भोपाल
भोपाल में एक कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह के भाषण के दौरान बिजली गुल हो गई।उन्होंने अंधेरे में ही अपनी स्पीच पूरी की। दिग्विजय सिंह बीजेपी के घोषणा पत्र पर बात कर रहे थे। बिजली को लेकर उन्होंने कहा कि मेरी सरकार में बनी नीतियों का लाभ भाजपा सरकार उठा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भोपाल के नर्मदा भवन में शिक्षक कांग्रेस द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर और दिल्ली के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित भी यहां मौजूद रहे। इस दौरान मणिशंकर अय्यर से जब तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए बयान के बारे में पूछा गया तो वे बिना जवाब दिए चले गए।
बिजली गुल, दिग्विजय का तंज और गूंज उठे ठहाके
अपने संबोधन के दौरान दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्रों का जिक्र कर रहे थे… कि यह भी एक अजीब सी बात है कि भारतीय जनता पार्टी के 2003 के 2008, 2013 का घोषणा पत्र देख लीजिए। दिग्विजय इतना कह पाए और बिजली चली गई।
इस पर दिग्विजय सिंह ने तपाक से कहा- अब आप देख लीजिए। ये मेरे बारे में कहते थे कि दिग्विजय सिंह आया तो बिजली चली जाएगी। उनके इतना कहते ही वहां ठहाके गूंजने लगे।
भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह के भाषण में बिजली गुल हो गई। उन्होंने अंधेरे में ही अपनी स्पीच पूरी की।
जो हमारी तरफ देखते नहीं थे, वो मुस्कुराकर मिलने लगे
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो बीजेपी वाले हमारी तरफ देखते नहीं थे, वो मुस्कुराकर मिलने लगे हैं। जो अधिकारी फोन नहीं उठाते थे, वो मिलने का समय मांग रहे हैं। ये बदलाव की ओर इशारा कर रहा है। यह सारी बातें एक लक्षण है कि समय सही है। मोदी जी के अच्छे दिन तो नहीं आए, लेकिन मध्य प्रदेश की जनता के अच्छे दिन आने की पूरी संभावना है।
मेरी सरकार में बनी नीतियों का फायदा बीजेपी उठा रही
दिग्विजय सिंह ने कहा, भाजपा आज बिजली और सड़क के दावे करती है। लेकिन, पेड़ कोई लगाता है और फल कोई दूसरा खाता है। ये बात इनके साथ हो रही है। मेरी सरकार के दौरान जो नीतियां बनी, उन्हीं का फायदा बीजेपी उठा रही है। उस दौरान जो पावर प्रोजेक्ट के लिए नीतियां बनी, आज जो 20 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा सड़क का जो नेटवर्क खड़ा करने की बात बीजेपी कह रही है। इसकी नीतियां कांग्रेस सरकार ने बनाई थीं।
दिग्विजय सिंह भोपाल के सेकेंड स्टॉप स्थित नर्मदा भवन में आयोजित पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर शामिल हुए।कार्यक्रम में सोसलिस्ट पार्टी इंडिया के महासचिव संदीप पांडेय भी अतिथि के रूप में उपस्थित थे
मेरी और मणिशंकर अय्यर की कुंडली में एक जैसा लिखा
दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मैं और मणिशंकर अय्यर हम दोनों एक साथ हैं। वह हमेशा जो कहते हैं वह सही कहते हैं। लेकिन उनके किसी भी वचन, शब्द और वाक्य को तोड़ मरोड़ कर मीडिया के माध्यम से ऐसा स्वरूप दे दिया जाता है। जिसका उनका कोई अर्थ नहीं होता। मेरी और मणिशंकर अय्यर की कुंडली में एक जैसा लिखा होगा।
स्टालिन के बयान पर मणिशंकर ने साधी चुप्पी
इंडिया शब्द को गुलामी का प्रतीक बताने वाले बीजेपी नेताओं के बयान पर मणिशंकर अय्यर ने कहा, वे I.N.D.I.A. अलायंस से डर गए हैं। हमारे संविधान में लिखा है- इंडिया दैट इज भारत। उदयनिधि स्टालिन के बयान पर चुप रहे।शिक्षक कांग्रेस द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में पूर्व सांसद डीपी राय की पुस्तक ‘भारत की आजादी विद्रोहों और सुधारों की गाथा’ का विमोचन किया गया।
पूर्व सांसद बोले- चंबल में डांस कराकर डकैत गांव लूट लेते थे, वैसे हिन्दुत्व का डांस कराया जा रहा
अपनी किताब के बारे में बताते हुए पूर्व सांसद डीपी रॉय ने कहा – जिस तरह से चंबल में जब डकैती हुआ करती थी। तो एक बाई (नृत्यांगना) के डांस का आयोजन कराया जाता था। पूरे गांव के लोग उसमें मस्त हो जाते थे। शराब में मस्त हो जाते थे और डकैत गांव को लूट कर ले जाते थे। उसी तरह हिंदुस्तान में हिंदुत्व का डांस कराया जा रहा है।
मैने कहीं पढ़ा कि कंगना रनौत ने कहा कि आजादी हमें भीख में मिली थी। बीजेपी के लोग आजादी की लड़ाई लड़ने वालों को बेइज्जत करने का काम कर रहे हैं। जो लड़े हैं उनको नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी के पास कोई ऐसा आदमी नहीं है जिसने आजादी की लड़ाई लड़ी हो।
सिंधिया के बीजेपी में जाते ही सिलेबस से हटाई सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता
हरिशंकर परसाई की बायोग्राफी लिख चुके रिटायर्ड शिक्षक और लेखक राजेन्द्र चंद्रकांत राय ने दिग्विजय और मणिशंकर की मौजूदगी में कहा- सिंधिया कई साल कांग्रेस में रहे लेकिन सुभद्रा कुमारी चौहान की इस अमर कविता में छेड़छाड़ नहीं हुई। इस कविता को 92 साल हो चुके हैं। उस कविता को पुस्तक से हटा दिया गया है। क्योंकि एक बेईमान, विश्वास घाती आदमी उनके खेमे में चला गया है। कक्षा 8वीं, नौवीं की हिंदी भाषा की किताब से सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता को हटा दिया गया है।

