एस पी मित्तल, अजमेर
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत प्रशासन ने अजमेर के आनासागर के किनारे बर्ड पार्क बनाया है, इसी बर्ड पार्क का उद्देश्य पक्षियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाना है। जब विभिन्न प्रजातियों के पक्षी आएंगे तो अजमेर खासकर आनासागर का क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से निखरेगा। कोयल की आवाज और चिडिय़ों की चहचहाट से ही मन प्रफुल्लित हो जाता है। वैशाली नगर के सागर विहार कॉलोनी के निकट सुरक्षित स्थान को देखते हुए ही आनासागर में बर्ड पार्क का निर्माण करवाया गया। लेकिन अब इस बर्ड पार्क को लालची इंसान ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। चूंकि बर्ड पार्क की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है, इसलिए पार्क में उगी घास को तेजी से काटा जा रहा है। दर्जनों महिला-पुरुष प्रतिदिन सुबह पार्क में अवैध रूप से घुसकर घास को काटते हैं और फिर बाजार में ऊंची कीमत पर बेच देते हैं। इसी प्रकार कुछ युवक रोजाना मछलियां पकड़ते हैं। मछलियों को भी बाजार में बेचा जाता है। सागर विहार कॉलोनी में रहने वाले पर्यावरण प्रेमी और प्रदेश के सुप्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. राजेंद्र तेला बर्ड पार्क की दुर्दशा से चिंतित हैं। डॉ. तेला का कहना है कि पार्क में घास जितनी ऊंची और सघन होगी उतने ही पक्षी आकर्षित होंगे। विभिन्न प्रजातियों की चिडिय़ां ऊंची घास में ही अंडे देती है। लेकिन ऊंची घास को काटने के कारण पक्षियों का आकर्षण कम हो रहा है। चूंकि आनासागर में मछलियां भी हैं, इसलिए पक्षियों को भोजन भी आसानी से मिल जाता है। लेकिन जब बड़ी मछलियों को पकडऩे के लिए युवकों का गिरोह आता है तो चिडिय़ां और अन्य पक्षी भाग जाते हैं। डॉ. तेला ने कहा कि बर्ड पार्क उचित स्थान पर बना है, लेकिन इंसानों के लालच के कारण इस पार्क की दुर्दशा हो रही है। प्रशासन और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को चाहिए कि बर्ड पार्क में चौकीदार नियुक्त करे ताकि मछलियां पकड़ने और घास काटने वालों पर रोक लग सके। डॉ. तेला ने कहा कि बर्ड पार्क की दुर्दशा से पर्यावरण प्रेमी बेहद दुखी हैं।

