अजय पौराणिक
इंदौर
शहर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर के मैनेजर की शिकायत करने वाला पूर्व सुपरवाइजर भूरी टेकरी स्थित मकान से परिवार समेत लापता है। मकान के मुख्य दरवाजे पर कलेक्टर को सम्बोधित एक पत्र चिपका हुआ है।करीब पंद्रह दिन पहले रणजीत हनुमान मंदिर के मेनेजर धन्नालाल साहू की अवांछित गतिविधि की शिकायत मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था देखने वाले सुपरवाइजर दीप सिंह ने मुख्य पुजारी से की थी।
कुछ दिन तक मामला ठण्डे बस्ते में रहा। फिर अचानक 23 अगस्त को मैनेजर साहू ने दीप सिंह को अपने कार्यालय में बुलाया और नौकरी से निकालने का फरमान सुना दिया। सूत्रों के मुताबिक साहू ने सुपरवाइजर के कारण पूछने पर कहा कि उसे कलेक्टर के आदेश पर नौकरी से निकाला जा रहा है। साथ ही उसे उसी दिन मंदिर परिसर में आवंटित मकान भी खाली करना है।
सुपरवाइजर दीप सिंह का सामान उसी दिन ताबड़तोड़ नगरनिगम के कर्मचारियों ने नगरनिगम के ही वाहन में रखा और भूरी टेकरी के आवास में शिफ्ट कर दिया था। जहाँ शहर के कई इलाकों की झुग्गियों से विस्थापित लोग रहते हैं।पिछले चार दिन से दीप सिंह उसके परिवार सहित उस मकान से गायब है। पूछने पर पडोसी ने बताया कि गाड़ी में सामान भरकर कहीं और चला गया है।
कलेक्टर के नाम छोड़ी चिठ्ठी
दूसरी मंजिल स्थित मकान जे-222 के दरवाजे पर कलेक्टर को सम्बोधित करते हुए एक पत्र चिपका है। हाथ से लिखे इस पत्र में मैनेजर साहू की शिकायत मंदिर प्रबंधन से करने के चलते उसे बलि का बकरा बनाये जाने का जिक्र है। इसके अलावा यह भी लिखा है कि जब उसकी पत्नी और बच्चे एसडीएम प्रतुल सिन्हा से उनके स्कूल के पास मकान दिलाने की गुहार लगाने के लिए मिले तो सिन्हा ने उन्हें कहा था कि दीप सिंह बहुत हीरो बनता है अब जेल जाएगा।
कुल मिलाकर पत्र का सार यह है कि मेनेजर की शिकायत के कारण ही दीप सिंह को नौकरी से हाथ धोना पड़ा जबकि उसने कोई गलत काम नहीं किया था।

