प्रसिद्ध जैन तीर्थ सम्मेद शिखर की पार्श्वनाथ टोंक तक जाने के लिए रोप-वे लगाने की केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजना का जैन समाज ने मुखर होकर विरोध करना प्रारंभ कर दिया है। साथ ही सम्मेदशिखर पर्वत पर वन्दना हेतु अशक्त यात्रियों को ले जाने, ले आने वाले वाले हजारों डोली-गोदी मजदूर भी रोप-वे के विरोध में सड़क पर उतर आये हैं। इन मजदूरों को अन्देशा है कि जैन समाज यह परियोजना कार्यान्वित करवा रही है, इसलिये इन मजदूरों ने जैन समाज के विरोध में भी नारेवाजी की है। जबकि परियोजना की भनक लगते ही जैन समाज ने इस परियोजना का विरोध करना प्रारंभ कर दिया है।

ज्ञातव्य है कि सम्मेदशिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित किये जाने का जैन श्रद्धालुओं ने पुरजोर विरोध किया था, जिसे सरकार ने वापिस ले लिया था, अब रोप-वे लगाकर उसे पर्यटन ़क्षेत्र घोषित किये बिना ही पर्यटन स्थल बना दिया जायगा, जिसके कारण इस क्षेत्र पर अन्य कब्जे और तनाव की स्थितियाँ बनेंगीं।
कई सस्थाओं ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री किशन जी रेड्डी और सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी को पार्श्वनाथ पर्वत सम्मेद शिखर पर रोप-वे लगाने की परियोजना के विरोध में आपत्ति पत्र लिखे हैं।
डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’
22/, रामगंज, जिंसी, इन्दौर
9826091247