अग्नि आलोक

क्या किसी कलेक्टर की क्षमता है कि वो नॉर्मल कोरोंना संक्रमण के प्राइवेट अस्पतालों में ईलाज के ये बिल भर सके!

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इंदौर! 17 मार्च 2021 की शाम 7 बजे राजेश अग्रवाल निवासी गोयल नगर इंदौर अपनी 82 वर्षीय बुजुर्ग माँ को जिसे जांच मे कोरोंना संक्रमित पाया गया था को लेकर ए. बी रोड स्थित CHL अपोलो अस्पताल जाता है. अस्पताल प्रबंधन द्वारा बुजुर्ग महिला को तत्काल आई सी यू मे भर्ती किया जाता है! 1 दिन आई सी यू मे भर्ती करने के बाद, 18 मार्च को महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है! 4 दिन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रहने के बाद महिला की कोरोना रिपोर्ट निगेटीव आ जाती है! फिर महिला को सेमी प्राइवेट वार्ड में भर्ती कर दिया जाता है! जहा 3 दिन भर्ती रहने के बाद 25 मार्च को सुबह छुट्टी दे दी जाती है! इन 7 दिनों में अस्पताल में भर्ती रहने का बिल महिला के पुत्र को दिया जाता है 3 लाख 1 हजार 16 रुपए! तकरीबन 40 हजार रुपए रोज!?

और ये सब चार्जस जो लगाए गए हैं वो इंदौर कलेक्टर द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार है! जो निम्नानुसार है – –

आई सी यू का 1 दिन का चार्ज – – – 11000 रुपए

यहां यह ध्यान देने की बात है कि कोरोंना संक्रमित मरीज दो तरह का होता है! पहला नॉर्मल जिसे सिर्फ, सर्दी, खासी और बुखार होता है जो साधारण दवा, सावधानी और होम कोरोंनटाईन से ठीक हो जाता है! दूसरा जिसे फेफड़े मे संक्रमण और साँस लेने में तकलीफ हो इस तरह का कोरोंना संक्रमण घातक होता है!99 फीसदी से ज्यादा मरीज साधारण रूप से कोरोंना संक्रमित होते हैं!प्रदीप मिश्रा 

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