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यूएस वीजा अस्वीकार होने पर डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली; बंगाल में विरोध करने पर महिला को ट्रेन से धकेला

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आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की 38 वर्षीय महिला डॉक्टर ने अमेरिकी वीजा नहीं मिलने से अवसाद के कारण हैदराबाद स्थित अपने फ्लैट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार को तब सामने आई, जब परिवार के सदस्यों ने दरवाजा खटखटाने पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर दरवाजा तोड़ा और उसे मृत पाया। पुलिस ने बताया कि मृतका रोहिणी के दरवाजा न खोलने पर घरेलू सहायिका ने ही उसके परिवार वालों को इसकी सूचना दी थी।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारी ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर बताया कि ऐसा संदेह है कि उसने शुक्रवार रात नींद की गोलियों का ओवरडोज ले लिया था या खुद को इंजेक्शन लगा लिया था। उन्होंने बताया कि मौत का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है, क्योंकि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। घर से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि वह अवसाद में थी और इसमें वीजा आवेदन खारिज होने का भी जिक्र है।

बंगाल: पूर्व मेदिनीपुर में झपटमारों का विरोध करने पर महिला को ट्रेन से धक्का दिया गया, दो गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में कोलाघाट के निकट रविवार को एक महिला यात्री को कथित तौर पर हावड़ा-पुरी धौली एक्सप्रेस से धक्का दे दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला यात्री ने छीनाझपटी का विरोध किया था। बाद में ग्रामीणों ने दो लुटेरों को गिरफ्तार कर रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया।

अधिकारी ने उनके परिवार और स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया कि सरमा हाजरा ने जब उन दो झपटमारों का विरोध किया, जिन्होंने उनके गले से सोने की चेन खींचने की कोशिश की, तो उन्हें चलती ट्रेन से धक्का दे दिया गया। ट्रेन धीमी गति से चल रही थी, इसलिए दोनों झपटमार भी भागने के लिए ट्रेन से कूद गए।

हाजरा पटरी के किनारे गिर पड़ी और मदद के लिए चिल्लाने लगी। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे बचाया, साथ ही दो आरोपियों को भी पकड़ लिया, जिनकी पिटाई करने के बाद रेलवे पुलिस को सौंप दिया गया।

असम आंदोलन पर गैर-सरकारी पैनल की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी: मुख्यमंत्री

असम मंत्रिमंडल ने रविवार को फैसला किया कि घुसपैठ विरोधी असम आंदोलन के दौरान हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए नागरिक समाज संगठनों के कहने पर गठित एक गैर-सरकारी आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह जानकारी दी।

उन्होंने दावा किया कि यह पहली बार होगा कि गैर-सरकारी एजेंसियों द्वारा गठित आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी, जब मंगलवार से पांच दिवसीय सत्र शुरू होगा। मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा, “ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) ने कहा है कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) टीयू मेहता आयोग की रिपोर्ट, जिसका गठन मुक्ति संग्राम समिति और आंदोलनकारियों ने किया था, को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि लोगों को सभी पक्षों की जानकारी मिल सके।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने गैर-सरकारी आयोग की रिपोर्ट को सदन में पेश करने की मंजूरी दे दी है, जिससे पहली बार निजी तौर पर गठित समिति के निष्कर्ष सदन में रखे जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हमने तिवारी आयोग की रिपोर्ट की प्रतियां भी रखने का निर्णय लिया है, जिसका गठन 1983 में उस वर्ष हुई हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए किया गया था।” बता दें कि 
छह साल तक चले असम आंदोलन का समापन अगस्त 1985 में असम समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हुआ, हालांकि अवैध प्रवासियों की समस्या, जिसके लिए यह आंदोलन हुआ था, राज्य में अभी भी बनी हुई है।

कासरगोड में भीड़भाड़ के कारण संगीत समारोह रोका गया

केरल के कासरगोड में रविवार रात एक संगीत कार्यक्रम को रोक दिया गया, क्योंकि अत्यधिक भीड़ के कारण दर्शकों के बीच अफरा-तफरी और असुविधा पैदा हो गई थी। मलयालम गायक हनान शाह की प्रस्तुति वाला यह संगीत कार्यक्रम बस स्टैंड के निकट मैदान में एक प्रदर्शनी के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे भारी भीड़भाड़ हो गई और कई लोगों को शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इलाके में पुलिस तैनात थी, लेकिन रात करीब 9 बजे तक भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना के तुरंत बाद लगभग 10 लोगों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अधिक पुलिसकर्मी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और आगे कोई विवाद न हो इसके लिए दर्शकों को वहां से हटने का निर्देश दिया।

हालांकि, पुलिस ने बताया कि जब कई लोगों ने जाने से इनकार कर दिया तो संगीत कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। बाद में पुलिस ने मौके पर ही डटे रहने पर अड़े भीड़ के एक हिस्से को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। कासरगोड पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और अस्पताल में भर्ती लोगों की हालत स्थिर है।

तेलंगाना : फंदे से लटके मिले परिवार के 3 सदस्य
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक ही परिवार के तीन सदस्य घर में फंदे से लटके मिले। पुलिस के मुताबिक, यह वारदात शनिवार रात अंबरपेट पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई। मृतकों में दंपती सहित उनकी बेटी शामिल हैं। पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की आगे जांच कर रही है। 

बंगलूरू में चार्टर्ड विमान के पायलट ने किया क्रू मेंबर का यौन उत्पीड़न, केस
एक चार्टर्ड विमान के चालक दल की सदस्य के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में उसके पायलट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने रविवार को बताया कि यह घटना 18 नवंबर को बंगलूरू के एक होटल में हुई थी लेकिन पीड़िता ने हैदराबाद में इसकी जीरो एफआईआर दर्ज कराई है। हैदराबाद लौटने के बाद 26 वर्षीय पीड़िता ने यहां घटना की सूचना दी। 

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