एसपी मित्तल अजमेर
अजमेर के निकट राजगढ़ गांव में स्थित मसाणिया भैरव धाम पर 27 मार्च को नवरात्रि में छठ का मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। इस मेले में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने जहां धाम के उपासक चंपालाल महाराज से आशीर्वाद और भभूत की चिमटी प्राप्त वहीं धाम परिसर में स्थित मनोकामना पूर्ण स्तंभ का चक्कर लगाकर मन्नत मांगी। मसाणिया भैरव धाम चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधि अविनाश सेन ने बताया कि राजस्थान और आसपास के प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु झंडे लेकर आए, जिन्हें धाम परिसर में लहराया गया। छठ मेले में झंडे की विशेष परंपरा है। लोगों को परेशान न हो इसके लिए चिमटी वितरण की विशेष व्यवस्था की गई। इस अवसर पर उपासक चंपालाल महाराज ने कहा कि धाम पर आने वाले लोगों के कष्ट दूर तो होते ही हैं, साथ ही सामाजिक बुराइयों को हटाने के संदेश भी दिए जाते हैं। अब तक कई लाख लोग धाम पर नशा छोड़ने का संकल्प ले चुके हैं। जल संरक्षण के लिए भी संदेश दिया गया है। इसी प्रकार कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में भी धाम की ओर से अभियान चलाया गया है। छठ के मेले में कांग्रेस और भाजपा के अनेक नेता मौजूद रहे।
चौधरी का महायज्ञ:
अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी की ओर से मसूदा के देवास गांव में 12 सौ वर्ष पुरानी महादेव जी की धूणी (पूजा स्थल) पर 27 मार्च से महायज्ञ शुरू हुआ। यह महायज्ञ आगामी छह अप्रैल तक चलेगा। चौधरी ने 27 मार्च को अपने परिवार के सदस्यों के साथ इस महायज्ञ की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि यह धार्मिक स्थल अजमेर, राजसमंद और भीलवाड़ा के केंद्र बिंदु पर स्थित है। इस पहाड़ी पर भगवान देवनारायण के जन्म के पश्चात ही मंदिर का निर्माण किया गया। आसपास के सौ से भी ज्यादा गांव के लोग इस महायज्ञ में भाग ले रहे हैं। 6 अप्रैल तक चलने वाले इस महायज्ञ में सामूहिक भोजन प्रसाद का आयोजन भी किया गया है। महायज्ञ की आयोजन समिति के संयोजक श्री श्री 108 प्रमोद दास महाराज ने कहा कि इस महायज्ञ के माध्यम से लोग यश और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। यज्ञ समिति के उपाध्यक्ष लालाराम वैष्णव और तेजमल गुर्जर ने बताया कि यज्ञ में आहुति देने के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। देवास की सरपंच गीता देव ने सभी श्रद्धालुओं से हवन में भाग लेने की अपील की है। इस महायज्ञ के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9414004111 पर डेयरी रामचंद्र चौधरी से ली जा सकती है।
नौसर माता मंदिर में धार्मिक आयोजन:
अजमेर शहर के पुष्कर घाटी स्थित श्री श्री नौसर माता मंदिर में नवरात्र में 29 मार्च (अष्टमी) और 30 मार्च (नवमी) पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। मंदिर के पीठाधीश्वर रामाकृष्ण देव महाराज ने बताया कि नवरात्र में घट स्थापना 22 मार्च को हुई थी। इसके बाद से ही लगातार धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। मंदिर परिसर में नौ देवियों की प्रतिमाएं लगी हुई। प्रतिमाओं के सामने ही धार्मिक आयोजन हो रहे है। 29 मार्च को आदि शक्ति नवदुर्गा माता का विशेष पूजन और अन्य भोग व आरती दोपहर बारह बजे होगी। इस अवसर पर कन्या पूजन का कार्यक्रम भी रखा गया है। इसी प्रकार नवमी पर 30 मार्च को श्री कृपामयी नवदुर्गा माता का विशेष पूजन एवं हवन पूर्णाहुति दोपहर दो बजे रखी गई है। शाम को महाआरती और भजन संध्या रखी गई है। नवरात्र में प्रसादी का विशेष आयोजन भी हो रहा है। धार्मिक आयोजनों के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9828621920 पर पीठाधीश्वर रामाकृष्ण महाराज से ली जा सकती है।
शर्मा का निधन:
पुष्कर तीर्थ के वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक नवज्योति के संवाददाता नाथू शर्मा का 27 मार्च की तड़के अजमेर के क्षेत्रपाल अस्पताल में निधन हो गया। शर्मा पिछले कुछ वर्षों से पेट की बीमारी से पीड़ित थे। 25 मार्च की रात को शर्मा को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन चिकित्सकों की लाख कोशिश के बाद भी शर्मा को नहीं बचाया जा सकता। शर्मा पिछले 35 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक राष्ट्रदूत से की। कोई दस वर्ष तक राष्ट्रदूत में काम करने के बाद शर्मा दैनिक नवज्योति से जुड़ गए और अंतिम सांस तक नवज्योति के लिए काम करते रहे। शर्मा ने पुष्कर में पत्रकारिता तब शुरू की जब पुष्कर से खबरों का चलन नहीं के बराबर होता था। शर्मा पुष्कर के सबसे वरिष्ठ पत्रकारों में रहे। वे पुष्कर प्रेस क्लब के अध्यक्ष भी रहे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण ही शर्मा ने नवज्योति में खबर भेजने के लिए अपने पुत्र नितिन शर्मा को प्रशिक्षित कर दिया था। 27 मार्च को ही स्वर्गीय नाथू शर्मा का अंतिम संस्कार पुष्कर स्थित श्मशान स्थल पर किया गया। अंतिम संस्कार में भाजपा, कांग्रेस के नेताओं ने भी भाग लिया। शर्मा के उठावने की रस्म 29 मार्च को होगी। शर्मा के निधन पर अजमेर जिले के पत्रकार जगत में शोक है। मोबाइल नंबर 8005690027 पर स्वर्गीय शर्मा के पुत्र नितिन शर्मा को संवेदनाएं दी जा सकती है।

