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न्यायालय एवं आला अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद  जिलाधीश नहीं कर रहे कार्यवाही

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जोरा विधायक के खिलाफ 3 वर्ष से लंबित है मामला 

पूर्व विधायक ने मांगी आयुक्त का पत्र सार्वजनिक करने की अनुमति

जौरा— शहर के मध्य स्थित सरकारी मिल्कियत की बेशकीमती औकाफ भूमि की आपने राजनैतिक प्रभाव से नोईयत बदलबाकर उस पर दुकानें बनाने एवं उनके विक्रय में अनुचित लाभ प्राप्त करने के मामले में मुरैना कलेक्टर कोई फैसला नहीं कर रहे। यह मामला कलेक्टर न्यायालय में विगत लगभग 3 वर्षों से लंबित है। जबकि मामले का निराकरण के लिए उच्च न्यायालय कुछ माह पूर्व ही कलेक्टर मुरैना को निर्देश दे चुका है।  मामले के निराकरण के लिए आला अधिकारी भी कई बार जिलाधीश महोदय को पत्र लिख चुके हैं। माना जा रहा है कि जिलाधीश महोदय इस मामले में राजनीतिक दबाव के चलते कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में आज जोरा पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्र ने जिलाधीश के नाम लिखा पत्र अनुभवी अधिकारी को सौंप कर मामले के संबंध में हाल ही में आयुक्त महोदय द्वारा लिखे पत्र को प्रेस को देकर सार्वजनिक करने की अनुमति मांगी है।

उल्लेखनीय है कि पटवारी हल्का क्रमांक 24/2 की भूमि सर्वे क्रमांक 422 कस्बे के मध्य स्थित उपाय बेशकीमती भूमि है यह भूमि संवत 2026 से 2029 तक राजस्व अभिलेखों में औकाफ भूमि मिल्कियत सरकारी के रूप में दर्ज थी। उल्लेखित भूमि को तत्कालीन मार्केटिंग सोसायटी अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक द्वारा राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर राजस्व अभिलेखों में मार्केटिंग सोसायटी की मिल्कियत के रूप में अंकित करा दिया है। तत्कालीन मार्केटिंग सोसायटी अध्यक्ष द्वारा इस बेशकीमती भूमि पर दुकानों का निर्माण भी करा दिया। यही नहीं तत्कालीन सोसायटी अध्यक्ष द्वारा विभागीय नियमों को ताक पर रखकर उक्त भूमि पर बनी दुकानों का विक्रय कर लाखों रुपए का अनुचित लाभ भी कमाया। मामले की शिकायत पूर्व विधायक द्वारा महेश दत्त मिश्र द्वारा किए जाने पर सहकारिता एवं राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में मामला सत्य पाया गया। राजस्व एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा मामले में समुचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश जिलाधीश मुरैना को कई बार दिए। इसके बावजूद जिलाधीश मुरैना द्वारा मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई। लंबे पत्राचार के बावजूद काफी समय तक मामले में कोई कार्यवाही नहीं होने से छुब्ध होकर पूर्व विधायक जोरा महेश दत्त मिश्र द्वारा उच्च न्यायालय में रिट पिटीशन दायर की। पिटीशन निराकरण करते हुए न्यायालय ने पिटीशन कर्ता को कलेक्टर कार्यालय इस विश्वास के साथ भेजा कि वह मामले का निराकरण अवश्य करेंगे। लेकिन न्यायालय के आदेश को भी कलेक्टर महोदय नहीं माना और मामला पेंडिंग रहा।

कार्रवाई के लिए आयुक्त ने भेजा पत्र

भ्रष्टाचार के हाई प्रोफाइल मामले में आयुक्त कार्यालय ग्वालियर की पुर से दिनांक 29 जून 2022 को पत्र क्रमांक कार्या.आयुक्त ग्वालियर मा.औ.4/कोर्ट-2018/218 भेज कर मामले में कार्यवाही किए जाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस पत्र में आयुक्त महोदय द्वारा कार्यालय पत्र क्रमांक 448 दिनांक 11 जुलाई 2018,अर्ध शासकीय पत्र क्रमांक 274 दिनांक 6 जुलाई 2019 एवं पत्र क्रमांक 1 दिनांक 8 जनवरी 2021 का उल्लेख करते हुए मामले का निराकरण की जाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामला 3 वर्ष से लंबित है एवं कार्यालय द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद भी नहीं भेजी गई है। इसी पत्र की प्रति लिपि शिकायतकर्ता पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्र को भी भेजी गई है। आयुक्त ग्वालियर के इसी पत्र को प्रेस को देकर सार्वजनिक करने की अनुमति पूर्व विधायक ने कलेक्टर मोरना से मांगी है।

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