्रकों पर निर्भरता कम करने और माल ढुलाई को रेल की ओर स्थानांतरित करने के लिए सड़क और रेल माल परिवहन का राष्ट्रीयकरण किया जाए।
2. ऊर्जा प्रणाली का परिवर्तन
- कार्बन आधारित ईंधनों को स्वच्छ और सामुदायिक नियंत्रण वाले स्रोतों—जैसे सौर, पवन, भू-तापीय और समुद्री तरंग ऊर्जा—से प्रतिस्थापित किया जाए।
- स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में निवेश किया जाए।
3. नागरिकों द्वारा तात्कालिक कदम
- छोटी दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें।
- जहाँ संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
- कारपूल करें या सवारी साझा करें।
- इलेक्ट्रिक या ईंधन-कुशल वाहनों का चयन करें।
- वाहन को बेवजह चालू न रखें और ड्राइविंग के दौरान एसी का उपयोग कम करें।
- अपने शहर में “कार-मुक्त” या “कम परिवहन” दिनों में भाग लें।
- हवाई यात्रा कम करें; इसके बजाय ट्रेन या बस का चयन करें।
- अनावश्यक यात्रा से बचने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी तकनीक का उपयोग करें।
- निष्कर्ष
भारत की संप्रभुता किसी भी विदेशी “अनुमति” से समझौता नहीं कर सकती। सच्ची स्वतंत्रता जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता से मुक्त होकर एक स्थायी और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य का निर्माण करने में है।
ग्रीन पार्टी ऑफ इंडिया सरकार, उद्योग और नागरिकों से निर्णायक कदम उठाने का आह्वान करती है—परिवहन और माल ढुलाई का राष्ट्रीयकरण करें, नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ाएँ और टिकाऊ जीवनशैली अपनाएँ। केवल तभी भारत अपनी संप्रभुता और पर्यावरण दोनों को सुरक्षित रख सकता है।
मातृभूतम गुरुमूर्ति
समन्वयक, ग्रीन पार्टी ऑफ़ इंडिया, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) से सम्बद्ध
मोबाइल संख्या: 9845294184

