,नई दिल्ली |
बहुचर्चित देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी व विधायक रामबाई के पति गोविन्द सिंह को अब तक न पकड़े जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार के दिन हुई सुनवाई में डीजीपी व पुलिस प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही डीजीपी को भी सख्त हिदायत देते हुए अगली सुनवाई पर कुछ बिन्दुओं पर शपथ पत्र सहित पेश होने को कहा गया है।
शुक्रवार को देवेंद्र चौरसिया हत्याकाण्ड में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी। ऐसे में SC में देशजस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एम.आर. शाह की बेंच ने मुख्य आरोपी के अभी तक न पकड़े जाने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि, मुख्य आरोपी मौजूदा विधायक का पति भी है और क़ानून में प्रावधान होने के बावजूद भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। साथ ही सुनवाई के दौरान मप्र के डीजीपी की ओर से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा, “पुलिस द्वारा आपराधिक कानून की प्रक्रिया से आरोपी को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी को 5 अप्रैल की अगली सुनवाई पर कुछ बिन्दुओं पर शपथ पत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कोर्ट ने डीजीपी से कहा है कि वे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर बीते 12 मार्च को दिए आदेश का पालन करते हुए कड़े कदम उठाएं अन्यथा कोर्ट को मजबूरन कोई न कोई कदम उठाना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ एमपी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड में गोविंद सिंह की याचिका पर सुनवाई 15 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है।
डीजीपी को इन बिंदुओं पर देना होगा शपथपत्र
1. मुख्य आरोपी को गनमैन क्यों दिया गया है?
2. मुख्य आरोपी को सुरक्षा कब और किस कारण दी गई है?
3. क्या मुख्य आरोपी को दी गई सुरक्षा आज तक बरकरार है?
4. अगर सुरक्षा बरकरार नहीं है तो किस तारीख से वह वापस ली गई?
5. एसपी दमोह को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई है?

