अशोकनगर के धनपाल यादव नामक किसान ने सल्फास खाकर जान दी थी, दिव्या गुप्ता ने उसे नशेड़ी और खेत मजदूर बताया, जबकि किसान सात बीघा जमीन का मालिक है
इंदौर ।अशोकनगर के पिपलोद गांव के किसान धनपाल यादव ने खाद नहीं मिलने से सल्फास खा कर आत्महत्या कर ली थी ,लेकिन सत्ता के नशे में चूर भारतीय जनता पार्टी के नेता परेशान किसान को मरने के बाद भी अपमानित करने का काम कर रहे हैं । गत दिवस एक टीवी चैनल पर आयोजित खाद संकट को लेकर चर्चा में बोलते हुए भाजपा मध्यप्रदेश की प्रवक्ता डॉ दिव्या गुप्ता ने उक्त किसान को नशेड़ी बताया था तथा कहा था कि नशे में उसने सल्फास खाकर जान दी है । खाद संकट से उसका कोई लेना-देना नहीं है दिव्या गुप्ता ने यह भी कहा था कि वह सही में किसान भी नहीं है ,वह खेत मजदूर है ।जबकि हकीकत इसके विपरीत है। संयुक्त किसान मोर्चा इंदौर के नेताओं ने गलत बयानी और झूठ बोलने के लिए दिव्या गुप्ता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है ।
गौरतलब है कि पूरे चंबल संभाग में और गुना जिले में खाद का भयंकर संकट है और लोग रात दिन खाद की 10 – 5 बोरी के लिए एक कर रहे हैं । यहां तक कि घर की महिलाएं भी लाइनों में लगी हुई है । खाद से परेशान किसानों पर पहले शिवराज सरकार लाठी चलाती है और फिर भी संतोष नहीं होता है तो खाद संकट से जूझ रहे किसान को अपमानित करने का काम कर रही है ।संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, सोनू शर्मा ने बताया कि टीवी परिचर्चा में भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ दिव्या गुप्ता ने अशोकनगर के आत्महत्या करने वाले किसान धनपाल यादव को इसी तरह अपमानित किया है । जो सरासर सत्ता के मद में चूर भाजपा नेताओं को अत्यंत शर्मनाक कृत्य है ।संयुक्त किसान मोर्चा इंदौर के नेता सर्वश्री रामस्वरूप मंत्री, सोनू शर्मा, बबलू जाधव, अरुण चौहान आदि ने जारी एक बयान में दिव्या गुप्ता सहित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगे । क्योंकि खाद्य संकट के लिए आपकी सरकार ही जिम्मेदार है और इसके लिए किसानों को अपमानित करने का काम ना करें। आज जारी एक बयान में इन नेताओं ने दिव्या गुप्ता सहित मुख्यमंत्री को चेतावनी दी है कि टीवी चैनलों पर झूठ बोलने के लिए वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगे ।आपने बताया कि आत्महत्या करने वाला किसान न तो नशेड़ी है और ना ही खेत मजदूर ,वह अशोकनगर जिले की 7 बीघा जमीन का मालिक है और खाद से संकट से जूझते हुए ही उसने सल्फास खाकर जान दी है । अपनी असफलता छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोलने और केवल लफ्फाजी करने वाली सरकार को निश्चित रूप से माफी मांगना चाहिए । नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो संयुक्त किसान मोर्चा 7 नवंबर को आंदोलन करने पर मजबूर होगा ।

