रीवा शहर के नेहरूनगर जैसे ऊंचे स्थान में कृत्रिम बाढ़ की स्थिति से नागरिक जीवन बना नारकीय : अजय खरे
रीवा . समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा है कि रीवा शहर को प्राकृतिक बाढ़ की तुलना में कृत्रिम बाढ़ से अधिक खतरा देखने को मिल रहा है जो मौजूदा विकास की गलत नीतियों का दुष्परिणाम है . बरसाती पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं हो पाने से जलभराव की समस्या बनी हुई है .थोड़ा पानी गिरने पर जलभराव की स्थिति रीवा के नगरीय प्रशासन की बद इंतजामी का नतीजा है . श्री खरे ने कहा कि पानी निकासी के लिए पुलियों का सही निर्माण नहीं कराया गया जिसके चलते ऊंची सड़कें स्टॉप डेम का काम कर रही हैं . परंपरागत जल बहाव के रास्ते अवरुद्ध होने से कृत्रिम बाढ़ की स्थिति निर्मित हो रही है .नदी में बाढ़ यदा-कदा आती है लेकिन रीवा शहर के अंदर बरसात के समय कृत्रिम बाढ़ की स्थिति अक्सर देखने को मिलती है .
इधर घरों में गंदे बरसाती पानी आने की शुरुआत हो चुकी है . कुल मिलाकर रीवा का यही विकास हुआ है . रीवा को महानगर बनाने का ढिंढोरा पिछले 18 साल से पीटा जा रहा है . श्री खरे ने कहा कि रीवा को एक अच्छा शहर बनाने की जरूरत है , न कि महानगर बनाने के पूंजीवादी सपनों को साकार करने की . श्री खरे ने कहा कि शहर के अंदर दो फ्लाईओवर बनाने की दिखावेबाजी करके चौड़ी सड़कों को सकरा कर दिया गया . विकास के नाम पर लूट मची हुई है लेकिन जन समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है . समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा कि लोग समुद्र के किनारे रहकर भी सुरक्षित रहते हैं लेकिन रीवा में ऊंचाई पर रहते हुए भी कृत्रिम बाढ़ के शिकार बन जाते हैं . यूरोपीय देश नीदरलैंड की बसाहट समुद्र तट से नीचे है . वहां समुद्री पानी और लहरों से बचने के लिए 11 सौ किलोमीटर दीवाल खड़ी की गई है . यदि वह दीवाल हटा ली जाए तो नीदरलैंड का 40 प्रतिशत भाग डूब जाएगा . छोटे से छोटे देश भी समुद्र से अपना बचाव कर लेते हैं .
आज सुबह महज 15 मिनट पानी गिरने पर रीवा के नेहरूनगर जैसे ऊंचे स्थानों में भी जलभराव की स्थिति बन गई , आखिरकार यह कृत्रिम बाढ़ की स्थिति कैसे निर्मित हुई .यह सिर्फ प्रशासनिक बद इंतजामी का नतीजा है .श्री खरे ने कहा कि एक मामूली आदमी भी बता देगा कि पानी बहाव का रास्ता सही नहीं बना है लेकिन रीवा के शेखचिल्ली प्रशासन ने मनमाने तरीके से निर्माण कार्य करा करके नागरिक जीवन को नारकीय जीवन में बदल दिया है . कई बार चेताए जाने के बावजूद इस क्षेत्र का सारा पानी एक ही रास्ते से बहाया जा रहा है . नेहरू नगर के राष्ट्रीय मार्ग स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप से लेकर मिश्रा पेट्रोल पंप के बीच के क्षेत्र को विभिन्न इलाके से आने वाले बरसाती पानी का जंक्शन बना दिया गया है जिससे कृत्रिम बाढ़ की विभीषिका बरकरार रहेगी . नेहरू नगर में बिना बरसात के ही नालियां भरी रहती हैं और जब पानी गिरता है तो वह बहुत जल्दी उफान मारने लगता है .आगे पानी की निकासी के लिए पर्याप्त जगह नहीं है जिससे पानी गिरने पर वह वापस आने लगता है . विकास की उल्टी गंगा इसी तरह से बह रही

