इंदौर
मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग (MPPSC) की मुख्य परीक्षा 2019 रविवार से शुरू हो गई। 26 मार्च तक चलने वाली परीक्षा के लिए इंदौर में 13 सेंटर पर बनाए गए हैं। पहले दिन रविवार को लाॅकडाउन होने के बाद भी करीब-करीब 95 फीसदी परीक्षार्थी सेंटर पर पहुंचे। सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक परीक्षार्थियों ने पेपर हल किए। कोविड को देखते हुए इंदौर में ओल्ड जीडीसी (शासकीय माता जीजाबाई गर्ल्स पीजी कॉलेज) में कोविड अभ्यर्थियों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। सेंटर में चार अभ्यर्थियों ने पेपर दिए। यहां पर डॉक्टरों ने पीपीई किट पहनकर ड्यूटी की।
डॉक्टर जगन्नाथ मीना ने बताया, शनिवार को 6 कोरोना पेशेंट की जानकारी दी गई थी। इन्हें लेने सुबह 8 बजे निकले। इसमें से दो मरीजों की तबीयत ज्यादा खराब होने से उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं, दो को बुखार आने से वे पेपर देने नहीं आए। यहां से दो लोगों को लेकर सेंटर पहुंचे। वहीं, दो अन्य लोग जिन्होंने जानकारी अपडेट नहीं करवाई थी। वे अपने वाहन से ही पेपर देने पहुंचे। संक्रमितों को घर से लाकर एक्जाम दिलवाने तक की जिम्मेदारी डॉक्टर वैभव, स्टाफ नर्स पुष्पा, उर्वशी, 108 टेक्नीशियन देव माैर्य, ड्राइवर छन्नू पाल और मेरी थी। सेंटर पर पहुंचने के बाद इन्हें पहले सैनिटाइज करवाया गया, तापमान मापा गया। नए ग्लव्ज और मास्क दिए गए। इन्हें हॉल में चारों कोनों पर दूर-दूर बिठाया गया था।
उन्होंने बताया, सुबह काॅपी देने के पहले उसे अल्ट्रावॉयलेट किरणों से गुजारा गया। परीक्षा खत्म होने के बाद फिर से ऐसी प्रोसेस की गई, फिर उन्हें सील कर दिया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों को उनके घर छोड़ा। डॉक्टर वैभव गुप्ता ने बताया, परीक्षा में दो ड्यूटी डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स तैनात थीं। संक्रमित इंदौर की ही अलग-अलग लोकेशन से थे और होम आइसोलेशन में थे।
एक साल से कोविड सेंटर पर कर रहा हूं ड्यूटी
डॉक्टर जगन्नाथ ने बताया, कोविड मरीज 10 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहते हैं, तब तक हम उनका ख्याल रखते हैं। पिछले एक साल से यह काम कर रहा हूं। पहले कोविड केयर सेंटर पर था। अभी फिर से काफी तेजी से मरीज सामने आने लगे। जनवरी, फरवरी में लग रहा था कि हम कोविड को हरा चुके हैं, लेकिन फिर से संक्रमण बढ़ गया।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तरपुस्तिका को अल्ट्रावॉयलेट किरणों से होकर गुजारा गया।
इन सेंटरों में परीक्षा
होलकर साइंस कॉलेज, जीएसीसी, ओल्ड जीडीसी, न्यू जीडीसी, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मालवा नवीन गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल, बंगाली स्कूल, महाराजा शिवाजी राव स्कूल, यूनिवर्सिटी का आईईटी, सराफा विद्या निकेतन, मालव लक्ष्मण सिंह गौड़ हायर सेकंडरी स्कूल, क्लॉथ मार्केट वैष्णव बाल मंदिर, होलकर साइंस कॉलेज एकेडमिक ब्लॉक फर्स्ट फ्लोर।कोरोना पॉजिटिव के लिए अलग से सेंटर
संयुक्त आयुक्त राजस्व इंदौर संभाग सपना सोलंकी ने बताया, शहर में पॉजिटिव अभ्यर्थियों के लिए माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, मोती तबेला में परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। यहां अभ्यर्थियों को प्रोटोकॉल के तहत चिकित्सकीय संसाधनों से सुसज्जित एम्बुलेंस/वैन आदि से परीक्षा केंद्र लाने ले जाने की व्यवस्था की गई है। केंद्र पर पर्याप्त चिकित्सक, नर्स व एम्बुलेंस आदि की व्यवस्था रही। परीक्षार्थियों को पीपीई कीट, पानी की बोतल समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी यहां उपलब्ध करवाई गई।
कोरोना गाइडलाइन का पालन
परीक्षा केंद्र पर थर्मल स्क्रीनिंग हुई। मास्क बिना एंट्री नहीं थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना जरूरी था। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, घड़ी और समेत पहले की परीक्षा में प्रतिबंधित चीजें लेकर जाने पर रोक थी। यहां लड़कियों के बाल तक चेक किए गए।
प्रदेश में यहां सेंटर
भोपाल, रतलाम, सतना, जबलपुर, ग्वालियर, शहडोल और छिंदवाड़ा।

