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*प्रयागराज में गौतमबुद्ध पार्क को शिवालय पार्क बनाने का विरोध: महिलाओं का धरना, सरकारी जमीन गरीबों को देने की मांग*

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कानपुर नगर निगम द्वारा शहर के सबसे बड़े पार्कों में से एक गौतमबुद्ध पार्क को शिवालय पार्क में परिवर्तित करने की योजना का विरोध अब तेज हो गया है। प्रयागराज में मंगलवार को राम वृक्ष गौतम के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने सिविल लाइंस धरना स्थल पर प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखीं।

धरने के दौरान राम वृक्ष गौतम ने कहा कि गौतमबुद्ध पार्क केवल एक हरित क्षेत्र ही नहीं बल्कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और तथागत भगवान गौतम बुद्ध की करुणा, समानता और भाईचारे की विचारधारा का प्रतीक है। इसे किसी विशेष धर्म या संप्रदाय के स्वरूप में बदलना संविधान की भावना और बहुजन समाज की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि पार्क का मौजूदा स्वरूप सुरक्षित रखा जाए और इसे बुद्ध सांस्कृतिक पार्क के रूप में विकसित किया जाए।

राम वृक्ष गौतम ने धरना स्थल पर यह भी कहा कि प्रयागराज में जो सरकारी जमीनें खाली पड़ी हुई हैं, उन्हें गरीब और बेसहारा परिवारों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जमीनों का इस्तेमाल कमजोर तबकों के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि किसी खास धार्मिक परियोजना के लिए।

धरने में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मौजूदा स्थिति भी चर्चा का विषय रही। राम वृक्ष गौतम ने कहा कि पार्टी 2012 से लगातार हाशिए पर जा रही है और इसकी पूरी जिम्मेदारी राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम की है। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती से मांग की कि मेवालाल गौतम को तत्काल पार्टी से बाहर किया जाए, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा दोबारा सत्ता में वापसी कर सके।

धरने में शामिल महिलाओं ने भी जोर देकर कहा कि वे समाज में समानता और भाईचारे की पक्षधर हैं और किसी भी हाल में गौतमबुद्ध पार्क को शिवालय पार्क में बदलने की योजना स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।

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